इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
उत्तर प्रदेश के 50 लाख से अधिक गन्ना किसानों के लिए नए पेराई सत्र 2026-27 की तैयारी के तहत सर्वे डेटा का भौतिक सत्यापन चल रहा है। यदि आपके सर्वे में गन्ने का रकबा (Area) कम चढ़ गया है या पौधा (Plant) की जगह पेड़ी (Ratoon) दर्ज हो गया है, तो इसे तुरंत ठीक करा लें।
30 अगस्त 2026 के बाद सर्वे डेटा पूरी तरह फ्रीज कर दिया जाएगा, जिसके आधार पर सट्टा प्री-कैलेंडर और पर्चियां जारी होंगी।
सर्वे डेटा में आम तौर पर होने वाली 4 बड़ी गलतियां
- रकबे की घटतौली: वास्तव में 1 हेक्टेयर गन्ना होने पर पोर्टल पर 0.60 हेक्टेयर ही दर्ज होना।
- फसल किस्म में गड़बड़ी: अगेती किस्म (CoS 17231 या Co 15023) की जगह सामान्य या अनुपयुक्त किस्म चढ़ जाना।
- पेड़ी/पौधा अदला-बदली: पेड़ी फसल में कम पर्चियां मिलती हैं, इसलिए यह प्रविष्टि सही होना बेहद जरूरी है।
- सह-खातेदार का नाम गायब: खतौनी में नाम होने के बावजूद सट्टे में शेयर न चढ़ना।
सर्वे सुधार की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
तरीका 1: CaneUp ऑनलाइन पोर्टल द्वारा
- enquiry.caneup.in पर जाएं और कैप्चा कोड डालकर किसान प्रोफाइल खोलें।
- ‘Survey Data’ टैब पर क्लिक करके अपना खसरा नंबर और रकबा देखें।
- यदि गलती है, तो मेनू में ‘Grievance’ (ऑनलाइन शिकायत) विकल्प चुनें। (देखें CaneUp ऑनलाइन शिकायत गाइड)।
- अपनी खतौनी और सर्वे पर्ची की फोटो अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें।
तरीका 2: गन्ना समिति पर ऑफलाइन आवेदन
- अपने गांव के गन्ना पर्यवेक्षक (Cane Supervisor) से मिलकर सर्वे संशोधन फॉर्म (Form No. 3) प्राप्त करें।
- खतौनी की प्रति और आधार कार्ड लगाकर अपनी सहकारी गन्ना विकास समिति में 30 अगस्त से पहले जमा करें।
निष्कर्ष
समय रहते सर्वे डेटा ठीक कराने से आपकी पर्चियां नहीं कटेंगी। साथ ही ध्यान रखें कि सट्टा चालू रखने के लिए 30 सितंबर तक गन्ना घोषणा पत्र भी अवश्य भरें।
गन्ना सट्टा, पर्ची और कृषि जानकारी के लिए CaneUp.xyz विजिट करें!