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गन्ना बकाया भुगतान 2025-26 स्टेटस: 15% ब्याज का नियम, टॉप 10 भुगतान करने वाली और डिफॉल्टर मिलों की सूची

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 31, 2026 • 4 min read
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गन्ना बकाया भुगतान 2025-26 स्टेटस: 15% ब्याज का नियम, टॉप 10 भुगतान करने वाली और डिफॉल्टर मिलों की सूची
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:10 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

उत्तर प्रदेश में नया पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते शेष हैं। ऐसे में राज्य के 48 लाख से अधिक गन्ना किसानों की सबसे बड़ी चिंता पिछले पेराई सत्र (2025-26) के बकाया गन्ना भुगतान (Pending Cane Dues) को लेकर है।

उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17(3) के अनुसार चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर भुगतान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि मिल 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं करती, तो किसान को 15% वार्षिक दर से ब्याज (Interest) पाने का कानूनी अधिकार है।

इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि उत्तर प्रदेश में कुल कितना भुगतान हो चुका है, किन मिलों ने 100% भुगतान कर दिया है और डिफॉल्टर मिलों से 15% ब्याज सहित अपना पैसा कैसे प्राप्त करें।


यूपी गन्ना भुगतान 2025-26 का कुल लेखा-जोखा

उत्तर प्रदेश शासन और गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • सत्र 2025-26 में कुल पेराई गन्ना मूल्य: लगभग ₹33,800 करोड़
  • किसानों को कुल भुगतान किया जा चुका मूल्य: ₹32,554 करोड़ (लगभग 96.5%)
  • कुल लाभान्वित किसान: 48 लाख से अधिक
  • वर्तमान में शेष बकाया राशि: लगभग ₹1,246 करोड़ (मुख्यतः कुछ निजी डिफॉल्टर मिलों पर)

100% समय पर भुगतान करने वाले टॉप चीनी मिल समूह

उत्तर प्रदेश की कई चीनी मिलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए किसानों का 100% गन्ना मूल्य समय पर उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया है:

चीनी मिल समूह / मिल का नामजिलाभुगतान प्रतिशतऔसत भुगतान समय
त्रिवेणी इंजीनियरिंग (सभी 7 मिलें)मुजफ्फरनगर, देवबंद, सबितगढ़, खतौली आदि100%7 से 10 दिन
बलरामपुर चीनी मिल्स (सभी 10 इकाइयां)बलरामपुर, बभनान, हैदरगढ़, अकबरपुर100%8 से 12 दिन
डीसीएम श्रीराम समूहहरदोई, अजबापुर, रूपापुर100%6 से 9 दिन
धामपुर बायो-ऑर्गेनिक्सबिजनौर, संभल, मीरगंज99.8%10 से 14 दिन
दौराला शुगर मिल (DCM)मेरठ100%7 दिन

डिफाल्टर चीनी मिलों की सूची (जिनका भुगतान अभी अटका है)

दूसरी ओर, कुछ निजी मिल समूहों की लापरवाही के कारण हजारों किसानों का भुगतान अभी भी फंसा हुआ है:

  1. बजाज हिंदुस्तान समूह (Bajaj Sugar Mills): गोला गोकर्णनाथ, पलिया कलां, बरखेड़ा, बिलाई, शामली, थानाभवन आदि मिलों पर भुगतान में सबसे अधिक देरी देखी गई है। (हालाँकि हाल ही में चीनी बिक्री टैगिंग के माध्यम से ₹1,000+ करोड़ जारी कराए गए हैं)।
  2. सिंभावली शुगर मिल्स: हापुड़ और ब्रजनाथपुर इकाइयों पर पिछले कुछ हफ्तों का भुगतान लंबित है।
  3. मोदी शुगर मिल (मोदीनगर): गाजियाबाद स्थित इस मिल पर किसानों के पुराने भुगतान को लेकर लगातार प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं।
  4. केसर एंटरप्राइजेज (बहेड़ी, बरेली): पिछले सीजन का कुछ बकाया भुगतान प्रक्रियाधीन है।

14 दिन का नियम और 15% ब्याज कानून क्या है?

इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने अपने कई ऐतिहासिक फैसलों में स्पष्ट किया है कि:

$$\text{देय ब्याज (Interest)} = \frac{\text{बकाया राशि} \times 15 \times \text{विलंब के दिन}}{365 \times 100}$$

  • 14 दिन की वैधानिक सीमा: मिल के तौल केंद्र पर गन्ना तुलने की तिथि से 14 दिन के अंदर पूरा पैसा किसान के बैंक खाते में जमा होना चाहिए।
  • 15% दंडात्मक ब्याज: 15वें दिन से लेकर भुगतान की वास्तविक तिथि तक 15% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज जोड़कर देना मिल की जिम्मेदारी है।
  • आरसी (Recovery Certificate) जारी होना: भुगतान न करने वाली मिलों के चीनी और शीरा गोदामों को सील करके और आरसी जारी करके जिलाधिकारी द्वारा नीलामी से किसानों का भुगतान कराया जा सकता है।

अपना बकाया भुगतान स्टेटस कैसे चेक करें? (4 आसान तरीके)

1. e-Ganna App से

  • e-Ganna App v6.0 खोलें।
  • ‘Payment Status’ टैब पर क्लिक करें।
  • यहां आपको पर्ची संख्या, वजन, दर, कुल राशि और बैंक में भेजने की तिथि दिखाई देगी।

2. CaneUp पोर्टल (enquiry.caneup.in) से

  • enquiry.caneup.in पर किसान कोड डालकर लॉगिन करें।
  • ‘Payment’ विकल्प पर क्लिक करें और तारीख-वार भुगतान विवरण देखें।

3. सीधे बैंक खाते से (SMS Alert / Passbook)

  • गन्ना विभाग द्वारा भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे PFMS द्वारा भेजा जाता है।

4. टोल-फ्री हेल्पलाइन

  • 1800-121-3203 पर कॉल करके अपना किसान कोड बताएं और बकाया भुगतान की अद्यतन स्थिति जानें।

बकाया भुगतान न मिलने पर शिकायत कैसे करें?

यदि आपकी मिल ने 14 दिन से अधिक समय से भुगतान रोक रखा है:

  1. जिला गन्ना अधिकारी (DCO) को लिखित शिकायत दें।
  2. मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (Jansunwai / IGRS): jansunwai.up.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  3. उपायुक्त (गन्ना) / Cane Commissioner लखनऊ को रजिस्टर्ड डाक या ईमेल द्वारा 15% ब्याज की मांग का नोटिस भेजें।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर को नए सत्र की शुरुआत से पहले सभी डिफॉल्टर चीनी मिलों को पुराने सत्र का 100% भुगतान निपटाना होगा, अन्यथा उनके नए सत्र के पेराई लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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