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यूपी बना देश का 50% गन्ना उत्पादक: 48 लाख किसान और ₹32,795 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान — गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने जारी की 10 साल की ऐतिहासिक रिपोर्ट

Aamir Raza Sep 13, 2026 4 min read
यूपी बना देश का 50% गन्ना उत्पादक: 48 लाख किसान और ₹32,795 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान — गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने जारी की 10 साल की ऐतिहासिक रिपोर्ट
अंतिम अपडेट: September 13, 2026 10:20 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 13 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्र ने पिछले एक दशक में अभूतपूर्व बदलाव देखा है। प्रदेश सरकार और गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी 10 वर्षों की समग्र समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब पूरे भारत के कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत (आधा हिस्सा) अकेले उत्पादित करने वाला निर्विवाद सिरमौर राज्य बन गया है। न केवल चीनी उत्पादन, बल्कि देश के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की समृद्धि में भी यूपी सबसे बड़ा स्तंभ बनकर उभरा है।

उत्तर प्रदेश की गन्ना आयुक्त और राज्य चीनी निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक मिनिस्ती एस. (Ministhy S., IAS) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि — “एक दशक पहले उत्तर प्रदेश की गन्ना अर्थव्यवस्था भुगतान में भारी विलंब, कागजी जंजाल, सूचना प्रणाली के बिखराव और तकनीकी पिछड़ेपन से जूझ रही थी। लेकिन पिछले 10 वर्षों में ‘किसान को केंद्र में रखकर’ बनाई गई नीतियों, डिजिटल पारदर्शी व्यवस्था (eGanna App) और संस्थागत सुधारों ने यूपी के गन्ना क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है।”


📊 10 साल का ऐतिहासिक सफर: 2015-16 बनाम 2025-26 तुलनात्मक आंकड़े

प्रमुख मानक (Key Indicators)वर्ष 2015-16वर्ष 2025-26 (वर्तमान स्थिति)कुल प्रतिशत वृद्धि
वार्षिक गन्ना उत्पादन1,364 लाख टन2,362 लाख टन+73.1% की भारी बढ़ोतरी
पंजीकृत सट्टाधारक किसान (Bonded Farmers)~33.5 लाख48,03,084 (लगभग 48.03 लाख)+43.3% अधिक किसान जुड़े
वार्षिक गन्ना मूल्य भुगतान~₹18,000 करोड़₹32,795 करोड़ से अधिक+82.2% वार्षिक भुगतान बढ़ा
औसत गन्ना उत्पादकता (Yield)66.4 टन/हेक्टेयर84.2 टन/हेक्टेयर+26.8% प्रति हेक्टेयर वृद्धि
डिजिटल पर्ची वितरण (SMS / App)शून्य (100% कागजी)100% डिजिटल (eGanna / CaneUp)बिचौलियों और माफिया का खात्मा
कुल संचयी भुगतान (Cumulative Payout)₹3.25 लाख करोड़ से अधिकदेश में सर्वाधिक

🚀 यूपी के कायाकल्प के 4 मुख्य आधार स्तंभ

1. डिजिटल गवर्नेंस और ई-गन्ना (eGanna) क्रांति

पहले किसानों को अपनी पर्चियों के लिए गन्ना समितियों और दलालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ई-गन्ना ऐप और caneup.in पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के 48 लाख किसानों को उनके मोबाइल पर तौल से 72 घंटे पहले सीधे डिजिटल एसएमएस पर्ची प्राप्त होती है। जीपीएस (GPS) आधारित खेत सर्वे से फर्जी सट्टेबाजी और पर्ची माफिया का पूरी तरह खात्मा हो चुका है।

2. एथेनॉल उत्पादन में देश का नंबर-1 हब

उत्तर प्रदेश ने केवल सफेद चीनी बनाने पर निर्भरता खत्म करके गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे (B-Heavy Molasses) से एथेनॉल बनाने में देश में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश की डिस्टिलरियों की वार्षिक एथेनॉल उत्पादन क्षमता 160 करोड़ लीटर पार कर चुकी है, जिससे चीनी मिलों को अतिरिक्त नकदी (Cash Flow) मिलती है और किसानों के भुगतान में तेजी आई है।

3. उन्नत व वैज्ञानिक कृषि तकनीक (ट्रेंच व सहफसली खेती)

गन्ना शोध परिषदों के माध्यम से ट्रेंच विधि (Trench Method), रिंग पिट विधि और गन्ने के साथ सरसों, आलू व दलहन की सहफसली खेती को बढ़ावा दिया गया। इससे किसानों की प्रति एकड़ लागत 20% घटी और शुद्ध मुनाफा दोगुना हुआ।

4. एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) व्यवस्था

राज्य सरकार ने चीनी मिलों की चीनी, शीरा और एथेनॉल बिक्री से होने वाली आय का 85% हिस्सा सीधे एस्क्रो खाते में जमा कराने का कड़ा नियम लागू किया। इसी एस्क्रो खाते से सीधे किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से भुगतान भेजा जाता है, जिससे मिल मालिक किसानों का पैसा दूसरे धंधों में नहीं फंसा सकते।


🎯 पेराई सत्र 2026-27 के लिए नए लक्ष्य

गन्ना आयुक्त कार्यालय ने नए पेराई सत्र 2026-27 के लिए तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं:

  1. 14 दिन भुगतान गारंटी: शेष बकाएदार चीनी मिलों पर वित्तीय नकेल कसकर 100% भुगतान 14 दिन की वैधानिक सीमा के अंदर कराना।
  2. रेड रॉट प्रतिरोधी किस्में: पुरानी Co-0238 प्रजाति के स्थान पर Co-0118, Co-15023 और CoS-13235 जैसी नई किस्मों का 100% बीज प्रतिस्थापन।
  3. महिला व लघु किसानों को प्राथमिकता: 90 क्विंटल तक सट्टा रखने वाले लघु किसानों को मात्र 45 दिनों के अंदर पूरी पर्चियां जारी करना।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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