
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक की समीक्षा की और अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय से न केवल बाजार में चीनी की आपूर्ति बनी रहेगी, बल्कि गन्ना किसानों को भी उनका हक़ मिलेगा। आइए इस महत्वपूर्ण फैसले की पूरी जानकारी विस्तार से जानते हैं।
उत्तर प्रदेश में चीनी का स्टॉक की स्थिति
| स्टॉक का प्रकार | मात्रा (लाख क्विंटल) |
|---|---|
| कुल स्टॉक | 179.38 |
| सहकारी चीनी मिलें | 23.60 |
| निगम की चीनी मिलें | 5.28 |
| निजी चीनी मिलें | 150.50 |
नोट: उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में इस समय कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। यह स्टॉक किसानों के हक़ में है और बाजार में आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।
⏺ 30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर रोक
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि, कोई भी व्यक्ति या संस्था 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा करके न रखे। इसके अलावा, एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले डीलरों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है ESMA कानून?
- राज्य सरकार ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- यह कानून आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने और जमाखोरी को रोकने के लिए बनाया गया है।
48 लाख किसानों को ₹3,217 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान
उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी बताया कि राज्य में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर भुगतान किया गया है। सरकार के अनुसार, 48 लाख किसानों को कुल ₹3,217 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। यह प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा भुगतान है।
किसान हक़ की बात: यह भुगतान गन्ना नियंत्रण आदेश, 1966 के तहत निर्धारित 14 दिन के नियम के अनुपालन का परिणाम है। योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हक़ को सुरक्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
नया गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से
उत्तर प्रदेश में नया गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। नए सीजन की शुरुआत से पहले, सरकार ने पिछला सीजन सफलतापूर्वक पूरा करते हुए किसानों का भुगतान सुनिश्चित किया है। किसान भाई इस नए सीजन की तैयारी में जुट जाएं।
चीनी की कीमतों में वृद्धि और कारण
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि चीनी की मौजूदा कीमतों में वृद्धि के पीछे कई कारकों का संयुक्त प्रभाव है। इनमें शामिल हैं:
- उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन
- त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी मांग
- मौसम के कारण गन्ने की फसल को नुकसान
- वैश्विक चीनी आपूर्ति में कमी
- कुछ उद्योग के हिस्सों में सट्टेबाजी और जमाखोरी
महत्वपूर्ण तथ्य: घरेलू खुदरा बाजार में चीनी की कीमत 20 जुलाई को ₹48.18 प्रति किलोग्राम से बढ़कर 20 अगस्त को ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई थी। इसके बाद सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण रखने और त्योहारी सीजन में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने के लिए कदम तेज किए हैं।
एथेनॉल उत्पादन को दोषी बताना गलत
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया चीनी कीमत वृद्धि के लिए एथेनॉल उत्पादन हेतु चीनी के डायवर्जन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। मंत्रालय ने बताया कि:
- एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की जाने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में करीब 12% से घटकर 2025-26 में लगभग 9% रह गया है।
- देश में अब एथेनॉल उत्पादन का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अनाज, विशेष रूप से मक्का से प्राप्त होता है।
- सरकार के अनुसार, चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए स्टॉक की निगरानी, जमाखोरी पर कार्रवाई और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत उपाय
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार बाजार की स्थिति पर करीबी नजर रख रही है और उपभोक्ताओं के लिए चीनी की उपलब्धता तथा कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए नियामकीय और आपूर्ति से जुड़े कई कदम उठा रही है।
सरकार के मुख्य कदम:
- स्टॉक की निगरानी करना
- जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करना
- बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना
किसान हेल्पलाइन और संपर्क सूची
यदि किसान भाइयों को भुगतान में देरी हो या कोई समस्या आए, तो निम्नलिखित संपर्कों पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
| सेवा | टोल-फ्री नंबर | कार्य |
|---|---|---|
| जिला गन्ना अधिकारी | 1800-180-5151 | भुगतान संबंधी शिकायतें और मार्गदर्शन |
| PM Kisan हेल्पलाइन | 1800-180-1551 | केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी |
| CaneUp Enquiry | enquiry.caneup.in | ऑनलाइन शिकायत और मार्गदर्शन |
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हक़ को सुरक्षित करते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर रोक, 48 लाख किसानों को रिकॉर्ड भुगतान और नए सीजन की तैयारी - ये सभी कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार गन्ना किसानों के हक़ के प्रति संजीदा है। आने वाले नए गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जिसमें किसानों को उनका पूरा हक़ मिलेगा।
याद रखें: अपनी गन्ने की तौल की रसीद, किसान कोड और भुगतान की तारीख हमेशा अपने पास रखें। यदि भुगतान में देरी हो, तो सबसे पहले मिल से संपर्क करें, फिर जिला गन्ना अधिकारी से।
अगर यह जानकारी आपके काम आई तो इसे अपने किसान भाइयों के साथ शेयर करें और कमेंट करें - आपको अपने क्षेत्र में भुगतान में कैसा अनुभव मिला, हमें बताएं?
यह लेख CaneUp टीम द्वारा Prepared किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना और भुगतान की जानकारी समय-समय पर बदलती है, आधिकारिक जानकारी के लिए pmfby.gov.in और upcane.gov.in पर नजर रखें।
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