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पश्चिमी यूपी की 42 चीनी मिलों में 15 सितंबर से बॉयलर पूजन — खतौली, दौराला, धामपुर में तैयारियां पूरी

Aamir Raza Aamir Raza Sep 10, 2026 2 min read
पश्चिमी यूपी की 42 चीनी मिलों में 15 सितंबर से बॉयलर पूजन — खतौली, दौराला, धामपुर में तैयारियां पूरी
अंतिम अपडेट: September 10, 2026 9:45 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुजफ्फरनगर/मेरठ (CaneUp एक्सक्लूसिव — 10 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में आगामी गन्ना पेराई सत्र 2026-27 का बिगुल बज चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 15 अक्टूबर 2026 से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को अनिवार्य रूप से चलाने के सख्त निर्देशों के बाद चीनी मिलों में तैयारियां युद्धस्तर पर पहुंच गई हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बागपत और बुलंदशहर जनपदों की कुल 42 चीनी मिलों में 15 सितंबर से 22 सितंबर के बीच बॉयलर पूजन (Boiler Firing Ceremony) का कार्यक्रम तय किया गया है।


🏭 प्रमुख चीनी मिलों का बॉयलर पूजन व ट्रायल कैलेंडर 2026

चीनी मिल का नामजनपदबॉयलर पूजन की तिथिस्टीम व टरबाइन ट्रायलपेराई शुरू होने का संभावित दिन
त्रिवेणी शुगर मिल खतौलीमुजफ्फरनगर15 सितंबर (प्रातः 9:15 बजे)28 सितंबर15 अक्टूबर 2026
दौराला शुगर वर्क्स (DCM)मेरठ16 सितंबर (प्रातः 10:00 बजे)30 सितंबर16 अक्टूबर 2026
मवाना शुगर मिलमेरठ17 सितंबर (प्रातः 11:30 बजे)02 अक्टूबर18 अक्टूबर 2026
धामपुर शुगर मिलबिजनौर18 सितंबर (प्रातः 9:30 बजे)01 अक्टूबर15 अक्टूबर 2026
अपर दोआब शुगर शामलीशामली20 सितंबर (दोपहर 12:00 बजे)04 अक्टूबर20 अक्टूबर 2026
नांगल चीनी मिलबिजनौर21 सितंबर (प्रातः 10:15 बजे)03 अक्टूबर17 अक्टूबर 2026
देवबंद चीनी मिलसहारनपुर22 सितंबर (प्रातः 9:45 बजे)05 अक्टूबर18 अक्टूबर 2026

⚙️ मिलों में 95% ओवरहॉलिंग कार्य पूरा

गन्ना आयुक्त द्वारा गठित 12 तकनीकी निरीक्षण टीमों ने पश्चिमी यूपी की मिलों का दौरा किया है। रिपोर्ट के अनुसार:

  • क्रशर रोलर और मिल टैंडम: मिलों के भारी रोलरों की ग्रूविंग, मेटल पॉलिशिंग और बियरिंग्स बदलने का कार्य 95% पूरा हो चुका है।
  • बॉयलर हाइड्रो-टेस्टिंग: श्रम विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर द्वारा सभी 42 मिलों के हाई-प्रेशर बॉयलरों का हाइड्रो-प्रेशर टेस्ट पास कर लिया गया है।
  • पर्यावरण व ZLD अनुपालन: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के मानकों के अनुसार जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) और इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) चिमनी फिल्टरों की सर्विसिंग पूरी हो गई है।

अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से पेराई शुरू होने से किसानों को सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि वे अपना पेड़ी गन्ना जल्दी डालकर 15 नवंबर से पहले रबी सीजन की गेहूं व सरसों की अगेती बुवाई समय पर पूरी कर सकेंगे।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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