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सट्टा बेसिक कोटा (Basic Quota) कैसे बढ़ाएं — पिछले 3 साल की आपूर्ति और पर्चियों की संख्या बढ़ाने का नियम

Randhir Patil Randhir Patil Sep 5, 2026 3 min read
सट्टा बेसिक कोटा (Basic Quota) कैसे बढ़ाएं — पिछले 3 साल की आपूर्ति और पर्चियों की संख्या बढ़ाने का नियम
अंतिम अपडेट: September 5, 2026 10:00 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुख्य बिंदु (Quick Summary): गन्ना सट्टे में बेसिक कोटा जितना अधिक होगा, पेराई सत्र के दौरान आपको उतनी ही अधिक पर्चियां आवंटित होंगी। जानिए कि पिछले 3 वर्षों की आपूर्ति के आधार पर बेसिक कोटा कैसे बढ़ता है और अतिरिक्त पैदावार होने पर ‘फ्री पर्ची’ (Free Parchi) के लिए कैसे आवेदन करें।

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की अक्सर यह शिकायत रहती है कि उनके खेत में गन्ना बहुत अधिक खड़ा है, लेकिन सट्टे का बेसिक कोटा (Basic Quota) कम होने के कारण उन्हें पर्याप्त पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं, जिससे गन्ना खेतों में सूखने की नौबत आ जाती है।

गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी सट्टा एवं आपूर्ति नीति के तहत बेसिक कोटा बढ़ाने के स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। आइए जानते हैं कि आप अपना कोटा कैसे बढ़ा सकते हैं।


1. बेसिक कोटा बढ़ाने का मूल फॉर्मूला (The 85% Rule)

गन्ना सट्टा नीति के अनुसार:

  • आपके द्वारा पिछले 3 पेराई सत्रों (सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26) में चीनी मिल को वास्तव में आपूर्ति किए गए कुल गन्ने का औसत निकाला जाता है।
  • यदि आपने पिछले सत्र में अपने बेसिक कोटे का 85% या उससे अधिक गन्ना तौलाया है, तो आपका बेसिक कोटा स्वतः 10% से 15% बढ़ा दिया जाता है
  • उदाहरण: यदि आपका बेसिक कोटा 300 क्विंटल था और आपने 280 क्विंटल गन्ना मिल को दिया, तो अगले सत्र में आपका कोटा स्वतः बढ़कर 330 क्विंटल हो जाएगा।

2. रकबा बढ़ने पर बेसिक कोटा में विशेष संशोधन

यदि आपने इस वर्ष नए खेत खरीदे हैं, पट्टे पर जमीन ली है या गन्ने का रकबा बढ़ाया है:

  • 1 से 15 सितंबर के बीच आवेदन: सट्टा संशोधन अभियान के दौरान अपनी सहकारी गन्ना विकास समिति में ‘रकबा वृद्धि प्रपत्र’ भरें।
  • नया जीपीएस सर्वे: क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक आपके खेत का भौतिक सत्यापन करेगा।
  • मानक सट्टा दर: पश्चिमी यूपी में 1 हेक्टेयर (लगभग 12.5 बीघा) जमीन पर अधिकतम 850 क्विंटल और पूर्वी यूपी में 700 क्विंटल तक का बेसिक कोटा अनुमन्य किया जाता है।

3. ‘फ्री पर्ची’ (Additional Free Parchi) पाने का नियम

जब पेराई सत्र के अंतिम महीनों (मार्च-अप्रैल) में मुख्य कैलेंडर की सभी पर्चियां समाप्त हो जाती हैं और किसान के खेत में अभी भी गन्ना शेष रहता है:

  • किसान eGanna App या समिति में जाकर ‘अतिरिक्त सप्लाय मांग’ दर्ज कराता है।
  • चीनी मिल को जब पेराई के लिए गन्ने की जरूरत होती है, तो वह बेसिक कोटे से अतिरिक्त 10वीं, 11वीं और 12वीं पखवाड़े में फ्री पर्चियां जारी करती है।
  • इस अतिरिक्त गन्ने की आपूर्ति का पूरा वजन अगले साल के बेसिक कोटे में सीधे जुड़ जाता है।

4. बेसिक कोटा कम होने से बचाने के 2 जरूरी सुझाव

  1. सट्टे की एक भी पर्ची लैप्स न होने दें: यदि किसी कारणवश आप पर्ची की तारीख पर गन्ना नहीं तौल पा रहे हैं, तो तुरंत ई-गन्ना ऐप से री-इश्यू कराएं; पर्ची व्यर्थ जाने पर बेसिक कोटा कट जाता है।
  2. सट्टे का गन्ना कोल्हू/क्रशर पर न बेचें: मिल को शत-प्रतिशत आपूर्ति करने पर ही अगले वर्ष का कोटा रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ता है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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