गन्ना शोध परिषद की सितंबर एडवाइजरी — पोटाश व जिंक के छिड़काव से 0.5% बढ़ेगी चीनी रिकवरी

शाहजहांपुर / लखनऊ: उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR), शाहजहांपुर के मृदा रसायन एवं पादप पोषण वैज्ञानिकों ने प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए सितंबर माह की विशेष फसल पोषण एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार सितंबर का महीना गन्ने की वानस्पतिक बढ़वार (Vegetative Growth) के समापन और तने में सुक्रोज (चीनी तत्व) संचय का सबसे संवेदनशील समय होता है। इस समय सही सूक्ष्म पोषक तत्वों का पर्णीय छिड़काव (Foliar Spray) करने से गन्ने के वजन में 10 से 15% और चीनी की रिकवरी में 0.5% तक की सीधी बढ़ोतरी हासिल की जा सकती है।
गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. वी.के. शुक्ला ने बताया कि अगस्त में हुई भारी मानसूनी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण गन्ने की जड़ों से नाइट्रोजन और पोटाश के पोषक तत्व जमीन की निचली सतह में चले गए हैं, जिससे गन्ने की निचली पत्तियां पीली पड़ रही हैं। इस स्थिति में जमीन में दानेदार खाद देने के बजाय पत्तियों पर सीधा स्प्रे करना सबसे सस्ता और तुरंत असरदार उपाय है।
वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित 0:0:50 व जिंक का स्प्रे फॉर्मूला
गन्ना शोध परिषद ने किसानों के लिए प्रति एकड़ निम्नलिखित स्प्रे संयोजन की सिफारिश की है:
| उर्वरक / पोषक तत्व | प्रति एकड़ आवश्यक मात्रा | 200 लीटर पानी में घोल का अनुपात | मुख्य लाभ |
|---|---|---|---|
| एनपीके 0:0:50 (पोटेशियम सल्फेट) | 2.0 किलोग्राम | 10 ग्राम प्रति लीटर पानी | तने में चीनी संचय, तने की मोटाई और वजन में वृद्धि |
| चिलेटेड जिंक (Zn-EDTA 12%) | 250 ग्राम | 1.25 ग्राम प्रति लीटर पानी | प्रकाश संश्लेषण तेज, पत्तियों का गहरा हरा रंग |
| बोरॉन (20% सोलुबोर) | 200 ग्राम | 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी | तने को फटने से रोकना व मिठास बढ़ाना |
| यूरिया (नाइट्रोजन बूस्टर) | 1.5 किलोग्राम | 7.5 ग्राम प्रति लीटर पानी | पत्तियों द्वारा पोषक तत्वों का त्वरित अवशोषण |
छिड़काव करते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण सावधानियां
- स्प्रे का सही समय: हमेशा सुबह 8:00 से 11:00 बजे के बीच या शाम 4:00 बजे के बाद जब धूप हल्की हो, तभी छिड़काव करें। तेज धूप या दोपहर में स्प्रे करने से पत्तियों के झुलसने का खतरा रहता है।
- घोल बनाने का तरीका: पोटाश, जिंक और बोरॉन को अलग-अलग बाल्टियों में थोड़े पानी में घोलें और फिर स्प्रे टैंक में एक साथ मिलाकर 200 लीटर पानी का कुल वॉल्यूम तैयार करें।
- नेपसैक ब्लोअर या ड्रोन का प्रयोग: चूंकि सितंबर में गन्ने की ऊंचाई 10 से 12 फीट हो जाती है, इसलिए किसान भाई पावर स्प्रेयर, ट्रैक्टर-माउंटेड बूम स्प्रेयर या अधिकृत किसान ड्रोन की मदद से समान रूप से छिड़काव कराएं।
- जलभराव वाले खेतों में प्राथमिकता: जिन खेतों में अभी भी पानी भरा है या मिट्टी में अत्यधिक नमी है, वहां यह स्प्रे संजीवनी का काम करता है क्योंकि जड़ें इस समय मिट्टी से खुराक खींचने में असमर्थ होती हैं।
वैज्ञानिकों ने किसानों को आगाह किया है कि सितंबर माह में जमीन में अत्यधिक यूरिया (नाइट्रोजन) डालने से बचें, क्योंकि इससे गन्ने की पकी हुई फसल में पानी की मात्रा बढ़ जाती है और चीनी की रिकवरी घट जाती है।
टॉप बोरर और पोक्का बोईंग के शुरुआती लक्षणों पर सतर्कता
पोषक तत्वों के छिड़काव के साथ-साथ वैज्ञानिकों ने चोटी बेधक (Top Borer) कीट की चौथी पीढ़ी के संभावित प्रकोप के प्रति भी चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि गन्ने की गोभ (शूट) में छोटे-छोटे गोल छेद या पत्तियों पर सफेद धारियां दिखें, तो किसान भाई पोटाश के घोल के साथ अनुशंसित कीटनाशक क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (Coragen) या पाइराक्लोस्ट्रोबिन को मिलाकर एक ही बार में स्प्रे करा सकते हैं।
गन्ना शोध परिषद ने सभी जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कृषि रक्षा इकाइयों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सब्सिडी पर सूक्ष्म पोषक तत्व और फफूंदनाशक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
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