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गन्ना भुगतान स्टेटस कैसे चेक करें 2026 — 14 दिन नियम, 15% ब्याज क्लेम व मिल-वार पेमेंट स्थिति

Randhir Patil Randhir Patil Aug 31, 2026 4 min read
गन्ना भुगतान स्टेटस कैसे चेक करें 2026 — 14 दिन नियम, 15% ब्याज क्लेम व मिल-वार पेमेंट स्थिति
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 के तहत राज्य की प्रत्येक चीनी मिल के लिए यह कानूनी बाध्यता है कि वह किसान द्वारा गन्ने की आपूर्ति किए जाने की तिथि से 14 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर करे। यदि कोई मिल 14 दिनों के भीतर भुगतान करने में विफल रहती है, तो उसे विलंबित अवधि के लिए 15 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करना अनिवार्य है।

पेराई सत्र 2025-26 के अंत तक उत्तर प्रदेश सरकार और चीनी मिलों द्वारा ₹38,765 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड 97.4% भुगतान निपटाया जा चुका है। 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए सत्र 2026-27 में अपनी हर तौल पर्ची का पैसा समय पर ट्रैक करने के लिए किसान भाई इस विस्तृत गाइड का पालन करें।


1. ऑनलाइन गन्ना भुगतान स्टेटस चेक करने की पूरी प्रक्रिया

किसान भाई अपने मोबाइल फोन से बिना बैंक या समिति के चक्कर काटे 1 मिनट में अपना पेमेंट स्टेटस देख सकते हैं।

enquiry.caneup.in पोर्टल के माध्यम से:

  1. सबसे पहले enquiry.caneup.in पर जाएं।
  2. स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर View दबाएं।
  3. अपना जिला (District), चीनी मिल (Factory), गाँव (Village) और किसान का नाम (Grower) चुनें।
  4. किसान प्रोफाइल खुलने पर ऊपर दिए गए टैब में से गन्ना तौल एवं भुगतान (Cane Payment) टैब पर क्लिक करें।
  5. यहाँ आपको तालिका में निम्न विवरण दिखाई देगा:
    • तौल पर्ची नंबर (Parchi No) व तौल की तारीख।
    • गन्ने का शुद्ध वजन (Net Weight) कुंतल में।
    • कुल देय धनराशि (Gross Amount) एसएपी दर के अनुसार।
    • कटौती (Deductions): यदि समिति खाद, बीज या कीटनाशक का कोई ऋण बकाया हो।
    • खाते में भेजी गई शुद्ध राशि (Net Payment): यूटीआर (UTR) नंबर और बैंक क्रेडिट की तिथि।

2. 14 दिन के नियम और 15% ब्याज का कानूनी प्रावधान

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को अपने कानूनी अधिकारों की पूरी जानकारी होना आवश्यक है:

कानूनी प्रावधानविवरणसंबंधित कानून
अनिवार्य भुगतान समयसीमागन्ने की तौल के ठीक 14 दिनों के अंदरयूपी गन्ना पूर्ति अधिनियम 1953 (धारा 17)
विलंबित ब्याज दर15% प्रति वर्ष साधारण ब्याजधारा 17(3) एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय आदेश
एस्क्रो खाता (Escrow Account)चीनी व एथेनॉल बिक्री का 85% पैसा सीधे किसान भुगतान मेंशासन का अनिवार्य वित्तीय नियम
कार्रवाई (Defaulter Mills)14 दिन बाद आरसी (RC) जारी कर मिल की चीनी व संपत्तियां कुर्कभू-राजस्व बकाया अधिनियम के तहत

यदि 14 दिन में भुगतान न मिले तो 15% ब्याज का क्लेम कैसे करें?

  1. अपनी समिति के सचिव (Society Secretary) और जिला गन्ना अधिकारी (DCO) को लिखित रूप में 14 दिन बीतने का तौल पर्ची सहित प्रार्थना पत्र दें।
  2. आवेदन में अपनी तौल तिथि, बकाया मूलधन और 15% की दर से देय ब्याज की गणना का उल्लेख करें।
  3. जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित जिला गन्ना समाधान कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराएं या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS Jansunwai) पर शिकायत संख्या दर्ज करें।

3. बैंक खाते में पैसा न आने के 4 मुख्य कारण और समाधान

अक्सर मिल की तरफ से पैसा जारी होने के बावजूद किसान के खाते में राशि क्रेडिट नहीं हो पाती। इसकी मुख्य वजहें और उनके समाधान निम्नलिखित हैं:

  1. बैंक खाते का NPCI / Aadhaar Seeding न होना: यदि आपका बैंक खाता आधार से डीबीटी लिंक नहीं है, तो सरकारी डीबीटी सर्वर पैसे को बाउंस कर देता है। अपनी बैंक शाखा में जाकर ‘Aadhaar Mandate DBT Form’ भरें।
  2. समिति रिकॉर्ड में बैंक खाता संख्या या IFSC कोड गलत होना: enquiry.caneup.in पर अपने बैंक का नाम और खाता संख्या के अंतिम 4 अंक मिलाएं। गलत होने पर समिति में संशोधन फॉर्म दें।
  3. अक्रिय खाता (Dormant Account): यदि 6 महीने या 1 साल से बैंक खाते में कोई लेन-देन नहीं हुआ है, तो बैंक खाते को होल्ड पर रख देता है। खाते में ₹100 जमा या निकासी कर उसे सक्रिय करें।
  4. खाते में नाम और आधार में नाम मिसमैच: स्पेलिंग में अंतर होने पर बैंक स्तर पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं।

4. प्रमुख हेल्पलाइन नंबर व शिकायत निवारण

  • गन्ना विभाग राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-121-3203 (निःशुल्क)
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1076
  • CaneUp ऑनलाइन पोर्टल: enquiry.caneup.in
  • ई-गन्ना मोबाइल ऐप: प्ले स्टोर से डाउनलोड करें।

आगामी पेराई सत्र की समयसारिणी जानने के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 ऑनलाइन गाइड पढ़ें और सरकारी योजनाओं के लिए गन्ना किसान 10 सरकारी योजनाएं देखें।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) — गन्ना भुगतान 2026

Q1. यदि चीनी मिल 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं करती है तो किसान को क्या करना चाहिए?

उत्तर: किसान अपनी समिति के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (SCIO) या जिला गन्ना अधिकारी (DCO) को लिखित शिकायत दें। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (1076) पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Q2. 15% ब्याज की गणना कैसे होती है?

उत्तर: यदि ₹1,00,000 का गन्ना मूल्य 14 दिन बाद 3 महीने (90 दिन) तक बकाया रहता है, तो ₹1,00,000 × 15% × (90/365) = लगभग ₹3,698 का ब्याज मिल द्वारा मूलधन के अतिरिक्त देय होगा।

Q3. क्या बैंक खाते में पैसा आने पर कोई मैसेज आता है?

उत्तर: हाँ, जैसे ही मिल द्वारा एस्क्रो खाते से आरटीजीएस/डीबीटी किया जाता है, किसान के बैंक से क्रेडिट का एसएमएस और ई-गन्ना ऐप पर नोटिफिकेशन आ जाता है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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