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पश्चिमी यूपी की 120 चीनी मिलों में मरम्मत का अंतिम चरण शुरू — 15 अक्टूबर से पेराई के लिए स्टीम ट्रायल

Randhir Patil Randhir Patil Sep 1, 2026 3 min read
पश्चिमी यूपी की 120 चीनी मिलों में मरम्मत का अंतिम चरण शुरू — 15 अक्टूबर से पेराई के लिए स्टीम ट्रायल
अंतिम अपडेट: September 1, 2026 7:50 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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मेरठ / शामली: उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से आरंभ होने जा रहे नए पेराई सत्र 2026-27 को लेकर पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश की सभी 120 चीनी मिलों में ऑफ-सीजन मेंटेनेंस (मरम्मत एवं ओवरहॉलिंग) का कार्य अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है। आज 1 सितंबर 2026 से निजी, सहकारी और निगम क्षेत्र की मिलों में बॉयलरों की हाई-प्रेशर हाइड्रो टेस्टिंग, टरबाइन लोड टेस्टिंग और मुख्य रोलर क्रशरों का स्टीम ट्रायल औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव ने लखनऊ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सभी चीनी मिल प्रबंधनों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे 30 सितंबर तक मिल का शत-प्रतिशत मेंटेनेंस और ट्रायल रन पूरा कर लें ताकि 1 अक्टूबर से गन्ना क्रय केंद्रों की स्थापना और 15 अक्टूबर से गन्ने की पेराई बिना किसी तकनीकी व्यवधान के शुरू की जा सके।

खतौली, दौराला, मंसूरपुर और शामली में युद्धस्तर पर काम

पश्चिमी यूपी के प्रमुख गन्ना बेल्ट मुजफ्फरनगर की त्रिवेणी शुगर मिल खतौली, डीसीएम श्रीराम शुगर मिल मंसूरपुर, मेरठ की दौराला शुगर मिल, मवाना शुगर मिल, शामली की सर शादीलाल शुगर मिल और बिजनौर की धामपुर शुगर मिल में इंजीनियर्स और तकनीशियनों की टीमें 24 घंटे तीनों शिफ्टों में काम कर रही हैं।

खतौली मिल के मुख्य यांत्रिक अभियंता (Chief Mechanical Engineer) ने बताया, “मिल के 5 मुख्य रोलर क्रशरों की रि-ग्रूविंग, 120 टन प्रति घंटा क्षमता वाले हाई-प्रेशर बॉयलरों की ट्यूब क्लीनिंग और 25 मेगावाट क्षमता के को-जेनरेशन पावर प्लांट का सिंक्रोनाइजेशन पूरा हो चुका है। आज से 10 सितंबर तक बॉयलर का स्टीम प्रेशर टेस्ट किया जाएगा। हमारा लक्ष्य 12 अक्टूबर को बॉयलर पूजा कर 15 अक्टूबर को अगेती प्रजाति के गन्ने की पेराई का पहला इंडेंट जारी करना है।”

2,800 बाह्य क्रय केंद्रों (Cane Centers) का होगा कायाकल्प

पेराई मशीनों के ट्रायल के साथ-साथ चीनी मिलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होने वाले अपने 2,800 से अधिक बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों (Purchase Centers) के नवीनीकरण का काम भी आज से शुरू कर दिया है।

जिला गन्ना अधिकारी मेरठ ने बताया कि सभी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्रय केंद्रों पर डिजिटल ऑटोमैटिक वे-ब्रिज स्थापित करें, जिनमें मैनुअल छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश न हो। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए विश्राम शेड, शुद्ध पेयजल और रात्रि में तौल के लिए एलईडी सोलर लाइट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से 5 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी। किसी भी तौल केंद्र पर घटतौली की शिकायत मिलने पर मिल प्रबंधक और तौल क्लर्क के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण एनओसी की अनिवार्य जांच

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के संयुक्त दिशा-निर्देशों के तहत सभी चीनी मिलों को अपने एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) का प्री-क्रशिंग ट्रायल पूरा करना अनिवार्य किया गया है।

गन्ना आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मिल को तब तक पेराई लाइसेंस और पेराई इंडेंट जारी नहीं किया जाएगा, जब तक कि वह जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) और एयर क्वालिटी मानकों का अनुपालन प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर देती। मिलों के आसपास के जलस्रोतों और वायु गुणवत्ता की दैनिक निगरानी के लिए जिलाधिकारी स्तर पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जा रहे हैं।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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