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कागजी पर्ची खोने का झंझट खत्म: अब व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भी मिलेगा गन्ना सप्लाई टिकट — 50 लाख किसानों के नंबर पोर्टल पर मैप

Aamir Raza Sep 23, 2026 3 min read
कागजी पर्ची खोने का झंझट खत्म: अब व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भी मिलेगा गन्ना सप्लाई टिकट — 50 लाख किसानों के नंबर पोर्टल पर मैप
अंतिम अपडेट: September 23, 2026 7:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): उत्तर प्रदेश में ‘ई-गवर्नेंस’ और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए गन्ना विकास विभाग ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए व्हाट्सएप आधारित ई-सप्लाई टिकट (WhatsApp Cane Supply Ticket) सेवा को हरी झंडी दे दी है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) लखनऊ द्वारा विकसित इस प्रणाली के तहत राज्य के 50 लाख से अधिक पंजीकृत गन्ना किसानों के मोबाइल नंबरों को आधिकारिक पोर्टल के साथ मैप कर दिया गया है।

अब किसान को अपनी पर्ची लेने के लिए किसी समिति कर्मचारी या डाकिए के दरवाजे नहीं जाना पड़ेगा। जैसे ही मिल का इंडेंट जारी होगा, किसान के व्हाट्सएप पर आधिकारिक ग्रीन-टिक वाले अकाउंट से डिजिटल पर्ची पहुंच जाएगी।


📲 व्हाट्सएप ई-पर्ची प्रणाली कैसे काम करेगी?

  1. ऑटोमैटिक मैसेज डिलीवरी: समिति द्वारा पर्ची कटते ही किसान के व्हाट्सएप पर एक सुंदर डिजिटल स्लिप का पीडीएफ और क्यूआर कोड पहुंचेगा।
  2. पर्ची में दर्ज संपूर्ण विवरण: व्हाट्सएप संदेश में किसान का नाम, किसान कोड, सट्टा संख्या, मिल का नाम, क्रय केंद्र, तौल की तारीख और गन्ने का प्रकार (पेड़ी/पौधा) स्पष्ट रूप से लिखा होगा।
  3. कांटे पर सीधे मोबाइल दिखाना मान्य: किसान को कोई कागजी प्रिंट आउट निकालने की आवश्यकता नहीं है। तौल केंद्र पर लिपिक किसान के मोबाइल स्क्रीन पर दिख रहे क्यूआर कोड को बारकोड स्कैनर से स्कैन करके तुरंत तौल रसीद जारी कर देगा।
  4. इंटरैक्टिव मेन्यू से अन्य सेवाएं: किसान उसी चैट में ‘HI’ लिखकर अपना बेसिक कोटा, भुगतान स्थिति और आगामी पर्चियों की संभावित तारीखें भी देख सकेंगे।

🔒 फर्जीवाड़े और दलाली पर पूर्ण विराम

  • ग्रीन टिक सत्यापित बिजनेस अकाउंट: मैसेज केवल उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक वेरिफाइड व्हाट्सएप नंबर से आएगा। किसी भी फर्जी संदेश से किसान सावधान रहें।
  • ओटीपी सुरक्षा: पर्ची को फॉरवर्ड करके कोई दूसरा व्यक्ति तौल नहीं करा सकता, क्योंकि तौल के समय किसान के पंजीकृत नंबर पर एक गुप्त 4-अंकीय सत्यापन कोड भेजा जाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: यदि किसी किसान के पास स्मार्टफोन या व्हाट्सएप न हो तो क्या होगा?

उत्तर: विभाग ने स्पष्ट किया है कि पारंपरिक एसएमएस (SMS) सेवा और कागजी पर्ची की वैकल्पिक व्यवस्था पूर्ववत चालू रहेगी। सामान्य कीपैड वाले फोन पर भी टेक्स्ट एसएमएस मिलेगा।

प्रश्न 2: अपना व्हाट्सएप नंबर पोर्टल पर कैसे अपडेट करें?

उत्तर: किसान भाई अपनी स्थानीय गन्ना समिति में आधार कार्ड दिखाकर या enquiry.caneup.in पर ‘मोबाइल नंबर संशोधन’ विकल्प में जाकर अपना नया व्हाट्सएप नंबर जोड़ सकते हैं।

प्रश्न 3: क्या व्हाट्सएप पर्ची की वैधता भी 72 घंटे होगी?

उत्तर: जी हाँ! डिजिटल पर्ची की वैधता भी तौल की निर्धारित तारीख से 72 घंटे तक ही मान्य रहेगी।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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