पश्चिमी यूपी में गुड़-खांडसारी कोल्हू शुरू: ₹360 से ₹380 प्रति क्विंटल पर कच्चा गन्ना खरीद — मिलें चलने से पहले किसानों को मिल रहा नकद पैसा

मुजफ्फरनगर / शामली / मेरठ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): उत्तर प्रदेश की एशिया प्रसिद्ध गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर और आसपास के जनपदों (शामली, मेरठ, बागपत, बिजनौर) के ग्रामीण अंचलों में गन्ने के कोल्हू और खांडसारी क्रशरों की चिमनियों से धुआं उठना शुरू हो गया है। करवाचौथ, दीपावली और छठ पूजा के पावन त्योहारों के मद्देनजर बाजार में ताज़ा ‘नया गुड़’ और शक्कर की भारी मांग को पूरा करने के लिए कोल्हू संचालकों ने भट्ठियां सुलगा दी हैं।
वर्तमान में कोल्हू संचालक किसानों को ₹360 से ₹380 प्रति क्विंटल का नकद भुगतान (Instant Cash Payment) तौल के तुरंत बाद कांटे पर ही कर रहे हैं। चीनी मिलों के देर से चलने और पुराने बकाये के डर से कई किसान अपनी अगेती पेड़ी फसल कोल्हू पर बेचना पसंद कर रहे हैं।
🌾 किसानों को कोल्हू पर गन्ना डालने से क्या 3 बड़े फायदे हो रहे हैं?
- कांटे पर ही हाथों-हाथ नकद भुगतान: चीनी मिलों की तरह 14 दिन या महीनों तक बैंक खाते का इंतजार नहीं करना पड़ता। किसान शाम को गन्ना तौलवाकर तुरंत नकद रकम घर ले जाते हैं, जिससे खाद-बीज की जरूरत पूरी होती है।
- रबी फसलों (आलू, सरसों, मटर) के लिए खेत खाली: जो किसान अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आलू या लाही/सरसों बोना चाहते हैं, उनके लिए कोल्हू एक वरदान साबित हो रहा है क्योंकि वे खेत को समय पर खाली कर पा रहे हैं।
- अगौला (Cane Tops) का हरा चारा: कोल्हू पर गन्ना डालने से पशुओं के लिए भरपूर हरा अगौला प्राप्त हो रहा है, जिससे चारे की समस्या समाप्त हो गई है।
📈 मुजफ्फरनगर व शामली गुड़ मंडी के वर्तमान भाव (प्रति मन / 40 किग्रा)
| गुड़ की किस्म (Jaggery Type) | थोक भाव (प्रति 40 किग्रा) | प्रति क्विंटल दर | मुख्य मांग क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| ताज़ा नया गुड़ (बाल्टी गुड़) | ₹1,720 - ₹1,800 | ₹4,300 - ₹4,500 | दिल्ली, गुजरात, राजस्थान |
| देसी शक्कर (Brown Sugar) | ₹1,850 - ₹1,950 | ₹4,625 - ₹4,875 | पंजाब, हरियाणा, एनसीआर |
| मसाला गुड़ (Dry Fruit Jaggery) | ₹2,200 - ₹2,400 | ₹5,500 - ₹6,000 | प्रीमियम एक्सपोर्ट व मेट्रो |
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या कोल्हू पर गन्ना डालने से चीनी मिल का बेसिक कोटा कम होता है?
उत्तर: यदि किसान ने अपने बेसिक कोटे का 85% गन्ना सुरक्षित रखा है, तो अतिरिक्त गन्ने को कोल्हू पर डालने से मिल के बेसिक सट्टे पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
प्रश्न 2: कोल्हू पर तौल में घटतौली से कैसे बचें?
उत्तर: किसान भाई अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली का वजन पहले किसी अधिकृत सरकारी धर्मकांटे पर करा लें और फिर कोल्हू के कांटे से मिलान करने के बाद ही गन्ना खाली करें।
प्रश्न 3: खांडसारी क्रशर और सामान्य कोल्हू में क्या अंतर है?
उत्तर: खांडसारी क्रशर बड़ी आधुनिक इकाइयां होती हैं जो प्रतिदिन 500 से 1,000 क्विंटल गन्ना पेरती हैं और सफेद खांड बनाती हैं, जबकि पारंपरिक कोल्हू प्रतिदिन 100-200 क्विंटल गन्ना पेरकर गुड़ बनाते हैं।
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