चीनी के थोक भाव में ₹40 प्रति क्विंटल का सुधार — त्योहारी मांग और एथेनॉल टेंडर से बाजार में लौटी रौनक, एक्स-मिल भाव ₹3,860 पहुंचे

मुख्य बिंदु (Quick Summary): अगस्त के अंतिम सप्ताह में सरकारी स्टॉक लिमिट लागू होने के बाद सुस्त पड़े चीनी के थोक बाजार में आज 12 सितंबर 2026 को जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। आगामी त्योहारी सीजन (दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस और दीवाली) को लेकर मिठाई निर्माताओं, हलवाइयों और एफएमसीजी कंपनियों की भारी लिवाली तथा तेल कंपनियों द्वारा 280 करोड़ लीटर एथेनॉल टेंडर आवंटित किए जाने के सकारात्मक असर से उत्तर प्रदेश की प्रमुख चीनी मंडियों में एक्स-मिल भाव में ₹35 से ₹40 प्रति क्विंटल का उछाल दर्ज किया गया।
कानपुर/मुजफ्फरनगर (CaneUp कमोडिटी बाजार — 12 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के चीनी कारोबार और मिल उद्योग के लिए आज का दिन अत्यंत उत्साहवर्धक साबित हुआ है। पिछले 15 दिनों से ₹3,800 प्रति क्विंटल के आसपास ठहरे हुए चीनी के थोक भाव में त्योहारी मांग का तगड़ा करंट लौट आया है।
राज्य की प्रमुख चीनी मंडियों (मुजफ्फरनगर, कानपुर, लखीमपुर और हापुड़) में आज शनिवार को कारोबार बंद होने तक मध्यम दाना (एम-30) चीनी के एक्स-मिल भाव ₹35 से ₹40 प्रति क्विंटल की बढ़त के साथ ₹3,850 से ₹3,870 प्रति क्विंटल के स्तर पर बंद हुए।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि थोक भाव में यह मजबूती चीनी मिलों की नकदी स्थिति (Cash Liquidity) को सीधा संबल प्रदान करेगी, जिससे 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए पेराई सत्र में गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर भुगतान करने में मिलों को आसानी होगी।
🏭 उत्तर प्रदेश के प्रमुख चीनी मिल समूहों के आज के एक्स-मिल भाव
| चीनी मिल समूह (Group) | स्थान / जनपद | ग्रेड (Sugar Grade) | आज का एक्स-मिल भाव (₹/क्विंटल) | पिछले हफ्ते की तुलना में बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग (खतौली/देवबंद) | मुजफ्फरनगर | M-30 (प्रीमियम) | ₹3,870 | + ₹40 प्रति क्विंटल |
| बलरामपुर चीनी मिल्स | लखीमपुर/गोंडा | M-30 | ₹3,860 | + ₹35 प्रति क्विंटल |
| डीसीएम श्रीराम (दौराला) | मेरठ | S-30 / M-30 | ₹3,865 | + ₹40 प्रति क्विंटल |
| धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स | बिजनौर | M-30 | ₹3,850 | + ₹35 प्रति क्विंटल |
| डालमिया भारत शुगर्स | सीतापुर/हरदोई | M-30 | ₹3,855 | + ₹30 प्रति क्विंटल |
| सहकारी चीनी मिलें (Cooperative) | प्रदेश भर में | S-30 | ₹3,810 | + ₹25 प्रति क्विंटल |
📈 भाव में सुधार के 3 मुख्य कारण
- त्योहारी सीजन का अग्रिम उठाव: 15 सितंबर के बाद पितृपक्ष समाप्त होते ही नवरात्र और दशहरा शुरू हो रहे हैं। बेकरी, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स और मिठाई निर्माताओं ने अक्टूबर-नवंबर की खपत के लिए अग्रिम ऑर्डर बुक कराने शुरू कर दिए हैं।
- 280 करोड़ लीटर एथेनॉल आवंटन: ओएमसी द्वारा देश भर में 280 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीद टेंडर फाइनल करने से मिलों पर चीनी बेचने का दबाव काफी कम हो गया है, क्योंकि लगभग 40 लाख टन चीनी समकक्ष रस एथेनॉल बनाने में खप जाएगा।
- अगस्त कोटा का पूर्ण उठाव: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी मासिक बिक्री कोटा का 90% से अधिक हिस्सा सफलतापूर्वक उठ चुका है, जिससे गोदामों में तात्कालिक अधिशेष का दबाव घट गया है।
उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन (UPSMA) के प्रवक्ता ने बताया कि यदि चीनी के एक्स-मिल भाव ₹3,850 से ऊपर स्थिर बने रहते हैं, तो मिलों को किसानों का गन्ना मूल्य चुकाने में कोई कठिनाई नहीं आएगी और वे नए पेराई सत्र का आगाज शून्य बकाए के साथ कर सकेंगी।
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