
Co-0238 गन्ने की किस्म भारत में सबसे लोकप्रिय और अधिक उत्पादन देने वाली गन्ना किस्म है। यह किस्म भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR), लखनऊ द्वारा विकसित की गई है। Co-0238 अपनी उच्च रिकवरी, अधिक उत्पादन, और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती है। इस लेख में हम Co-0238 गन्ने की किस्म की पूरी जानकारी देंगे — विशेषताएं, उत्पादन, रिकवरी, बुआई का समय, और देखभाल।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| किस्म का नाम | Co-0238 |
| विकसित | ICAR-IISR, लखनऊ |
| उत्पादन | 800-1000 क्विंटल/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 11-12% |
| पकने का समय | 12-14 महीने |
| रोग प्रतिरोध | लाल सड़न, पत्ती धब्बा |
| क्षेत्र | उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार |
यह लेख CaneUp.xyz टीम द्वारा तैयार किया गया है। Co-0238 किस्म की जानकारी ICAR-IISR और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के अनुसंधान पर आधारित है।
Co-0238 भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR), लखनऊ द्वारा विकसित एक उन्नत गन्ना किस्म है। यह किस्म 2015 में जारी की गई थी और तब से भारत के उत्तरी राज्यों में सबसे लोकप्रिय गन्ना किस्म बन गई है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| तना ऊंचाई | 250-300 सेमी |
| तना मोटाई | 2.5-3.0 सेमी |
| तना रंग | हरा-पीला |
| पत्ती लंबाई | 150-180 सेमी |
| पत्ती चौड़ाई | 4-5 सेमी |
| गांठ संख्या | 20-25 |
| तना वज़न | 1.5-2.0 किग्रा/तना |
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| बुआई का समय | फरवरी-मार्च (खरीफ), अक्टूबर-नवंबर (रबी) |
| पकने का समय | 12-14 महीने |
| पौध दर | 75,000-80,000 पौधे/हेक्टेयर |
| सिंचाई | 8-10 सिंचाई |
| खाद | N: 250, P: 80, K: 80 किग्रा/हेक्टेयर |
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| उत्पादन | 800-1000 क्विंटल/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 11-12% |
| चीनी उत्पादन | 100-120 क्विंटल/हेक्टेयर |
| रस की मात्रा | 65-70% |
| रस की गुणवत्ता | उत्तम |
| विशेषता | Co-0238 | Co-0118 | Co-0237 | Co-05009 |
|---|---|---|---|---|
| उत्पादन (क्विंटल/हेक्टेयर) | 800-1000 | 600-750 | 700-850 | 750-900 |
| रिकवरी (%) | 11-12% | 10-11% | 10.5-11.5% | 11-12% |
| पकने का समय | 12-14 महीने | 10-12 महीने | 12-14 महीने | 12-14 महीने |
| लाल सड़न प्रतिरोध | मध्यम | कम | मध्यम | अच्छा |
| पत्ती धब्बा प्रतिरोध | अच्छा | मध्यम | अच्छा | अच्छा |
| व्यापक अनुकूलता | उत्तर भारत | उत्तर भारत | उत्तर भारत | उत्तर भारत |
| लोकप्रियता | सर्वाधिक | मध्यम | मध्यम | बढ़ती |
| मौसम | बुआई का समय | कटाई का समय |
|---|---|---|
| खरीफ (मुख्य) | फरवरी-मार्च | दिसंबर-मार्च |
| रबी (आड़ू) | अक्टूबर-नवंबर | अक्टूबर-दिसंबर (अगले वर्ष) |
चरण 1: भूमि तैयारी
चरण 2: नाली/कूंड बनाना
चरण 3: बीज का चयन
चरण 4: बुआई
चरण 5: सिंचाई
प्रो टिप: Co-0238 की बुआई फरवरी-मार्च में करें। इससे अच्छा उत्पादन मिलता है। देर से बुआई करने पर उत्पादन कम हो सकता है।
| अवस्था | सिंचाई की आवश्यकता |
|---|---|
| बुआई के बाद | तुरंत हल्की सिंचाई |
| अंकुरण (15 दिन) | दूसरी सिंचाई |
| कल्ले निकलना (30-45 दिन) | तीसरी सिंचाई |
| बढ़वार (60-90 दिन) | चौथी सिंचाई |
| तना बनना (120-150 दिन) | पांचवीं सिंचाई |
| पकना (180+ दिन) | छठी सिंचाई |
कुल सिंचाई: 8-10 सिंचाई
| उर्वरक | मात्रा (किग्रा/हेक्टेयर) | समय |
|---|---|---|
| नाइट्रोजन (N) | 250 | 3 बार में |
| फॉस्फोरस (P) | 80 | बुआई के समय |
| पोटाश (K) | 80 | बुआई के समय |
| गोबर खाद | 10-15 टन | बुआई के समय |
| जिंक सल्फेट | 25 | बुआई के समय |
| समय | कार्य |
|---|---|
| 30 दिन | पहली निराई-गुड़ाई |
| 60 दिन | दूसरी निराई-गुड़ाई |
| 90 दिन | तीसरी निराई-गुड़ाई |
| 120 दिन | मिट्टी चढ़ाना |
| कीट/रोग | लक्षण | उपचार |
|---|---|---|
| तना छेदक | तने में छेद | कार्बोफ्यूरान 3G |
| लाल सड़न | तना लाल | कार्बेन्डाजिम 0.1% |
| पत्ती धब्बा | पत्ती पर धब्बे | मैंकोजेब 0.25% |
| ऊनी कीट | पत्ती पर सफेद पाउडर | डाइमिथोएट 0.05% |
| विवरण | औसत | अधिकतम |
|---|---|---|
| उत्पादन (क्विंटल/हेक्टेयर) | 800-900 | 1000+ |
| रिकवरी (%) | 11-11.5% | 12%+ |
| चीनी उत्पादन (क्विंटल/हेक्टेयर) | 100-110 | 120+ |
| रस की मात्रा (%) | 65-68% | 70%+ |
| मौसम | बुआई | कटाई |
|---|---|---|
| खरीफ | फरवरी-मार्च | दिसंबर-मार्च |
| रबी | अक्टूबर-नवंबर | अक्टूबर-दिसंबर (अगले वर्ष) |
उत्तर: Co-0238 गन्ने की किस्म का औसत उत्पादन 800-1000 क्विंटल/हेक्टेयर है। अच्छी देखभाल से 1000+ क्विंटल/हेक्टेयर भी मिल सकता है।
उत्तर: Co-0238 गन्ने की रिकवरी 11-12% है, जो अन्य किस्मों से अधिक है। इससे चीनी उत्पादन बढ़ता है।
उत्तर: Co-0238 गन्ने की बुआई फरवरी-मार्च (खरीफ) या अक्टूबर-नवंबर (रबी) में करें।
उत्तर: Co-0238 लाल सड़न और पत्ती धब्बा रोग से मध्यम प्रतिरोधी है। तना छेदक और ऊनी कीट लग सकते हैं, जिनका उचित दवा से उपचार करें।
Co-0238 गन्ने की किस्म भारत में सबसे लोकप्रिय और अधिक उत्पादन देने वाली गन्ना किस्म है। उच्च उत्पादन (800-1000 क्विंटल/हेक्टेयर), उच्च रिकवरी (11-12%), और रोग प्रतिरोधक क्षमता इसे किसानों की पहली पसंद बनाती है। अगर आप गन्ना किसान हैं, तो Co-0238 किस्म ज़रूर लगाएं।
यह लेख CaneUp.xyz पर प्रकाशित है। गन्ना किसानों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।
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