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थोक चीनी बाजार में ₹50-80 प्रति क्विंटल की गिरावट — 2,000 क्विंटल स्टॉक सीमा और पाक्षिक कोटे का बड़ा असर

Randhir Patil Randhir Patil Sep 3, 2026 3 min read
थोक चीनी बाजार में ₹50-80 प्रति क्विंटल की गिरावट — 2,000 क्विंटल स्टॉक सीमा और पाक्षिक कोटे का बड़ा असर
अंतिम अपडेट: September 3, 2026 7:30 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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नई दिल्ली / कानपुर: केंद्र सरकार द्वारा त्योहारी मांग से पहले जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए लागू किए गए कड़े नीतिगत उपायों का असर देश के थोक चीनी बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा सितंबर के पहले पखवाड़े (1 से 15 सितंबर) के लिए 13 लाख मीट्रिक टन का घरेलू बिक्री कोटा जारी करने और थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल (200 टन) किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र की प्रमुख मंडियों में चीनी के थोक भाव में प्रति क्विंटल ₹50 से ₹80 की गिरावट दर्ज की गई है।

उत्तर प्रदेश की प्रमुख थोक मंडियों (कानपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और हापुड़) में एम/30 ग्रेड की अच्छी गुणवत्ता वाली चीनी के एक्स-मिल भाव ₹3,840 प्रति क्विंटल से फिसलकर ₹3,760 से ₹3,780 प्रति क्विंटल पर आ गए हैं। वहीं दिल्ली की नया बाजार थोक मंडी में चीनी की आवक तेज होने से हाजिर भाव में प्रति क्विंटल ₹70 की नरमी दर्ज की गई है।

पाक्षिक कोटा व्यवस्था से मिलों पर समयबद्ध बिक्री का दबाव

भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक ने बताया, “पहले मासिक कोटा प्रणाली में मिलें और बड़े स्टॉकिस्ट महीने के पहले बीस दिन माल रोककर कीमतें चढ़ा देते थे। लेकिन नई पाक्षिक व्यवस्था के तहत 15 सितंबर तक 13 लाख टन चीनी का उठान अनिवार्य कर दिया गया है। जो मिलें तय समय में अपना कोटा बाजार में नहीं उतारेंगी, उनका बचा हुआ कोटा रद्द कर दिया जाएगा। इस डर से सभी मिलों ने दैनिक लोडिंग बढ़ा दी है, जिससे बाजार में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।”

थोक व्यापारियों पर 2,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा और 30 दिन के भीतर माल बेचने की बाध्यता के चलते स्टॉकिस्टों ने अतिरिक्त इन्वेंट्री को होल्ड करने के बजाय खुदरा विक्रेताओं को त्वरित डिस्काउंट देकर माल निकालना शुरू कर दिया है।

खुदरा उपभोक्ताओं को राहत, दाम ₹40-42 पर स्थिर

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि थोक में नरमी आने से खुदरा किराना दुकानों पर चीनी के दाम ₹40 से ₹42 प्रति किलोग्राम के बीच स्थिर हो गए हैं। आगामी गणेश चतुर्थी, ओणम और नवरात्र के दौरान जब मिठाई निर्माताओं और शीतल पेय उद्योग की मांग चरम पर होगी, तब भी बाजार में किसी प्रकार के कृत्रिम अभाव की संभावना नहीं है।

मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे मंडियों में माल की दैनिक लोडिंग और जीएसटी ई-वे बिल की नियमित समीक्षा करें ताकि किसी भी स्तर पर सट्टेबाजी या कालाबाजारी की कोशिश को तुरंत दबाया जा सके।

थोक व्यापारियों द्वारा अग्रिम डिलीवरी अनुबंध

उत्तर प्रदेश चीनी व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि ज्यादातर थोक व्यापारी अब लंबे समय तक माल रखने के जोखिम से बच रहे हैं और मिलों से खरीदे गए माल को 10 से 15 दिनों के भीतर सीधे अर्ध-शहरी और ग्रामीण खुदरा दुकानों में डिलीवर कर रहे हैं। इससे पूरे सप्लाई चेन में नकदी प्रवाह तेज हुआ है और मिलों को किसानों का भुगतान समय पर करने में मदद मिल रही है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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