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चीनी जमाखोरों पर योगी सरकार का सख्त एक्शन, 400 टन स्टॉक लिमिट लागू और कालाबाजारी पर लगेगा ESMA

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 30, 2026 • 3 min read
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चीनी जमाखोरों पर योगी सरकार का सख्त एक्शन, 400 टन स्टॉक लिमिट लागू और कालाबाजारी पर लगेगा ESMA
अंतिम अपडेट: August 30, 2026 10:40 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

चीनी जमाखोरों पर योगी सरकार का सख्त एक्शन, 400 टन स्टॉक लिमिट लागू और कालाबाजारी पर लगेगा ESMA

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Aamir Raza - 2026-08-30

लखनऊ (विशेष संवाददाता)। त्योहारी सीजन में चीनी की कालाबाजारी और कृत्रिम मूल्य वृद्धि पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य एवं रसद विभाग ने प्रदेश के सभी चीनी व्यापारियों पर 400 मीट्रिक टन की स्टॉक लिमिट लागू कर दी है। इसके साथ ही जमाखोरी में लिप्त सिंडिकेट्स के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारियों और पूर्ति अधिकारियों को भेजी गई अधिसूचना के मुताबिक, थोक व्यापारी किसी भी समय 400 टन से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे। मिलों से खरीदे गए प्रत्येक लॉट को 30 दिनों के भीतर बाजार में बेचना अनिवार्य होगा। 10 टन से अधिक खपत वाले बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अधिकतम 15 दिनों की जरूरत का स्टॉक रखने की ही अनुमति होगी।

28 लाख मीट्रिक टन का सरप्लस बफर स्टॉक

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। राज्य के वेयरहाउसों और मिलों में 28.4 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक मौजूद है, जो अगले पांच महीनों की घरेलू मांग के लिए पर्याप्त है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ और बरेली की थोक मंडियों में औचक छापेमारी की गई है। इसके चलते थोक बाजार में चीनी के दामों में 3 से 4 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है।

जांच दस्तों का गठन और दैनिक रिपोर्टिंग

प्रत्येक जिले में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस उपाधीक्षक की अध्यक्षता में जांच दस्ते गठित किए गए हैं। ये टीमें व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर, ई-वे बिल और भौतिक स्टॉक का मिलान कर रही हैं। सभी पंजीकृत व्यापारियों को प्रतिदिन शाम 5 बजे तक केंद्रीय पोर्टल पर अपने स्टॉक की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।

शासन ने चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने और एस्क्रो खाते से 14 दिनों में गन्ना भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

उपभोक्ता संरक्षण और हेल्पलाइन नंबर जारी

शासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके इलाके में कोई दुकानदार या डीलर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर चीनी बेच रहा है या रसीद देने से इनकार कर रहा है, तो वे राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-180-0151 पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर संबंधित प्रतिष्ठान की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ता संरक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई खुदरा या थोक व्यापारी तय मूल्य से अधिक पर चीनी बेचता हुआ पाया गया, तो उसकी दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अमरोहा जिले की चीनी मिलों के किसान भाई अपना सट्टा और पर्ची विवरण enquiry.caneup.in पोर्टल पर देख सकते हैं। आगामी सत्र के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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