पश्चिमी यूपी में यूरिया की किल्लत पर ब्रेक — इफको की 12 विशेष मालगाड़ी रैक से 40,000 टन आपूर्ति, ₹266.50 प्रति बोरी की दर तय

मुख्य बिंदु (Quick Summary): उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में फसलों की बढ़वार (Top Dressing) और शरदकालीन बुवाई की तैयारी के बीच यूरिया की मांग को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे के सहयोग से इफको और कृभको की 12 विशेष मालगाड़ी रैक द्वारा 40,000 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि 45 किलोग्राम की बोरी निर्धारित सरकारी मूल्य ₹266.50 पर ही मिलेगी और पॉस मशीन से पारदर्शी वितरण कराया जा रहा है।
सहारनपुर/मेरठ/मुरादाबाद (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 12 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए डीएपी के बाद अब यूरिया उर्वरक की आपूर्ति को लेकर भी शासन स्तर से बड़ा कदम उठाया गया है। सितंबर माह में गन्ने की तीव्र बढ़वार और आगामी शरदकालीन बुवाई के बाद पहली सिंचाई हेतु राज्य के विभिन्न जनपदों में यूरिया की खपत अचानक बढ़ गई थी। इसे देखते हुए केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय और राज्य सहकारिता विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर 40,000 मीट्रिक टन यूरिया की 12 नई रेलवे रैक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख गुड्स शेड पर उतार दी हैं।
आज सुबह से ही सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बिजनौर और अमरोहा की साधन सहकारी समितियों और इफको किसान सेवा केंद्रों पर ट्रकों से माल की सीधी अनलोडिंग और वितरण शुरू हो गया है।
📦 रेलवे रैक प्वाइंट और आपूर्ति का जिला-वार ब्योरा
| रेलवे गुड्स शेड (Point) | रैक संख्या | आवंटित यूरिया मात्रा (MT) | प्रमुख आपूर्ति क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| सहारनपुर गुड्स शेड | 3 रैक | 9,800 MT | सहारनपुर, देवबंद, नकुड़, शामली |
| मुजफ्फरनगर / मेरठ | 3 रैक | 10,200 MT | खतौली, बुढ़ाना, मवाना, सरधना, बागपत |
| मुरादाबाद / चन्दौसी | 3 रैक | 10,500 MT | मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर |
| बरेली / पीलीभीत | 2 रैक | 6,500 MT | बरेली, पीलीभीत, बहेड़ी, फरीदपुर |
| सीतापुर / शाहजहांपुर | 1 रैक | 3,000 MT | लखीमपुर खीरी व सीतापुर तराई बेल्ट |
| कुल खेप | 12 रैक | 40,000 MT | 1,280 प्राथमिक सहकारी समितियां |
🛑 कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर सख्त पाबंदी
कृषि निदेशक (उर्वरक) ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
- निर्धारित मूल्य ₹266.50: 45 किलो वाली नीम कोटेड यूरिया की बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 है। किसी भी परिस्थिति में किसान से एक रुपया भी अधिक नहीं वसूला जाएगा।
- टैगिंग पर एफआईआर: यदि कोई निजी विक्रेता यूरिया के साथ जबरन नैनो यूरिया, जिंक, सल्फर या कीटनाशक की बोतल थमाता है, तो उसका उर्वरक बिक्री लाइसेंस तुरंत रद्द कर आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
- पॉस (PoS) मशीन से वितरण: प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड पॉस मशीन पर किसान के अंगूठे के निशान और आधार संख्या से ही दर्ज होगा।
🌾 वैज्ञानिकों की सलाह: नैनो यूरिया का पर्णीय छिड़काव करें
कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि इस समय भारी बारिश के बाद जमीन में दानेदार यूरिया बिखेरने से 60% नाइट्रोजन बहकर या लीच होकर नष्ट हो जाती है। इसके बजाय 500 मिली इफको नैनो यूरिया (तरल) को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ गन्ने की पत्तियों पर छिड़कें। इससे पौधों को 85% नाइट्रोजन सीधे पत्तियों द्वारा प्राप्त होती है और फसल में तुरंत गहरा हरापन व कल्ले आते हैं।
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