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पश्चिमी यूपी की प्रमुख चीनी मिलों में बॉयलर पूजा व स्टीम ट्रायल शुरू — खतौली, दौराला, धामपुर व स्योहारा में 15 अक्टूबर से पेराई की तैयारियां तेज

Aamir Raza Sep 15, 2026 2 min read
पश्चिमी यूपी की प्रमुख चीनी मिलों में बॉयलर पूजा व स्टीम ट्रायल शुरू — खतौली, दौराला, धामपुर व स्योहारा में 15 अक्टूबर से पेराई की तैयारियां तेज
अंतिम अपडेट: September 15, 2026 5:05 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुजफ्फरनगर / मेरठ (CaneUp ब्यूरो — 15 सितंबर 2026, शाम 5:05 IST): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने के नए पेराई सत्र 2026-27 का औपचारिक बिगुल बज चुका है। राज्य सरकार द्वारा 15 से 25 अक्टूबर के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलों को चालू करने के निर्देश के क्रम में मंगलवार को क्षेत्र की आधा दर्जन प्रमुख चीनी मिलों में ‘बॉयलर पूजन एवं स्टीम ट्रायल’ (Boiler Puja & Steam Trial 2026-27) का धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।

एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिलों में शुमार त्रिवेणी ग्रुप की खतौली चीनी मिल (मुजफ्फरनगर) में मंगलवार सुबह 11 बजे वैदिक विद्वानों द्वारा विधिवत हवन-यज्ञ कराया गया। मिल के अधिशासी उपाध्यक्ष और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों ने गन्ना विकास समिति के किसान प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बॉयलर में प्रथम अग्नि प्रज्वलित की।


⚙️ रोलर मिलिंग और टरबाइन का सफल ड्राई रन

मिल प्रबंधन के अनुसार, इस वर्ष ओवरहालिंग के दौरान मिलिंग हाउस, जूस क्लेरिफायर और आधुनिक डिजिटल धर्मकांटों की पूरी मरम्मत 15 दिन पहले ही पूरी कर ली गई है:

  • खतौली मिल: दैनिक पेराई क्षमता 16,500 टीसीडी (टन प्रतिदिन) के लिए तैयार है। 18 अक्टूबर को पहला इंडेंट जारी होने की संभावना है।
  • दौराला शुगर वर्क्स (मेरठ): मंगलवार को 45 मेगावाट को-जेनरेशन पावर प्लांट और बॉयलर का स्टीम प्रेशर टेस्ट सफल रहा। मिल 20 अक्टूबर से किसानों का गन्ना लेना शुरू करेगी।
  • धामपुर व स्योहारा मिल (बिजनौर): दोनों मिलों में 16 से 22 अक्टूबर के बीच पेराई का लक्ष्य तय किया गया है।

📋 किसानों के लिए पहले इंडेंट की विशेष व्यवस्था

बॉयलर पूजा के अवसर पर उपस्थित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों ने बताया कि:

  1. मिलों के चलने के पहले 7 दिनों में केवल अगेती प्रजाति की पेड़ी (Co 0118, Co 15023) का ही इंडेंट जारी किया जाएगा ताकि गेहूं बोने वाले किसानों के खेत समय पर खाली हो सकें।
  2. मिल गेट और बाहरी क्रय केंद्रों पर किसानों के विश्राम, पीने के ठंडे पानी, रोशनी और पशुओं के लिए पानी की चरही की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
  3. पर्ची एसएमएस किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर तौल की तारीख से 48 घंटे पहले ही भेजे जाने की व्यवस्था सॉफ्टवेयर में एक्टिव कर दी गई है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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