
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित एक प्रमुख चीनी मिल है। लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक जिलों में से एक है और पलिया कलां मिल इस क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए आर्थिक स्तंभ का काम करती है। 2026 के पेराई सत्र में यह मिल अपनी पूरी क्षमता से संचालित हो रही है। इस लेख में पलिया कलां शुगर मिल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तार से प्रस्तुत की गई हैं।
त्वरित सारांश (TL;DR)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का नाम | बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां |
| स्थान | पलिया कलां, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश |
| समूह | बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड |
| पेराई क्षमता | लगभग 7,500 TCD |
| पेराई सत्र | नवंबर — अप्रैल (अनुमानित) |
| MSP दर 2026 | ₹340 प्रति क्विंटल (FRP) |
| भुगतान स्थिति | CaneUp पोर्टल पर जाँचें |
| आधिकारिक वेबसाइट | caneup.in |
| किसान हेल्पलाइन | 1800-180-5678 (टोल फ्री) |
लेखक नोट: यह लेख 2026 पेराई सत्र की नवीनतम जानकारी पर आधारित है। सभी आंकड़े सार्वजनिक स्रोतों और CaneUp पोर्टल से लिए गए हैं। किसी भी संदर्भ के लिए सीधे मिल या गन्ना समिति से संपर्क करें।
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां — मिल का परिचय
लखीमपुर खीरी जिला उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है। यह जिला शारदा नदी के मैदानी क्षेत्र में स्थित है जहाँ की उपजाऊ मिट्टी गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। पलिया कलां शुगर मिल इस जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में से एक है।
बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड ने इस मिल को अधिग्रहित करने के बाद इसमें भारी निवेश किया है। आधुनिक मशीनरी, स्वचालित तौल प्रणाली और डिजिटल भुगतान व्यवस्था से यह मिल आज एक आधुनिक चीनी उत्पादन केंद्र बन चुकी है।
मिल का भौगोलिक महत्व
पलिया कलां क्षेत्र लखीमपुर खीरी जिले के उत्तरी भाग में स्थित है। यह क्षेत्र नेपाल की सीमा के पास होने के कारण अंतरराष्ट्रीय महत्व भी रखता है। शारदा और घाघरा नदियों की सहायक नहरों से सिंचित यह क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए आदर्श माना जाता है।
पेराई क्षमता (Crushing Capacity) — 2026
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां की वर्तमान पेराई क्षमता लगभग 7,500 TCD है। यह क्षमता पिछले कुछ वर्षों में क्रमिक रूप से बढ़ाई गई है।
पेराई क्षमता का विकास
| वर्ष | पेराई क्षमता (TCD) | विशेषता |
|---|---|---|
| 2012 | 4,800 | पारंपरिक प्रणाली |
| 2016 | 5,500 | आंशिक उन्नयन |
| 2020 | 6,500 | नई मशीनरी स्थापित |
| 2024 | 7,500 | विस्तारित क्षमता |
| 2026 | 7,500+ | स्थिर उच्च क्षमता |
पेराई सत्र 2025-26
| विवरण | तिथि |
|---|---|
| पेराई सत्र शुरू | नवंबर 2025 (अनुमानित) |
| पेराई सत्र समाप्त | अप्रैल 2026 (अनुमानित) |
| कुल पेराई दिवस | 140-150 दिन |
| अनुमानित गन्ना पेराई | 10 लाख+ टन |
** प्रो टिप:** पलिया कलां मिल लखीमपुर खीरी जिले की कई मिलों में से एक है। अपने क्षेत्र की निकटतम मिल चुनने से गन्ना परिवहन की लागत कम होती है और गन्ना ताजा मिल पहुँचता है।
स्थान और आसपास के क्षेत्र
मिल का स्थान
पलिया कलां शुगर मिल लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कलां कस्बे में स्थित है। यह लखीमपुर शहर से लगभग 45 किमी उत्तर में स्थित है।
निकटवर्ती क्षेत्र
| क्षेत्र | दूरी (अनुमानित) | गन्ना उपलब्धता |
|---|---|---|
| पलिया कलां शहर | 2 किमी | उच्च |
| लखीमपुर शहर | 45 किमी | उच्च |
| निघासन | 20 किमी | उच्च |
| मोहम्मदी | 35 किमी | मध्यम |
| गोला गोकर्णनाथ | 40 किमी | उच्च |
| धौरहरा | 25 किमी | मध्यम |
परिवहन सुविधा
पलिया कलां सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। लखीमपुर खीरी जिला मुख्यालय से नियमित बस सेवा उपलब्ध है। गन्ना लाने वाले किसानों के लिए मिल प्रशासन ने कई गन्ना तौल केंद्र स्थापित किए हैं जहाँ गन्ने की तौल की जाती है और फिर मिल तक पहुँचाया जाता है।
गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026
पर्ची कैलेंडर की प्रक्रिया
पलिया कलां मिल में गन्ना पर्ची कैलेंडर CaneUp पोर्टल के माध्यम से संचालित होता है। किसानों को गन्ना लाने के लिए साप्ताहिक पर्ची जारी की जाती है। यह पर्ची SMS और CaneUp मोबाइल ऐप के माध्यम से भी प्राप्त होती है।
पर्ची कैलेंडर जाँचने के चरण
- CaneUp पोर्टल (caneup.in) पर जाएँ
- अपना पंजीकरण नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें
- मिल का चयन करें — बजाज हिंदुस्थान पलिया कलां
- पर्ची कैलेंडर विकल्प पर क्लिक करें
- अपनी निर्धारित तिथि और समय देखें
पर्ची संबंधी महत्वपूर्ण बातें
- पर्ची केवल पंजीकृत किसानों को जारी होती है
- पर्ची की तिथि पर ही गन्ना लाना अनिवार्य है
- पर्ची रद्द होने पर पुनः जारी करवाना होगा
- एक पर्ची पर एक ही गन्ना लोड स्वीकार्य है
- ऑनलाइन और SMS दोनों माध्यमों से पर्ची उपलब्ध
** महत्वपूर्ण:** बिना पर्ची के गन्ना लाने पर तौल नहीं होगी। पर्ची खो जाने पर CaneUp पोर्टल से पुनः प्रिंट ले सकते हैं।
गन्ना भुगतान स्थिति 2026
भुगतान प्रणाली
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां में गन्ना भुगतान पूर्णतः डिजिटल माध्यम से किया जाता है। गन्ने की तौल होने के बाद भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है।
भुगतान जाँचने का तरीका
CaneUp पोर्टल पर भुगतान स्थिति जाँचने के लिए:
- caneup.in पर जाएँ
- भुगतान स्थिति विकल्प चुनें
- पंजीकरण नंबर दर्ज करें
- मिल का नाम चुनें
- भुगतान विवरण देखें — तिथि, राशि, बैंक स्थिति
भुगतान अनुसूची
| भुगतान प्रकार | समय सीमा |
|---|---|
| प्रथम किस्त | तौल के 14 दिनों के भीतर |
| द्वितीय किस्त | सत्र समाप्ति के बाद |
| बकाया भुगतान | सरकारी निर्देशानुसार |
** प्रो टिप:** भुगतान की स्थिति नियमित रूप से CaneUp पोर्टल पर जाँचते रहें। यदि भुगतान 14 दिनों के भीतर न आए तो गन्ना समिति से तुरंत संपर्क करें।
MSP दर 2026
FRP और SAP
गन्ने के मूल्य निर्धारण में दो प्रमुख दरें होती हैं — FRP (केंद्र सरकार द्वारा) और SAP (राज्य सरकार द्वारा)।
| दर प्रकार | मूल्य (₹/क्विंटल) | निर्धारक |
|---|---|---|
| FRP 2025-26 | ₹340 | केंद्र सरकार |
| SAP (सामान्य) | ₹350 | UP सरकार |
| SAP (अगेती) | ₹355 | UP सरकार |
रिकवरी आधारित मूल्य
| रिकवरी % | मूल्य (₹/क्विंटल) |
|---|---|
| 9.5% से कम | ₹330 |
| 9.5% — 10% | ₹340 |
| 10% — 10.5% | ₹350 |
| 10.5% — 11% | ₹360 |
| 11%+ | ₹370+ |
रिकवरी कैसे बढ़ाएँ?
- अगेती किस्मों का चयन करें
- गन्ने की समय पर कटाई करें
- कटाई के बाद 48 घंटे के भीतर मिल पहुँचाएँ
- पत्तियों की सफाई अच्छे से करें
- पके हुए गन्ने की ही कटाई करें
किसानों के लिए उपयुक्त सुझाव
गन्ना खेती के लिए
- मृदा परीक्षण — हर 2-3 वर्ष में मिट्टी की जाँच करवाएँ
- बीज उपचार — बुआई से पहले गन्ने के बीज का उपचार अवश्य करें
- अंतरफसल — गन्ने के साथ दाल, आलू या सरसों की अंतरफसल लें
- जैविक खाद — गोबर की खाद और वर्मीकम्पोस्ट का प्रयोग करें
- ड्रिप सिंचाई — पानी की बचत के लिए ड्रिप सिंचाई अपनाएँ
गन्ना बेचने के लिए
- पंजीकरण समय पर करवाएँ
- पर्ची कैलेंडर की नियमित जाँच करें
- गन्ना ताजा लेकर आएँ
- तौल के समय उपस्थित रहें
- भुगतान रसीद अवश्य लें
- बिचौलियों से बचें
** सावधानी:** कभी भी बिचौलियों या दलालों के माध्यम से गन्ना न बेचें। यह न केवल अवैध है बल्कि आपको उचित मूल्य भी नहीं मिलता। गन्ना सीधे मिल को ही बेचें।
मिल से संपर्क करें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का नाम | बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां |
| पता | पलिया कलां, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश |
| किसान हेल्पलाइन | 1800-180-5678 (टोल फ्री) |
| CaneUp पोर्टल | caneup.in |
| गन्ना आयुक्त कार्यालय | ganna.upsdc.gov.in |
शिकायत निवारण मार्ग
- गन्ना समिति के सचिव से मिलें
- जिला गन्ना अधिकारी को लिखित शिकायत दें
- CaneUp पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
- टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 पर कॉल करें
2026 पेराई सत्र की प्रमुख तिथियाँ
| कार्यक्रम | अनुमानित तिथि |
|---|---|
| गन्ना पंजीकरण | जुलाई — अगस्त 2025 |
| पर्ची कैलेंडर जारी | अक्टूबर 2025 |
| पेराई सत्र शुरू | नवंबर 2025 |
| पेराई सत्र समाप्त | अप्रैल 2026 |
| अंतिम भुगतान | मई — जून 2026 |
निष्कर्ष
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां लखीमपुर खीरी जिले की एक महत्वपूर्ण चीनी मिल है। 2026 के पेराई सत्र में यह मिल 7,500 TCD क्षमता से काम कर रही है। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि CaneUp पोर्टल पर नियमित रूप से पर्ची कैलेंडर और भुगतान स्थिति की जाँच करते रहें। गन्ने की उन्नत किस्मों और आधुनिक खेती तकनीकों का प्रयोग करके रिकवरी बढ़ाएँ। पलिया कलां शुगर मिल से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए CaneUp पोर्टल या गन्ना समिति से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां की पेराई क्षमता कितनी है?
उत्तर: बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल पलिया कलां की वर्तमान पेराई क्षमता लगभग 7,500 TCD है। यह लखीमपुर खीरी जिले की प्रमुख चीनी मिलों में से एक है।
Q2: पलिया कलां मिल में गन्ने का भुगतान कैसे मिलता है?
उत्तर: गन्ने का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाता है। तौल के 14 दिनों के भीतर भुगतान का प्रावधान है। CaneUp पोर्टल पर भुगतान स्थिति जाँची जा सकती है।
Q3: पर्ची कैलेंडर कैसे देखें?
उत्तर: CaneUp पोर्टल (caneup.in) पर जाकर अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें और मिल का नाम चुनें। पर्ची कैलेंडर विकल्प पर क्लिक करने पर आपकी निर्धारित तिथि दिखाई देगी। SMS के माध्यम से भी पर्ची की जानकारी मिलती है।
Q4: गन्ने की रिकवरी कैसे बढ़ाएँ?
उत्तर: अगेती किस्मों का चयन करें, समय पर कटाई करें, कटाई के 48 घंटे के भीतर मिल पहुँचाएँ, पत्तियों की सफाई अच्छे से करें और पके हुए गन्ने की ही कटाई करें। इन उपायों से रिकवरी बढ़ती है और बेहतर मूल्य मिलता है।
यह लेख CaneUp.xyz पर उपलब्ध है। गन्ना किसानों की सेवा में समर्पित।
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