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बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ 2026 — लखीमपुर खीरी | जानकारी, क्षमता, पर्ची कैलेंडर

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 31, 2026 • 13 min read
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बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ 2026 — लखीमपुर खीरी | जानकारी, क्षमता, पर्ची कैलेंडर
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:10 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित एक प्रमुख चीनी मिल है। लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिलों में से एक है और यहाँ गन्ना खेती एक प्रमुख व्यवसाय है। गोला गोकरननाथ मिल इस विशाल जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है। यह मिल बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) समूह की है, जो भारत की सबसे बड़ी चीनी उत्पादक कंपनी है।

इस विस्तृत लेख में हम गोला गोकरननाथ शुगर मिल की क्षमता, पर्ची कैलेंडर 2026, भुगतान स्थिति, एमएसपी दर, किसानों के लिए उपयोगी सुझाव, संपर्क जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देंगे।

आमिर जोया (Aamir Joya): लखीमपुर खीरी के गन्ना किसान भाइयों के लिए यह लेख एक संपूर्ण गाइड है। CaneUp.xyz पर हम हर मिल की विस्तृत जानकारी लाते हैं। हम नियमित रूप से इस लेख को अपडेट करते रहते हैं।


गोला गोकरननाथ शुगर मिल — एक नज़र में (TL;DR)

विवरणजानकारी
मिल का नामबजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ
स्थानगोला गोकरननाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश
स्वामित्वबजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL)
पेराई क्षमतालगभग 14,000 TCD (टन केन डे)
जिलालखीमपुर खीरी
गन्ना सत्रनवंबर 2025 — अप्रैल 2026 (अनुमानित)
एमएसपी दर 2025-26₹340/क्विंटल (सामान्य), ₹345/क्विंटल (अगेती प्रजाति)
भुगतान का तरीकाऑनलाइन (DBT)
गन्ना विभाग हेल्पलाइन1800-180-1551 (टोल फ्री)

गोला गोकरननाथ शुगर मिल का परिचय

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकरननाथ क्षेत्र में स्थित है। गोला गोकरननाथ लखीमपुर खीरी जिले का एक प्रमुख शहर और तहसील है। यह क्षेत्र गन्ना उत्पादन में अग्रणी है और यहाँ के किसान पीढ़ियों से गन्ने की खेती कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी — एक विशाल जिला

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल में) है। यह नेपाल की सीमा से लगा हुआ है। जिले में गन्ने के अलावा चावल, गेहूँ और दालें भी उगाई जाती हैं, लेकिन गन्ना सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है। तराई क्षेत्र में होने के कारण यहाँ की ज़मीन बहुत उपजाऊ है और वर्षा भी पर्याप्त होती है।

गोला गोकरननाथ का महत्व

गोला गोकरननाथ लखीमपुर खीरी का एक प्रमुख व्यापारिक और कृषि केंद्र है। यहाँ कई बाज़ार, स्कूल और अस्पताल हैं। बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल इस क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई है, जो हजारों लोगों को रोज़गार प्रदान करती है। मिल से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।

लखीमपुर खीरी में बजाज की दो मिलें

लखीमपुर खीरी जिले में बजाज हिंदुस्थान की दो बड़ी मिलें हैं:

  1. गोला गोकरननाथ शुगर मिल — जिले के उत्तरी क्षेत्र के लिए
  2. खम्भारखेड़ा शुगर मिल — जिले के दक्षिणी क्षेत्र के लिए

दोनों मिलें मिलकर जिले के अधिकांश गन्ना किसानों को कवर करती हैं।


गोला गोकरननाथ शुगर मिल की पेराई क्षमता (TCD)

गोला गोकरननाथ शुगर मिल की पेराई क्षमता लगभग 14,000 TCD है। यह बजाज हिंदुस्थान की उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी मिलों में से एक है।

क्षमता और प्रदर्शन

मापदंडविवरण
पेराई क्षमता14,000 TCD
वार्षिक चीनी उत्पादनलाखों क्विंटल
रिकवरी दर10-12.5% (अनुमानित)
कार्य अवधिनवंबर से अप्रैल
उप-उत्पादबैगास, मोलासेस, प्रेस मड
विद्युत उत्पादनबैगास से बिजली उत्पादन

बड़ी क्षमता के फायदे

  • अधिक किसानों का गन्ना समय पर खरीदा जा सकता है
  • मिल के बाहर कम भीड़ और इंतज़ार
  • तेज़ गति से तौल और प्रसंस्करण
  • बेहतर रिकवरी दर
  • समय पर भुगतान की संभावना अधिक

गोला गोकरननाथ शुगर मिल का स्थान और आस-पास के क्षेत्र

स्थान

गोला गोकरननाथ शुगर मिल लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकरननाथ शहर में स्थित है।

आस-पास के प्रमुख क्षेत्र

क्षेत्रदूरी (अनुमानित)विशेषता
लखीमपुर शहर~35 किमीजिला मुख्यालय
खम्भारखेड़ा~20 किमीअन्य बजाज मिल
पलिया~40 किमीगन्ना उत्पादन क्षेत्र
मोहम्मदी~30 किमीप्रमुख बाज़ार
निघासन~25 किमीकृषि क्षेत्र

गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026 — गोला गोकरननाथ

पर्ची कैलेंडर कैसे देखें?

चरण 1: उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग की वेबसाइट sugarcane.up.gov.in पर जाएँ।

चरण 2: “पर्ची जारी कैलेंडर” विकल्प चुनें।

चरण 3: जिला — लखीमपुर खीरी और मिल — गोला गोकरननाथ चुनें।

चरण 4: अपना गन्ना पंजीकरण नंबर दर्ज करें।

चरण 5: पर्ची कैलेंडर देखें और अपनी तारीख नोट करें।

पर्ची कैलेंडर के बारे में महत्वपूर्ण बातें

  • हर सत्र में नया कैलेंडर जारी होता है
  • पर्ची में तारीख, समय और गेट नंबर होता है
  • पर्ची खो जाने पर दोबारा डाउनलोड कर सकते हैं
  • मोबाइल पर भी SMS से पर्ची की जानकारी मिलती है

** ज़रूरी:** पर्ची की तारीख से चूकने पर दोबारा आवेदन करना पड़ेगा। इसलिए समय पर पर्ची चेक करें।


गन्ना भुगतान स्थिति 2026 — गोला गोकरननाथ

भुगतान स्थिति कैसे जाँचें?

चरण 1: sugarcane.up.gov.in पर जाएँ।

चरण 2: “भुगतान स्थिति” विकल्प चुनें।

चरण 3: अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें।

चरण 4: भुगतान का विवरण देखें।

भुगतान प्रक्रिया का विवरण

चरणकार्यसमय-सीमा
1गन्ना तौलउसी दिन
2SAC जाँचउसी दिन
3रसीद जारीउसी दिन
4राशि गणना1-2 दिन
5DBT भुगतान14 दिनों के भीतर

भुगतान में देरी के उपाय

यदि भुगतान में देरी हो रही है, तो:

  1. अपनी तौल रसीद की जाँच करें
  2. बैंक खाता विवरण सत्यापित करें
  3. गन्ना समिति में शिकायत दर्ज करें
  4. जिला गन्ना अधिकारी से मिलें
  5. टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर कॉल करें

** प्रो टिप:** गन्ना समिति के कार्यालय में अपनी शिकायत लिखित में दें और रसीद लें। इससे आपकी शिकायत पर तेज़ी से कार्रवाई होगी।


एमएसपी दर 2025-26 — गन्ना मूल्य

गन्ना मूल्य तालिका

प्रजातिएमएसपी दर (प्रति क्विंटल)
सामान्य गन्ना₹340
अगेती प्रजाति₹345
अनुबंधित गन्नाअनुबंध के अनुसार

SAC (शर्करा प्रतिशत) कैसे बढ़ाएँ?

  • उन्नत प्रजाति का चयन करें
  • समय पर सिंचाई करें
  • उचित मात्रा में खाद डालें
  • गन्ने को पूरा पकने दें
  • कटाई के बाद जल्दी मिल में पहुँचाएँ

गोला गोकरननाथ शुगर मिल — किसानों के लिए उपयोगी सुझाव

1. गन्ने की खेती के लिए सुझाव

  • फरवरी-मार्च में अगेती बुआई करें
  • Co 0238 या Co 0118 जैसी उन्नत प्रजाति उगाएँ
  • ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाएँ
  • जैविक खाद का उपयोग करें
  • कीटनाशकों का सही समय पर छिड़काव करें

2. गन्ना बेचने की तैयारी

  • पर्ची कैलेंडर समय पर देखें
  • गन्ने की पत्तियाँ साफ करें
  • गन्ने को सूखा और ताज़ा रखें
  • तौल रसीद ज़रूर लें

3. भुगतान सुनिश्चित करने के लिए

  • बैंक खाता गन्ना पंजीकरण से लिंक हो
  • आधार कार्ड बैंक से लिंक हो
  • IFSC कोड और खाता नंबर सही हो
  • मोबाइल नंबर बैंक में अपडेट हो

4. गन्ना परिवहन

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करें
  • गन्ने को रस्सी से मज़बूती से बाँधें
  • ओवरलोडिंग से बचें
  • पर्ची की तारीख के अनुसार योजना बनाएँ

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ — संपर्क जानकारी

संपर्क विवरणजानकारी
मिल का नामबजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ
पतागोला गोकरननाथ, जिला लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश
जिलालखीमपुर खीरी
गन्ना विभाग हेल्पलाइन1800-180-1551 (टोल फ्री)
आधिकारिक वेबसाइटbajajhindusthan.com
गन्ना विभाग वेबसाइटsugarcane.up.gov.in

बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड — समूह का परिचय

बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) भारत की सबसे बड़ी चीनी उत्पादक कंपनी है। 1931 में स्थापित, यह कंपनी दशकों से किसानों की सेवा कर रही है। BHL की उत्तर प्रदेश में 8 चीनी मिलें हैं, जो मिलकर लाखों किसानों को सेवा प्रदान करती हैं।


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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: गोला गोकरननाथ शुगर मिल की पेराई क्षमता कितनी है?

उत्तर: बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ की पेराई क्षमता लगभग 14,000 TCD है। यह बजाज समूह की सबसे बड़ी मिलों में से एक है।

Q2: गोला गोकरननाथ मिल में गन्ने का भुगतान कितने दिनों में मिलता है?

उत्तर: गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।

Q3: गोला गोकरननाथ मिल के लिए पर्ची कैलेंडर कहाँ देखें?

उत्तर: sugarcane.up.gov.in पर “पर्ची जारी कैलेंडर” में लखीमपुर खीरी जिला और गोला गोकरननाथ मिल चुनकर पर्ची कैलेंडर देख सकते हैं।

Q4: गोला गोकरननाथ और खम्भारखेड़ा मिल में क्या अंतर है?

उत्तर: दोनों बजाज हिंदुस्थान की मिलें हैं और लखीमपुर खीरी जिले में हैं। गोला गोकरननाथ उत्तरी क्षेत्र के लिए है, जबकि खम्भारखेड़ा दक्षिणी क्षेत्र के किसानों के लिए है।


गन्ने की खेती में सामान्य गलतियाँ

कई किसान गन्ने की खेती में कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जिनसे बचना चाहिए:

  • एक ही प्रजाति बार-बार उगाना — हर 3-4 साल में प्रजाति बदलें
  • अधिक नाइट्रोजन डालना — संतुलित खाद का उपयोग करें
  • सिंचाई का सही समय न जानना — मिट्टी की नमी जाँचकर सिंचाई करें
  • गन्ने की तुड़ाई में देरी करना — पकने पर तुरंत काटें
  • गन्ने को लंबे समय तक खेत में रखना — जल्दी मिल में पहुँचाएँ

गन्ने की फसल में रोग और कीट

गन्ने की फसल कई रोगों और कीटों से प्रभावित हो सकती है। इनसे बचाव के लिए सही जानकारी ज़रूरी है:

प्रमुख रोग:

  • लाल सड़न: गन्ने के तने में लाल रंग की सड़न होती है
  • पत्ती धारी रोग: पत्तियों पर धारियाँ दिखाई देती हैं
  • गलन रोग: गन्ने का तना गल जाता है

प्रमुख कीट:

  • तना छेदक: गन्ने के तने में छेद करता है
  • ऊनी कीट: पत्तियों पर सफेद ऊन जैसा पदार्थ
  • एफिड: पत्तियों का रस चूसता है

बचाव के उपाय:

  • रोग प्रतिरोधी प्रजाति का चयन करें
  • संक्रमित पौधों को तुरंत हटाएँ
  • कीटनाशकों का सही समय पर छिड़काव करें
  • फसल चक्र अपनाएँ
  • कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें

गन्ने की कटाई के बाद देखभाल

गन्ने की कटाई के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण काम करने होते हैं:

  • कटाई के बाद गन्ने को छाया में रखें
  • 24-48 घंटे के भीतर मिल में पहुँचाएँ
  • गन्ने को पानी से बचाएँ
  • गन्ने की पत्तियाँ साफ करें
  • गन्ने को सीधा रखें (टेढ़ा रखने से तौल में कमी आती है)

भुगतान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली:

DBT प्रणाली के तहत गन्ने का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। इस प्रणाली के कई फायदे हैं:

  • बिचौलियों की भूमिका समाप्त
  • भुगतान में पारदर्शिता
  • समय पर भुगतान
  • किसान को पूरा पैसा सीधे मिलता है

भुगतान का गणना:

भुगतान की गणना निम्नलिखित आधार पर होती है:

कारकविवरण
गन्ने का वज़नक्विंटल में
SAC%शर्करा प्रतिशत
एमएसपी दरप्रति क्विंटल मूल्य
कुल राशिवज़न × SAC × दर

भुगतान में देरी के कारण:

  • बैंक खाते में तकनीकी समस्या
  • आधार-बैंक लिंकिंग की कमी
  • IFSC कोड गलत होना
  • मोबाइल नंबर बैंक में अपडेट न होना
  • मिल की आर्थिक स्थिति

गन्ना परिवहन की विस्तृत जानकारी

गन्ना परिवहन एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। सही तरीके से गन्ना ले जाने पर गन्ने की गुणवत्ता बनी रहती है और बेहतर मूल्य मिलता है।

परिवहन के लिए सुझाव:

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करें
  • गन्ने को रस्सी से मज़बूती से बाँधें
  • ओवरलोडिंग से बचें — जुर्माना लग सकता है
  • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें
  • पर्ची की तारीख के अनुसार योजना बनाएँ
  • गन्ने को ढककर ले जाएँ (धूप और पानी से बचाव)
  • रास्ते में गन्ना न गिरने दें

परिवहन में सामान्य गलतियाँ:

  • ओवरलोडिंग करना
  • गन्ने को बिना बाँधे ले जाना
  • गीले गन्ने का परिवहन करना
  • गलत तारीख पर गन्ना ले जाना
  • बिना पर्ची के गन्ना ले जाना

गन्ने की सिंचाई की विस्तृत जानकारी

गन्ने की फसल के लिए सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है। गन्ने को पूरे सत्र में 8-10 सिंचाई की ज़रूरत होती है।

सिंचाई का समय:

मौसमसिंचाई का अंतराल
गर्मी10-12 दिन
सर्दी15-20 दिन
बरसातज़रूरत के अनुसार

सिंचाई के तरीके:

  • पारंपरिक सिंचाई: नालियों से पानी देना — अधिक पानी लगता है
  • ड्रिप सिंचाई: बूँद-बूँद करके पानी देना — 30-40% पानी की बचत
  • स्प्रिंकलर सिंचाई: फव्वारे से पानी देना — 20-30% पानी की बचत

जल निकासी:

बरसात के मौसम में जल निकासी का उचित प्रबंधन बहुत ज़रूरी है। खेत में पानी जमा होने से गन्ने की जड़ें सड़ सकती हैं और फसल बर्बाद हो सकती है।

जल निकासी के उपाय:

  • खेत में नालियाँ बनाएँ
  • खेत के चारों ओर मेड़ बनाएँ
  • अतिरिक्त पानी बाहर निकालें
  • नहरों की सफाई करें

गन्ने की खेती में सामान्य गलतियाँ

कई किसान गन्ने की खेती में कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जिनसे बचना चाहिए:

  • एक ही प्रजाति बार-बार उगाना — हर 3-4 साल में प्रजाति बदलें
  • अधिक नाइट्रोजन डालना — संतुलित खाद का उपयोग करें
  • सिंचाई का सही समय न जानना — मिट्टी की नमी जाँचकर सिंचाई करें
  • गन्ने की तुड़ाई में देरी करना — पकने पर तुरंत काटें
  • गन्ने को लंबे समय तक खेत में रखना — जल्दी मिल में पहुँचाएँ

गन्ने की फसल में रोग और कीट

गन्ने की फसल कई रोगों और कीटों से प्रभावित हो सकती है। इनसे बचाव के लिए सही जानकारी ज़रूरी है:

प्रमुख रोग:

  • लाल सड़न: गन्ने के तने में लाल रंग की सड़न होती है
  • पत्ती धारी रोग: पत्तियों पर धारियाँ दिखाई देती हैं
  • गलन रोग: गन्ने का तना गल जाता है

प्रमुख कीट:

  • तना छेदक: गन्ने के तने में छेद करता है
  • ऊनी कीट: पत्तियों पर सफेद ऊन जैसा पदार्थ
  • एफिड: पत्तियों का रस चूसता है

बचाव के उपाय:

  • रोग प्रतिरोधी प्रजाति का चयन करें
  • संक्रमित पौधों को तुरंत हटाएँ
  • कीटनाशकों का सही समय पर छिड़काव करें
  • फसल चक्र अपनाएँ
  • कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें

गन्ने की कटाई के बाद देखभाल

गन्ने की कटाई के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण काम करने होते हैं:

  • कटाई के बाद गन्ने को छाया में रखें
  • 24-48 घंटे के भीतर मिल में पहुँचाएँ
  • गन्ने को पानी से बचाएँ
  • गन्ने की पत्तियाँ साफ करें
  • गन्ने को सीधा रखें (टेढ़ा रखने से तौल में कमी आती है)

भुगतान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली:

DBT प्रणाली के तहत गन्ने का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। इस प्रणाली के कई फायदे हैं:

  • बिचौलियों की भूमिका समाप्त
  • भुगतान में पारदर्शिता
  • समय पर भुगतान
  • किसान को पूरा पैसा सीधे मिलता है

भुगतान का गणना:

भुगतान की गणना निम्नलिखित आधार पर होती है:

कारकविवरण
गन्ने का वज़नक्विंटल में
SAC%शर्करा प्रतिशत
एमएसपी दरप्रति क्विंटल मूल्य
कुल राशिवज़न × SAC × दर

भुगतान में देरी के कारण:

  • बैंक खाते में तकनीकी समस्या
  • आधार-बैंक लिंकिंग की कमी
  • IFSC कोड गलत होना
  • मोबाइल नंबर बैंक में अपडेट न होना
  • मिल की आर्थिक स्थिति

गन्ना परिवहन की विस्तृत जानकारी

गन्ना परिवहन एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। सही तरीके से गन्ना ले जाने पर गन्ने की गुणवत्ता बनी रहती है और बेहतर मूल्य मिलता है।

परिवहन के लिए सुझाव:

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करें
  • गन्ने को रस्सी से मज़बूती से बाँधें
  • ओवरलोडिंग से बचें — जुर्माना लग सकता है
  • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें
  • पर्ची की तारीख के अनुसार योजना बनाएँ
  • गन्ने को ढककर ले जाएँ (धूप और पानी से बचाव)
  • रास्ते में गन्ना न गिरने दें

परिवहन में सामान्य गलतियाँ:

  • ओवरलोडिंग करना
  • गन्ने को बिना बाँधे ले जाना
  • गीले गन्ने का परिवहन करना
  • गलत तारीख पर गन्ना ले जाना
  • बिना पर्ची के गन्ना ले जाना

गन्ने की सिंचाई की विस्तृत जानकारी

गन्ने की फसल के लिए सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है। गन्ने को पूरे सत्र में 8-10 सिंचाई की ज़रूरत होती है।

सिंचाई का समय:

मौसमसिंचाई का अंतराल
गर्मी10-12 दिन
सर्दी15-20 दिन
बरसातज़रूरत के अनुसार

सिंचाई के तरीके:

  • पारंपरिक सिंचाई: नालियों से पानी देना — अधिक पानी लगता है
  • ड्रिप सिंचाई: बूँद-बूँद करके पानी देना — 30-40% पानी की बचत
  • स्प्रिंकलर सिंचाई: फव्वारे से पानी देना — 20-30% पानी की बचत

जल निकासी:

बरसात के मौसम में जल निकासी का उचित प्रबंधन बहुत ज़रूरी है। खेत में पानी जमा होने से गन्ने की जड़ें सड़ सकती हैं और फसल बर्बाद हो सकती है।

जल निकासी के उपाय:

  • खेत में नालियाँ बनाएँ
  • खेत के चारों ओर मेड़ बनाएँ
  • अतिरिक्त पानी बाहर निकालें
  • नहरों की सफाई करें

निष्कर्ष

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गोला गोकरननाथ लखीमपुर खीरी जिले के गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाई है। लगभग 14,000 TCD की पेराई क्षमता वाली यह मिल हजारों किसान परिवारों की आजीविका का आधार है। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे पर्ची कैलेंडर नियमित रूप से देखें, गन्ने की गुणवत्ता बनाए रखें और भुगतान की स्थिति पर नज़र रखें। CaneUp.xyz पर गोला गोकरननाथ और अन्य सभी चीनी मिलों की ताज़ा जानकारी उपलब्ध है।

गन्ना किसानों की जय!

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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