
उत्तर प्रदेश के 50 लाख से अधिक गन्ना कृषकों के लिए पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले सबसे अनिवार्य और प्राथमिक कर्तव्य अपना गन्ना घोषणा पत्र (Self Declaration Form) ऑनलाइन सबमिट करना है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन कृषकों का वैध घोषणा पत्र 30 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक विभाग के केंद्रीय सर्वर पर सत्यापित नहीं होगा, उनका गन्ना सट्टा (Bonding) आगामी पेराई सत्र के लिए स्वतः ‘अक्रियाशील’ (Inactive) कर दिया जाएगा। इसका सीधा परिणाम यह होगा कि किसान के नाम पर कोई भी डिजिटल या एसएमएस गन्ना पर्ची (Ganna Parchi) जारी नहीं होगी।
डिजिटल इंडिया और उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित आधिकारिक पोर्टल cane up.in (और इसका डेटा-एनालिटिक्स सब-डोमेन enquiry.caneup.in) ने इस पूरी प्रक्रिया को कागजी फाइलों से निकालकर पूर्णतः पेपरलेस और पारदर्शी बना दिया है। पहले किसानों को गन्ना विकास परिषद या सहकारी गन्ना विकास समिति के दफ्तरों में घंटों कतार में खड़े होकर हाथ से भरा हुआ फॉर्म, खतौनी और पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करनी पड़ती थी। कई बार कागजात गुम होने या गलत एंट्री होने के कारण सट्टा ब्लॉक हो जाता था। अब कोई भी किसान अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन, कंप्यूटर या नजदीकी सीएससी (CSC - जन सेवा केंद्र) से मात्र 10 मिनट में यह घोषणा पत्र भर सकता है।
इस 2200+ शब्दों की विस्तृत मार्गदर्शिका में हम CaneUp घोषणा पत्र 2026-27 के प्रत्येक चरण, राजस्व गांव कोड व गाटा संख्या की सटीक प्रविष्टि, सह-खातेदारों के बीच अंश निर्धारण, आधार ई-केवाईसी और समिति द्वारा स्वीकृति जांचने के सम्पूर्ण तौर-तरीकों का वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं।
गन्ना घोषणा पत्र क्या है और यह क्यों अनिवार्य है?
गन्ना घोषणा पत्र उत्तर प्रदेश गन्ना (आपूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 और नियमावली 1954 के नियम 54 के तहत एक वैधानिक शपथ-पत्र है। इस प्रपत्र के माध्यम से किसान आधिकारिक तौर पर प्रमाणित करता है कि:
- उसके पास चालू वर्ष में गन्ने की खेती के लिए कुल कितनी कृषि भूमि उपलब्ध है?
- उस कुल रकबे में से कितने हेक्टेयर/बीघा में गन्ने की पेड़ी (Ratoon) और कितने में पौधा (Plant Cane) खड़ा है?
- गन्ने की कौन-सी प्रजाति बोई गई है—अगेती (Early Maturing जैसे Co-15023, Co-0118) या सामान्य (General Variety)?
- भूमि का स्वामित्व एकल (Single Owner) है या संयुक्त (Joint Holding)?
- क्या किसान ने किसी अन्य समिति या चीनी मिल के साथ दोहरा सट्टा (Duplicate Satta) तो नहीं बना रखा है?
विभाग को इस घोषणा पत्र की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि चीनी मिलों को वास्तविक गन्ने की उपलब्धता का सटीक पूर्वानुमान मिल सके और बिचौलियों या फर्जी सट्टेबाजों द्वारा दूसरों की जमीन पर अवैध पर्चियां कटवाने की प्रवृत्ति पर 100% रोक लगाई जा सके।
घोषणा पत्र न भरने पर होने वाले नुकसान
- सट्टा लॉक होना: 30 सितंबर की समयसीमा बीतते ही समिति के डेटाबेस में आपका किसान कोड ‘Lock’ या ‘Inactive’ प्रदर्शित होगा।
- बेसिक कोटे का नुकसान: यदि आपका घोषणा पत्र नहीं भरा गया, तो पिछले तीन वर्षों की औसत आपूर्ति (Basic Quota) सुरक्षित रहने के बावजूद उस पर पर्चियों का आवंटन रोक दिया जाएगा।
- कैलेंडर शून्य दिखना: enquiry.caneup.in अथवा eGanna App पर जब आप अपना 12 पखवाड़े का कैलेंडर खोलेंगे, तो वहां ‘कैलेंडर उपलब्ध नहीं है’ का संदेश दिखाई देगा।
- सब्सिडी और बीज आवंटन बंद: कृषि विभाग व शोध परिषदों से मिलने वाली बीज सब्सिडी और कीटनाशक अनुदान की पात्रता समाप्त हो जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज और तकनीकी तैयारी (Prerequisites)
ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने के लिए बैठने से पहले आपके पास निम्नलिखित सूचनाएं और दस्तावेज तैयार होने चाहिए:
| क्रम | आवश्यक दस्तावेज / जानकारी | विवरण व आवश्यकता |
|---|---|---|
| 1 | 14-अंकीय यूजीसी (UGC) कोड या किसान कोड | अपनी पुरानी पर्ची, कैलेंडर या enquiry.caneup.in से प्राप्त 4 अंकों का किसान कोड व समिति कोड। |
| 2 | आधार कार्ड नंबर | 12 अंकों का आधार नंबर जो बैंक खाते व मोबाइल नंबर से लिंक हो। |
| 3 | नवीनतम खतौनी की नकल | भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) से निकाली गई वर्तमान खतौनी, जिसमें खाता संख्या और गाटा संख्या स्पष्ट हो। |
| 4 | राजस्व ग्राम कोड (LGD Code) | आपकी तहसील व ब्लॉक के अनुसार गांव का 6 अंकों का राजस्व कोड। |
| 5 | सक्रिय मोबाइल नंबर | जिस पर समिति द्वारा सत्यापन एवं लॉगिन ओटीपी प्राप्त हो सके। |
| 6 | बैंक पासबुक विवरण | बैंक का नाम, शाखा, आईएफएससी कोड और सक्रिय खाता संख्या (NPCI मैप्ड)। |
Caneup.in पर घोषणा पत्र भरने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
घोषणा पत्र भरने की प्रक्रिया अत्यंत सीधी है, बशर्ते आप हर कॉलम को सही और प्रमाणित जानकारी के साथ भरें। नीचे दिए गए 7 चरणों का क्रमवार पालन करें:
चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन
- अपने मोबाइल या लैपटॉप के वेब ब्राउज़र (Google Chrome अनुशंसित) में cane up.in या सीधे enquiry.caneup.in खोलें।
- होमपेज पर ऊपर दिए गए ‘किसान भाई अपने आंकड़े देखने के लिए नीचे क्लिक करें’ बटन पर टैप करें।
- सुरक्षा कैप्चा कोड (Captcha Code) दर्ज करके ‘View’ पर क्लिक करें।
- अपने जिले (District), संबंधित सहकारी गन्ना विकास समिति (Factory/Society) और गांव (Village) का चयन करें।
- अपनी किसान सूची में से अपना नाम चुनें अथवा सीधे अपना किसान कोड (Grower Code) प्रविष्ट करें।
चरण 2: किसान प्रोफाइल और घोषणा पत्र विकल्प का चयन
जब आपका किसान डैशबोर्ड खुल जाए, तो स्क्रीन के ऊपरी नेविगेशन मेन्यू में दाईं ओर ‘घोषणा पत्र’ (Declaration Form / Revenue Data Entry) का टैब दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
- पोर्टल आपसे सुरक्षा हेतु आपका पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा बैंक खाता संख्या के अंतिम 4 अंक सत्यापित करने के लिए कहेगा।
- सत्यापन पूरा होते ही घोषणा पत्र का डिजिटल प्रारूप स्क्रीन पर खुल जाएगा।
चरण 3: सामान्य एवं बैंक विवरण का सत्यापन
स्क्रीन पर आपके नाम, पिता का नाम, गांव और बैंक खाते का विवरण पहले से भरा हुआ दिखाई देगा।
- यह जांच लें कि क्या आपका आईएफएससी (IFSC) कोड सही है? (यदि आपके ग्रामीण बैंक का किसी बड़े बैंक में विलय हुआ है, तो नया आईएफएससी कोड दर्ज करें)।
- अपने आधार कार्ड के 12 अंक दर्ज करें और ‘आधार सहमति’ (Consent Checkbox) पर टिक करें।
चरण 4: राजस्व भूमि का विवरण जोड़ना (Land Records Entry)
यह घोषणा पत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। यहां आपको अपनी खतौनी के अनुसार प्रत्येक खेत का विवरण जोड़ना होगा:
- राजस्व ग्राम: ड्रॉपडाउन मेन्यू से अपना राजस्व गांव चुनें (यदि जमीन किसी दूसरे गांव में है तो उस गांव का चयन करें)।
- खाता संख्या: अपनी खतौनी की नकल में देखकर 5 या 6 अंकों की खाता संख्या दर्ज करें।
- गाटा / खसरा संख्या: उस विशेष खेत का खसरा नंबर दर्ज करें (जैसे 142, 258/1 आदि)।
- गाटे का कुल क्षेत्रफल: खतौनी में दर्ज उस गाटे का कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) दर्ज करें।
- किसान का अंश (Share Percentage): यदि खेत में 2 सगे भाई बराबर के हिस्सेदार हैं, तो आपका अंश 50% होगा। यदि जमीन सिर्फ आपके नाम है, तो 100% दर्ज करें।
- ‘Add Land’ (भूमि जोड़ें) बटन पर क्लिक करें। इसी प्रकार अपने सभी गाटों को एक-एक करके सूची में जोड़ते जाएं।
चरण 5: गन्ने की फसल का रकबा व प्रजाति विवरण (Crop Details)
प्रत्येक गाटे के सामने आपको चालू वर्ष में बोई गई गन्ने की फसल का विवरण भरना होगा:
- पौधा (Plant) रकबा: चालू वर्ष में बोए गए नए गन्ने का क्षेत्रफल।
- पेड़ी (Ratoon) रकबा: पिछले वर्ष के गन्ने की कटाई के बाद रखी गई पेड़ी का क्षेत्रफल।
- शरदकालीन (Autumn) रकबा: यदि आपने सितंबर-अक्टूबर में बुवाई की है।
- प्रजाति चयन: ड्रॉपडाउन से अपनी किस्म चुनें—Co-15023, Co-0118, Co-0238, CoLk-14201 आदि। अगेती प्रजाति को अगेती के कॉलम में ही चुनें।
कुल कृषि रकबा = गाटा क्षेत्रफल × किसान का अंश %
गन्ना रकबा = पौधा रकबा + पेड़ी रकबा (यह कुल कृषि रकबे से अधिक नहीं हो सकता)
चरण 6: स्व-घोषणा और डिजिटल सबमिशन
सभी गाटों और गन्ने के रकबे की प्रविष्टि के बाद स्क्रीन के अंत में दिए गए वैधानिक घोषणा पर टिक करें:
“मैं प्रमाणित करता हूँ कि मेरे द्वारा दी गई उपरोक्त जानकारी मेरी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार पूर्णतः सत्य है। यदि कोई भी विवरण असत्य पाया जाता है तो मेरा गन्ना सट्टा निरस्त किया जा सकता है।”
इसके बाद ‘Submit Declaration’ (सबमिट करें) बटन पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर एक पुष्टिकरण ओटीपी (OTP) आएगा। ओटीपी दर्ज करते ही स्क्रीन पर हरे रंग में ‘Success: Declaration Form Submitted Successfully’ का संदेश आ जाएगा और एक रेफरेंस नंबर (Reference ID) जनरेट होगा।
चरण 7: पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) डाउनलोड करें
सबमिट करने के तुरंत बाद ‘Print Receipt’ बटन पर क्लिक करके अपनी डिजिटल रसीद की पीडीएफ फाइल सुरक्षित रख लें। इस रसीद पर आपकी यूनिक फॉर्म आईडी, सबमिशन की तारीख और समय अंकित होता है, जो भविष्य में किसी भी विवाद के समय समिति में प्रमाण के रूप में काम आता है।
घोषणा पत्र भरते समय 5 सबसे घातक गलतियां (Common Mistakes to Avoid)
उत्तर प्रदेश के हजारों किसानों के घोषणा पत्र हर साल कुछ छोटी-छोटी तकनीकी भूलों के कारण रिजेक्ट हो जाते हैं। इन गलतियों से हर हाल में बचें:
- रकबे का खतौनी से अधिक होना: यदि आपकी खतौनी में आपका कुल अंश 0.500 हेक्टेयर है और आपने गन्ने का रकबा 0.600 हेक्टेयर भर दिया, तो पोर्टल का ऑटोमेटेड ऑडिट सिस्टम फॉर्म को तत्काल लाल निशान (Flagged/Rejected) में डाल देगा।
- गलत गाटा संख्या दर्ज करना: कई किसान बंदोबस्त के पुराने गाटा नंबर भर देते हैं। हमेशा वर्तमान खतौनी के कंप्यूटराइज्ड 6-अंकीय गाटा नंबर ही प्रविष्ट करें।
- सह-खातेदारों के अंश में विवाद: यदि किसी गाटे में 4 खातेदार हैं और सभी ने अपना अंश 50-50% भर दिया (जिससे कुल योग 200% हो गया), तो सभी खातेदारों का सट्टा जांच के दायरे में आ जाएगा। अपने वास्तविक कानूनी हिस्से के अनुसार ही प्रतिशत भरें।
- अगेती किस्म को सामान्य में भरना: Co-15023 या Co-0118 जैसी जल्दी पकने वाली उन्नत प्रजातियों को गलती से सामान्य किस्म में न चुनें, अन्यथा चीनी मिल चलने के पहले महीने में आपकी पर्ची नहीं कटेगी।
- अंतिम तिथि की प्रतीक्षा करना: 28 से 30 सितंबर के दौरान राज्य भर से लाखों किसान एक साथ पोर्टल पर लॉगिन करते हैं, जिससे सर्वर स्लो हो जाता है और ओटीपी आने में देरी होती है। इसलिए अंतिम तारीख से कम से कम 10 दिन पहले फॉर्म पूरा कर लें।
घोषणा पत्र सत्यापन की स्थिति कैसे ट्रैक करें?
फॉर्म सबमिट करने के बाद गन्ना विकास परिषद के क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक (Cane Supervisor) और जीपीएस सर्वेयर द्वारा आपके डेटा का भौतिक मिलान किया जाता है। सत्यापन की प्रगति जांचने के लिए:
- enquiry.caneup.in पर दोबारा लॉगिन करें।
- ‘घोषणा पत्र स्थिति’ (Declaration Status) विकल्प पर जाएं।
- यदि स्थिति ‘Verified by Supervisor’ या ‘Accepted at Society’ दिखाई दे रही है, तो आपका सट्टा सुरक्षित है।
- यदि स्थिति ‘Query Raised’ या ‘Pending Objection’ दिखे, तो तुरंत अपनी समिति के सचिव या ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (CDI) से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज दिखाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)
Q1. यदि हमारे पास इस वर्ष नई जमीन खरीदी गई है, तो उसका घोषणा पत्र कैसे भरें?
उत्तर: नई खरीदी गई जमीन की प्रमाणित खतौनी की नकल लेकर गन्ना समिति कार्यालय जाएं। वहां ऑपरेटर से अपने सट्टे में नया गाटा संख्या लिंक कराएं और फिर cane up.in पर जाकर उसका ऑनलाइन घोषणा पत्र भरें।
Q2. क्या पट्टे (लीज) पर ली गई जमीन पर घोषणा पत्र भरा जा सकता है?
उत्तर: हां, उत्तर प्रदेश गन्ना नियमावली के अनुसार वैध रजिस्टर्ड लीज एग्रीमेंट या समिति द्वारा निर्धारित ‘सहमति पत्र’ के आधार पर लीज भूमि का विवरण दर्ज किया जा सकता है, बशर्ते मूल भूस्वामी ने उस रकबे पर अपना सट्टा न बनवाया हो।
Q3. घोषणा पत्र में गलत जानकारी दर्ज हो गई हो तो क्या संशोधन संभव है?
उत्तर: हां, जब तक समिति स्तर पर सत्यापन ‘Approved’ नहीं होता, तब तक आप पोर्टल पर ‘Edit Declaration’ विकल्प का उपयोग करके सुधार कर सकते हैं। सत्यापन के बाद सुधार के लिए समिति में लिखित आपत्ति देनी होगी।
Q4. मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा है, क्या करें?
उत्तर: अपने मोबाइल नेटवर्क की जांच करें, डीएनडी (DND) सेवा निष्क्रिय रखें, अथवा सुबह 6 से 9 बजे के बीच प्रयास करें जब सर्वर ट्रैफिक न्यूनतम होता है। यदि समस्या बनी रहे तो समिति में मोबाइल नंबर अपडेट कराएं।
Q5. घोषणा पत्र की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: पेराई सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
निष्कर्ष: समय रहते सट्टा सुरक्षित करें
गन्ना किसानों की पूरे साल की आजीविका उनकी गन्ना पर्चियों के सुचारू निर्गमन पर टिकी होती है। caneup पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठाते हुए प्रत्येक किसान को चाहिए कि वह बिना किसी लापरवाही के अपना घोषणा पत्र तुरंत सबमिट करे और अपने आसपास के साथी किसानों को भी जागरूक करे। किसी भी तकनीकी सहायता अथवा पूछताछ के लिए विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 पर प्रातः 10 से सायं 6 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
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