
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित एक प्रमुख चीनी मिल है। बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) समूह की यह मिल बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों गन्ना किसानों की आजीविका का आधार है। बिजनौर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक जिलों में से एक है, और बिलाई मिल इस जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में गिनी जाती है।
इस विस्तृत लेख में हम बिलाई शुगर मिल की क्षमता, पर्ची कैलेंडर 2026, भुगतान स्थिति, एमएसपी दर, किसानों के लिए उपयोगी सुझाव, संपर्क जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देंगे। यदि आप बिजनौर जिले के गन्ना किसान हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।
रिफ़ौल (Rifaul): CaneUp.xyz के माध्यम से हम किसान भाइयों तक सटीक और अपडेटेड जानकारी पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। बिलाई शुगर मिल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण बात इस लेख में मिलेगी। हम नियमित रूप से इस लेख को अपडेट करते रहते हैं ताकि आपको हमेशा ताज़ा जानकारी मिलती रहे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का नाम | बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई |
| स्थान | बिलाई, बिजनौर, उत्तर प्रदेश |
| स्वामित्व | बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) |
| पेराई क्षमता | लगभग 12,000 TCD (टन केन डे) |
| जिला | बिजनौर |
| गन्ना सत्र | नवंबर 2025 — अप्रैल 2026 (अनुमानित) |
| एमएसपी दर 2025-26 | ₹340/क्विंटल (सामान्य), ₹345/क्विंटल (अगेती प्रजाति) |
| भुगतान का तरीका | ऑनलाइन (DBT) |
| गन्ना विभाग हेल्पलाइन | 1800-180-1551 (टोल फ्री) |
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई बिजनौर जिले के बिलाई क्षेत्र में स्थित है। बिजनौर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख गन्ना उत्पादक जिला है, जहाँ गन्ना खेती मुख्य फसल है। यह मिल बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) समूह की है, जो भारत की सबसे बड़ी चीनी उत्पादक कंपनी है। बजाज समूह की स्थापना 1931 में हुई थी और तब से यह कंपनी गन्ना किसानों की सेवा कर रही है।
बिलाई मिल बिजनौर जिले के गन्ना किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस मिल के कारण हजारों किसानों को अपना गन्ना पास में ही बेचने की सुविधा मिलती है। मिल के आसपास के गाँवों में अधिकांश किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। गन्ने की खेती से न केवल किसानों को आय होती है, बल्कि मिल में काम करने वाले मज़दूरों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य लोगों को भी रोज़गार मिलता है।
बिलाई शुगर मिल का निर्माण कई वर्ष पहले हुआ था। बजाज समूह ने इस मिल को स्थापित करके बिजनौर जिले के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समय के साथ मिल में आधुनिक तकनीक अपनाई गई है, जिससे पेराई क्षमता और चीनी उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है।
मिल में नई मशीनें, बेहतर बॉयलर और आधुनिक एप्रोच चैनल सिस्टम लगाए गए हैं। इन सुधारों के कारण मिल की रिकवरी दर भी बेहतर हुई है। रिकवरी दर का अर्थ है कि 100 किलो गन्ने से कितनी चीनी बनती है। अधिक रिकवरी दर का सीधा लाभ किसानों को मिलता है।
बिजनौर जिला गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु गन्ने की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है। यही कारण है कि बिजनौर में गन्ने का उत्पादन प्रति हेक्टेयर अन्य जिलों की तुलना में अधिक है। बिजनौर में कई चीनी मिलें हैं, जिनमें बजाज हिंदुस्थान की बिलाई और गंगनौली दोनों मिलें शामिल हैं।
गंगा नदी और उसकी सहायक नदियाँ बिजनौर जिले को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा यहाँ नहरों का भी अच्छा नेटवर्क है, जिससे सिंचाई की समस्या कम होती है। यहाँ के किसान पीढ़ियों से गन्ने की खेती कर रहे हैं और उन्हें इसमें महारत हासिल है।
बिलाई शुगर मिल की पेराई क्षमता लगभग 12,000 TCD (टन केन डे) है। इसका अर्थ है कि मिल प्रतिदिन 12,000 टन गन्ने की पेराई कर सकती है। यह एक बड़ी क्षमता है और हजारों किसानों के गन्ने की पेराई सुनिश्चित करती है।
| मापदंड | विवरण |
|---|---|
| पेराई क्षमता | 12,000 TCD |
| वार्षिक चीनी उत्पादन | लाखों क्विंटल |
| रिकवरी दर | 10-12% (अनुमानित) |
| कार्य अवधि | नवंबर से अप्रैल |
| उप-उत्पाद | बैगास, मोलासेस, प्रेस मड |
| विद्युत उत्पादन | बैगास से बिजली |
रिकवरी दर का अर्थ है कि 100 किलो गन्ने से कितनी चीनी बनती है। यदि रिकवरी दर 11% है, तो 100 किलो गन्ने से लगभग 11 किलो चीनी बनेगी। अधिक रिकवरी दर का मतलब है कि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकता है। रिकवरी दर गन्ने की प्रजाति, मिट्टी, जलवायु और खेती के तरीके पर निर्भर करती है।
चीनी मिल से निकलने वाले उप-उत्पाद भी बहुत महत्वपूर्ण हैं:
बिलाई शुगर मिल बिजनौर जिले के बिलाई क्षेत्र में स्थित है। बिजनौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है। यह जिला गंगा नदी के तट पर स्थित है, जिससे यहाँ की ज़मीन बहुत उपजाऊ है।
| क्षेत्र | दूरी (अनुमानित) | विशेषता |
|---|---|---|
| बिजनौर शहर | ~20 किमी | जिला मुख्यालय |
| नगीना | ~25 किमी | प्रमुख बाज़ार |
| धामपुर | ~30 किमी | गन्ना उत्पादन क्षेत्र |
| गंगनौली | ~15 किमी | अन्य बजाज मिल |
| मुरादाबाद | ~60 किमी | प्रमुख शहर |
| नजीबाबाद | ~35 किमी | व्यापारिक केंद्र |
बिलाई मिल के अंतर्गत कई गन्ना ब्लॉक आते हैं। इन ब्लॉकों के गाँवों के किसान अपना गन्ना इसी मिल में बेचते हैं। हर ब्लॉक में एक गन्ना समिति कार्यालय होता है, जहाँ किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं, पर्ची के लिए आवेदन कर सकते हैं और अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
गन्ना पर्ची कैलेंडर किसानों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। इसमें उन तारीखों की जानकारी होती है जिन पर किसान अपना गन्ना मिल में बेच सकते हैं। पर्ची कैलेंडर हर सत्र में नया जारी किया जाता है। इसमें किसान का नाम, पंजीकरण नंबर, गाँव का नाम, तारीख, समय और गेट नंबर जैसी जानकारी होती है।
चरण 1: उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sugarcane.up.gov.in पर जाएँ।
चरण 2: “पर्ची जारी कैलेंडर” विकल्प पर क्लिक करें।
चरण 3: अपना जिला (बिजनौर) और मिल (बिलाई) का चयन करें।
चरण 4: अपना गन्ना पंजीकरण नंबर या गाँव का नाम दर्ज करें।
चरण 5: पर्ची कैलेंडर डाउनलोड करें या ऑनलाइन देखें। प्रिंटआउट निकालना न भूलें।
| पर्ची प्रकार | उपयोग |
|---|---|
| सामान्य पर्ची | नियमित गन्ना आपूर्ति के लिए |
| अगेती पर्ची | अगेती गन्ने की तुड़ाई के लिए |
| विशेष पर्ची | विशेष परिस्थितियों में जारी |
⚠️ सावधानी: पर्ची कैलेंडर में दी गई तारीख का सख्ती से पालन करें। तारीख गुज़रने के बाद गन्ना बेचने के लिए दोबारा पर्ची लेनी पड़ेगी। पर्ची खो जाने पर गन्ना समिति के कार्यालय से दोबारा प्राप्त की जा सकती है।
भुगतान किसानों के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा है। बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई द्वारा भुगतान DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है। इस प्रणाली के कारण बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और किसानों को उनका पूरा भुगतान सीधे मिलता है।
चरण 1: गन्ना विभाग की वेबसाइट sugarcane.up.gov.in पर जाएँ।
चरण 2: “भुगतान स्थिति” (Payment Status) पर क्लिक करें।
चरण 3: अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें।
चरण 4: भुगतान की तारीख, राशि और स्थिति देखें।
| चरण | कार्य | समय-सीमा |
|---|---|---|
| 1 | गन्ना तौल और गुणवत्ता जाँच | उसी दिन |
| 2 | तौल रसीद जारी | उसी दिन |
| 3 | भुगतान गणना | 1-2 दिन |
| 4 | DBT हस्तांतरण | 14 दिनों के भीतर |
यदि 14 दिनों के भीतर भुगतान न मिले, तो निम्नलिखित कदम उठाएँ:
💡 प्रो टिप: भुगतान की स्थिति नियमित रूप से चेक करते रहें। कभी-कभी बैंक खाते में तकनीकी खराबी के कारण भुगतान अटक सकता है। ऐसे में बैंक शाखा में जाकर पता करें।
भारत सरकार हर साल गन्ने का एमएसपी (Minimum Support Price) तय करती है। यह वह न्यूनतम मूल्य है जो किसानों को गन्ने के लिए मिलना अनिवार्य है। कोई भी चीनी मिल इससे कम कीमत पर गन्ना नहीं खरीद सकती।
| प्रजाति | एमएसपी दर (प्रति क्विंटल) |
|---|---|
| सामान्य गन्ना | ₹340 |
| अगेती प्रजाति | ₹345 |
| अनुबंधित गन्ना | अनुबंध शर्तों के अनुसार |
| शब्द | पूरा नाम | विवरण |
|---|---|---|
| FRP | Fair and Remunerative Price | केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य |
| SAP | State Advised Price | राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य |
| MSP | Minimum Support Price | न्यूनतम समर्थन मूल्य |
उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार SAP (State Advised Price) तय करती है, जो आमतौर पर FRP से अधिक होती है। यह किसानों के लिए फायदेमंद है।
कई बार चीनी मिलें एमएसपी से अधिक मूल्य भी देती हैं। यह इस पर निर्भर करता है:
उत्तर प्रदेश सरकार के नियमानुसार, चीनी मिलों को गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है। यदि 14 दिनों में भुगतान नहीं होता, तो मिल को ब्याज देना पड़ता है।
| संपर्क विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का नाम | बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई |
| पता | बिलाई, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश |
| जिला | बिजनौर |
| गन्ना विभाग हेल्पलाइन | 1800-180-1551 (टोल फ्री) |
| आधिकारिक वेबसाइट | bajajhindusthan.com |
| गन्ना विभाग वेबसाइट | sugarcane.up.gov.in |
📞 ध्यान दें: मिल से सीधे संपर्क के लिए गन्ना विभाग की हेल्पलाइन का उपयोग करें। आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम संपर्क जानकारी उपलब्ध होती है।
बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) भारत की अग्रणी चीनी उत्पादक कंपनी है। 1931 में स्थापित, यह कंपनी दशकों से गन्ना किसानों की सेवा कर रही है। कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है।
बजाज हिंदुस्थान की उत्तर प्रदेश में 8 चीनी मिलें हैं। ये मिलें विभिन्न जिलों में स्थित हैं और लाखों किसानों को सेवा प्रदान करती हैं:
| मिल का नाम | जिला |
|---|---|
| बरखेरा | पीलीभीत |
| बिलाई | बिजनौर |
| बुढ़ाना | मुजफ्फरनगर |
| गंगनौली | बिजनौर |
| गोला गोकरननाथ | लखीमपुर खीरी |
| खम्भारखेड़ा | लखीमपुर खीरी |
| किनौनी | मुजफ्फरनगर |
| कुंदरखी | मुरादाबाद |
उत्तर: बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई की पेराई क्षमता लगभग 12,000 TCD है। यह मिल प्रतिदिन 12,000 टन गन्ने की पेराई कर सकती है, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिलता है।
उत्तर: भुगतान DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान होना अनिवार्य है। यदि देरी हो तो गन्ना समिति से संपर्क करें।
उत्तर: उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग की वेबसाइट sugarcane.up.gov.in पर “पर्ची जारी कैलेंडर” विकल्प में बिजनौर जिला और बिलाई मिल चुनकर पर्ची कैलेंडर देख सकते हैं। अपना गन्ना पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा।
उत्तर: 2025-26 सत्र के लिए एमएसपी दर ₹340/क्विंटल (सामान्य) और ₹345/क्विंटल (अगेती प्रजाति) है। यह दर भारत सरकार द्वारा निर्धारित है और सभी चीनी मिलों पर लागू होती है।
कई किसान गन्ने की खेती में कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जिनसे बचना चाहिए:
गन्ने की फसल कई रोगों और कीटों से प्रभावित हो सकती है। इनसे बचाव के लिए सही जानकारी ज़रूरी है:
प्रमुख रोग:
प्रमुख कीट:
बचाव के उपाय:
गन्ने की कटाई के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण काम करने होते हैं:
गन्ने की फसल के लिए सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है। गन्ने को पूरे सत्र में 8-10 सिंचाई की ज़रूरत होती है।
सिंचाई का समय:
| मौसम | सिंचाई का अंतराल |
|---|---|
| गर्मी | 10-12 दिन |
| सर्दी | 15-20 दिन |
| बरसात | ज़रूरत के अनुसार |
सिंचाई के तरीके:
जल निकासी:
बरसात के मौसम में जल निकासी का उचित प्रबंधन बहुत ज़रूरी है। खेत में पानी जमा होने से गन्ने की जड़ें सड़ सकती हैं और फसल बर्बाद हो सकती है।
जल निकासी के उपाय:
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल बिलाई बिजनौर जिले के गन्ना किसानों के लिए एक भरोसेमंद औद्योगिक इकाई है। लगभग 12,000 TCD की पेराई क्षमता वाली यह मिल हजारों किसान परिवारों की आजीविका का स्रोत है। मिल की आधुनिक तकनीक और अच्छी प्रबंधन व्यवस्था के कारण किसानों को समय पर भुगतान मिलता है।
किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे पर्ची कैलेंडर नियमित रूप से देखें, गन्ने की गुणवत्ता बनाए रखें और भुगतान की स्थिति पर नज़र रखें। CaneUp.xyz पर बिलाई शुगर मिल और अन्य सभी मिलों की अपडेटेड जानकारी उपलब्ध है। हमारा प्रयास है कि हर किसान को सही और समय पर जानकारी मिल सके।
गन्ना किसानों की जय! 🌾
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