
गन्ना FRP रेट 2026 में केंद्र सरकार ने ₹10 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। यह गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। FRP (Fair and Remunerative Price) यानी उचित और लाभकारी मूल्य केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाता है जो चीनी मिलों को किसानों को देना अनिवार्य है। इस लेख में हम गन्ना FRP रेट 2026, SAP रेट, MSP, और राज्यवार गन्ना मूल्य की पूरी जानकारी देंगे।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| FRP 2026-27 | ₹350/क्विंटल (10.25% रिकवरी) |
| पिछला FRP | ₹340/क्विंटल |
| बढ़ोतरी | ₹10/क्विंटल |
| बढ़ोतरी प्रतिशत | 2.94% |
| लागू तिथि | अक्टूबर 2026 (पेराई सत्र) |
| न्यूनतम रिकवरी | 9.5% |
| अधिकतम बोनस | ₹3.07/क्विंटल (प्रति 0.1% रिकवरी) |
यह लेख CaneUp.xyz टीम द्वारा तैयार किया गया है। FRP रेट केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाता है। नवीनतम जानकारी के लिए खाद्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जाएं।
FRP (Fair and Remunerative Price) यानी उचित और लाभकारी मूल्य केंद्र सरकार द्वारा गन्ने के लिए तय किया जाने वाला न्यूनतम मूल्य है। यह मूल्य केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है।
| पेराई सत्र | FRP (₹/क्विंटल) | रिकवरी % | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| 2026-27 | ₹350 | 10.25% | ₹10 |
| 2025-26 | ₹340 | 10.25% | ₹10 |
| 2024-25 | ₹330 | 10.25% | ₹10 |
| 2023-24 | ₹315 | 10.25% | ₹15 |
| 2022-23 | ₹305 | 10.25% | ₹10 |
| 2021-22 | ₹290 | 10.25% | ₹5 |
| 2020-21 | ₹285 | 10.25% | ₹10 |
| विवरण | राशि |
|---|---|
| पिछला FRP (2025-26) | ₹340/क्विंटल |
| नया FRP (2026-27) | ₹350/क्विंटल |
| बढ़ोतरी | ₹10/क्विंटल |
| बढ़ोतरी प्रतिशत | 2.94% |
| मुद्रास्फीति दर | ~5-6% |
| वास्तविक बढ़ोतरी | ~-2% (मुद्रास्फीति के बाद) |
| रिकवरी % | FRP (₹/क्विंटल) | बोनस |
|---|---|---|
| 9.5% | ₹323.68 | — |
| 10.0% | ₹339.02 | ₹15.34 |
| 10.25% | ₹350.00 | ₹26.32 |
| 10.5% | ₹360.98 | ₹37.30 |
| 11.0% | ₹382.93 | ₹59.25 |
प्रो टिप: अगर आपके क्षेत्र में गन्ने की रिकवरी 10.25% से अधिक है, तो आपको FRP से अधिक मूल्य मिलेगा। उच्च रिकवरी वाली किस्में लगाएं।
| विशेषता | FRP | SAP | MSP |
|---|---|---|---|
| पूरा नाम | Fair and Remunerative Price | State Advised Price | Minimum Support Price |
| तय करता है | केंद्र सरकार | राज्य सरकार | केंद्र सरकार |
| कानूनी बाध्यता | अनिवार्य | सलाहकारी | अनिवार्य |
| राशि (2026-27) | ₹350 | ₹360-400 (राज्य के अनुसार) | — |
| लागू | चीनी मिलें | चीनी मिलें | — |
| बोनस | रिकवरी आधारित | राज्य के अनुसार | — |
| राज्य | SAP (₹/क्विंटल) | FRP से अधिक |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | ₹380 | ₹30 |
| पंजाब | ₹380 | ₹30 |
| हरियाणा | ₹375 | ₹25 |
| उत्तराखंड | ₹370 | ₹20 |
| बिहार | ₹355 | ₹5 |
| महाराष्ट्र | ₹350 (FRP) | ₹0 |
| कर्नाटक | ₹350 (FRP) | ₹0 |
| तमिलनाडु | ₹350 (FRP) | ₹0 |
| विवरण | पिछला सत्र | नया सत्र | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| FRP | ₹340 | ₹350 | ₹10 |
| 1 हेक्टेयर उपज (700 क्विंटल) | ₹2,38,000 | ₹2,45,000 | ₹7,000 |
| 2 हेक्टेयर उपज | ₹4,76,000 | ₹4,90,000 | ₹14,000 |
| 5 हेक्टेयर उपज | ₹11,90,000 | ₹12,25,000 | ₹35,000 |
| विवरण | प्रति हेक्टेयर |
|---|---|
| कुल लागत | ₹80,000-1,00,000 |
| उपज (700 क्विंटल) | 700 क्विंटल |
| FRP (₹350/क्विंटल) | ₹2,45,000 |
| शुद्ध लाभ | ₹1,45,000-1,65,000 |
| लाभ प्रतिशत | 145-165% |
| माध्यम | विवरण |
|---|---|
| जिला गन्घा अधिकारी | लिखित शिकायत |
| राज्य गन्ना आयोग | अपील |
| ऑनलाइन पोर्टल | राज्य के अनुसार |
| हेल्पलाइन | राज्य के अनुसार |
चेतावनी: अगर चीनी मिल 14 दिन में FRP का भुगतान नहीं करती, तो आप जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं। विलंब पर 15% ब्याज भी मिलेगा।
| वर्ष | FRP (₹/क्विंटल) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| 2015-16 | ₹230 | — |
| 2016-17 | ₹230 | ₹0 |
| 2017-18 | ₹255 | ₹25 |
| 2018-19 | ₹275 | ₹20 |
| 2019-20 | ₹275 | ₹0 |
| 2020-21 | ₹285 | ₹10 |
| 2021-22 | ₹290 | ₹5 |
| 2022-23 | ₹305 | ₹15 |
| 2023-24 | ₹315 | ₹10 |
| 2024-25 | ₹330 | ₹15 |
| 2025-26 | ₹340 | ₹10 |
| 2026-27 | ₹350 | ₹10 |
उत्तर: गन्ना FRP 2026-27 ₹350 प्रति क्विंटल (10.25% रिकवरी) है। पिछले सत्र से ₹10 की बढ़ोतरी हुई है।
उत्तर: FRP केंद्र सरकार तय करती है और यह अनिवार्य है। SAP राज्य सरकार तय करती है और FRP से अधिक हो सकती है।
उत्तर: गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के अंदर FRP का भुगतान अनिवार्य है। देरी पर 15% वार्षिक ब्याज मिलेगा।
उत्तर: ₹10/क्विंटल की बढ़ोतरी से 1 हेक्टेयर गन्ना उपज (700 क्विंटल) पर ₹7,000 की अतिरिक्त आय होगी।
गन्ना FRP रेट 2026 में ₹10 की बढ़ोतरी गन्ना किसानों के लिए एक सकारात्मक कदम है। हालांकि मुद्रास्फीति को देखते हुए यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है, फिर भी किसानों की आय में मामूली बढ़ोतरी होगी। किसानों को चाहिए कि वे उच्च रिकवरी वाली किस्में लगाएं और FRP का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें।
यह लेख CaneUp.xyz पर प्रकाशित है। गन्ना किसानों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।
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