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1 एकड़ गन्ना खेती में कितना खर्च और कितना मुनाफा? 2026-27 का पूरा बजट — 7 टेबल में लागत से शुद्ध आय तक

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 12, 2026 • 9 min read
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1 एकड़ गन्ना खेती में कितना खर्च और कितना मुनाफा? 2026-27 का पूरा बजट — 7 टेबल में लागत से शुद्ध आय तक
अंतिम अपडेट: October 12, 2026 11:40 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

सीधा जवाब पहले, विस्तार बाद में: उत्तर प्रदेश में 1 एकड़ गन्ने की खेती में आमतौर पर ₹65,000 से ₹85,000 तक खर्च आता है। अगर उपज 400 क्विंटल हुई और भाव पिछले सत्र जैसा (₹370 प्रति क्विंटल) मिला, तो कुल आय करीब ₹1,48,000 बनती है — यानी ₹60,000 से ₹80,000 के बीच शुद्ध लाभ। लेकिन यह “आमतौर पर” वाला हिसाब है। असली खेल इस बात पर है कि बीज आपने अपने खेत का लिया या खरीदा, खाद कितनी और कौन सी डाली, सिंचाई डीजल पंप से हुई या बिजली के ट्यूबवेल से, और कटाई-ढुलाई खुद की या ठेके पर। इन्हीं फैसलों से दो पड़ोसी किसानों के खर्च में ₹20,000 तक का अंतर आ जाता है।

इस गाइड में हम 1 एकड़ गन्ने के पूरे खर्च को 7 हिस्सों में तोड़कर टेबल में रखेंगे, फिर उपज और भाव के हिसाब से आय निकालेंगे, ताकि आप अपना बजट खुद बना सकें। दो जरूरी बातें पहले: (1) नीचे दिए सभी आंकड़े उत्तर प्रदेश के मौजूदा बाजार भावों पर आधारित अनुमान हैं — आपके जिले, मिट्टी और व्यवस्था के हिसाब से 10-15% ऊपर-नीचे हो सकते हैं। (2) पेराई सत्र 2026-27 का SAP (राज्य परामर्शित मूल्य) अभी घोषित नहीं हुआ है, इसलिए आय के हिसाब में हमने पिछले सत्र 2025-26 का अगेती SAP ₹370 प्रति क्विंटल संदर्भ के तौर पर लिया है। केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए FRP ₹365 प्रति क्विंटल (10.25% रिकवरी पर) अधिसूचित किया है — यह न्यूनतम भाव की गारंटी है।

1 एकड़ गन्ने के 7 बड़े खर्च — एक नजर में

पहले पूरा नक्शा देख लीजिए, फिर हर मद का विस्तार:

खर्च का मदअनुमानित राशि (₹/एकड़)कुल लागत में हिस्सा
खेत की तैयारी (जुताई, पलेवा, मेंड़)5,000 – 7,000~8%
बीज गन्ना (65-75 क्विंटल)23,000 – 28,000~33%
बुवाई (मजदूरी/ट्रेंच विधि)3,500 – 5,000~6%
खाद-उर्वरक (रासायनिक + जैविक)9,000 – 13,000~14%
सिंचाई (8-10 पानी)3,000 – 6,000~6%
निराई-गुड़ाई, खरपतवार व कीट-रोग प्रबंधन7,000 – 12,000~12%
कटाई, छिलाई व ढुलाई11,000 – 16,000~18%
विविध (ब्याज, टूट-फूट, आकस्मिक)3,000 – 5,000~5%
कुल अनुमानित लागत₹65,000 – ₹85,000100%

ध्यान दीजिए: सबसे बड़ा खर्च बीज है — कुल लागत का एक-तिहाई। इसलिए जो किसान अपना रोगमुक्त बीज खुद तैयार करता है, वह पहले ही कदम पर ₹10,000-15,000 बचा लेता है।

खेत की तैयारी: ₹5,000 – ₹7,000

गन्ना 12-14 महीने खेत में रहता है, इसलिए शुरुआत की तैयारी पर कंजूसी महंगी पड़ती है:

  • गहरी जुताई (1 बार): ट्रैक्टर से ₹1,500 – ₹2,000 प्रति एकड़
  • हैरो/कल्टीवेटर (2-3 बार): ₹1,000 – ₹1,200 प्रति जुताई, कुल ₹2,500 – ₹3,500
  • पलेवा व मेंड़बंदी/क्यारी बनाना: मजदूरी ₹1,000 – ₹1,500

जिस खेत में पिछली फसल की खूंटी या पराली है, वहां एक अतिरिक्त जुताई लग सकती है। बुवाई से पहले खेत तैयारी की पूरी विधि अलग गाइड में विस्तार से दी गई है।

बीज गन्ना: ₹23,000 – ₹28,000 (सबसे बड़ा खर्च)

एक एकड़ में तीन-आंख वाले टुकड़ों (सेट्स) से बुवाई पर 65 से 75 क्विंटल बीज गन्ना लगता है। बीज का भाव आमतौर पर चीनी मिल के भाव के आसपास (₹350 – ₹380 प्रति क्विंटल) रहता है:

बीज व्यवस्थाअनुमानित खर्च
खरीदा हुआ बीज (70 क्विंटल × ₹375)₹26,000 – ₹28,000
अपने खेत का बीज (अवसर लागत)₹20,000 – ₹23,000
बडचिप नर्सरी से पौध (बीज बचत विधि)₹12,000 – ₹16,000

बडचिप तकनीक से बीज की मात्रा 6-8 क्विंटल तक घट जाती है — बडचिप नर्सरी गाइड में इसकी पूरी विधि है। बीज हमेशा रोगमुक्त, 8-10 महीने की स्वस्थ फसल से लें और बुवाई से पहले बीज उपचार जरूर करें।

बुवाई का खर्च: ₹3,500 – ₹5,000

  • हाथ से बुवाई: 8-10 मजदूर × ₹350-400 = ₹3,000 – ₹4,000
  • ट्रेंच/खाई विधि से: मजदूरी थोड़ी ज्यादा (₹4,000 – ₹5,000) लेकिन उपज में 15-20% तक का फायदा
  • ट्रैक्टर-चालित प्लांटर से: ₹2,500 – ₹3,500 (जहां उपलब्ध हो)

कतार से कतार की दूरी 90 सेमी (3 फीट) या ट्रेंच विधि में 120 सेमी रखें — सही दूरी से कल्ले ज्यादा निकलते हैं और कटाई आसान होती है।

खाद-उर्वरक: ₹9,000 – ₹13,000

गन्ना भारी खुराक वाली फसल है। प्रति एकड़ सामान्य सिफारिश (मिट्टी परीक्षण के अनुसार घट-बढ़ करें):

उर्वरकमात्रा (प्रति एकड़, अनुमानित)अनुमानित खर्च
डीएपी2 बोरी (100 किग्रा)₹2,700
यूरिया4-5 बोरी (180-225 किग्रा), 2-3 किस्तों में₹1,200 – ₹1,500
पोटाश (एमओपी)1-1.5 बोरी (50-75 किग्रा)₹1,700 – ₹2,500
जिंक सल्फेट10 किग्रा₹600 – ₹800
गोबर की खाद/कम्पोस्ट4-5 ट्रॉली₹2,000 – ₹4,000
कुल₹9,000 – ₹13,000

जरूरी नोट: कीटनाशक या खरपतवारनाशी की मात्रा के लिए हमेशा कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें — इस गाइड के आंकड़े बजट बनाने के लिए हैं, सिफारिश नहीं। मिट्टी परीक्षण कराकर खाद डालने से 15-20% खाद की बचत होती है (मिट्टी परीक्षण गाइड देखें)।

सिंचाई: ₹3,000 – ₹6,000

गन्ने को बुवाई से कटाई तक 8 से 10 सिंचाई चाहिए होती है। खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि पानी का स्रोत क्या है:

सिंचाई का स्रोतप्रति सिंचाई/एकड़ खर्च10 सिंचाई का कुल
बिजली का ट्यूबवेल (अपना)₹200 – ₹300₹2,000 – ₹3,000
डीजल पंपसेट (अपना)₹400 – ₹550₹4,000 – ₹5,500
किराए का पानी/ट्यूबवेल₹500 – ₹700₹5,000 – ₹7,000
ड्रिप सिंचाई (सब्सिडी के बाद)बिजली + रखरखाव₹2,500 – ₹4,000

ड्रिप से पानी की 40-50% बचत के साथ उपज भी बढ़ती है — सरकार 55-90% तक अनुदान देती है (ड्रिप सिंचाई गाइड में पूरी जानकारी)। बरसात अच्छी हो तो 2-3 सिंचाई बच जाती हैं।

निराई-गुड़ाई, खरपतवार व कीट-रोग प्रबंधन: ₹7,000 – ₹12,000

  • खरपतवारनाशी (प्री/पोस्ट इमर्जेंस): ₹1,200 – ₹1,800 प्रति एकड़ — मात्रा के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें
  • निराई-गुड़ाई (2 बार): 10-12 मजदूर × ₹350-400 = ₹4,000 – ₹5,000
  • कीट-रोग नियंत्रण (टॉप बोरर, पायरिला, रेड रॉट आदि): ₹2,000 – ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति सत्र

शुरुआती 90 दिन खरपतवार से फसल को बचाना सबसे जरूरी है — एक बार घास जम गई तो उपज में 20-30% तक की गिरावट आती है। खरपतवारनाशी के सुरक्षित प्रयोग और कीट-रोग प्रबंधन की अलग गाइडें भी पढ़ें।

कटाई, छिलाई व ढुलाई: ₹11,000 – ₹16,000

यह दूसरा सबसे बड़ा खर्च है और अक्सर किसान इसे बजट में भूल जाते हैं:

कामखर्च का तरीकाअनुमानित राशि
कटाई + छिलाई (मजदूर)₹12 – ₹15 प्रति क्विंटल × 400 क्विंटल₹4,800 – ₹6,000
खेत से सेंटर/मिल तक ढुलाई₹15 – ₹25 प्रति क्विंटल × 400 क्विंटल₹6,000 – ₹10,000
कुल₹11,000 – ₹16,000

हार्वेस्टर से कटाई जहां उपलब्ध है, वहां प्रति एकड़ ₹6,000-8,000 में काम हो जाता है, लेकिन छोटे खेतों में मजदूर ही विकल्प हैं। ढुलाई का खर्च दूरी पर निर्भर करता है — मिल के नजदीकी गेट/सेंटर आवंटन से यह घटता है।

कुल लागत: तीन सीनारियो

किसान की स्थितिकुल लागत (₹/एकड़)खासियत
किफायती (अपना बीज, बिजली ट्यूबवेल, समय पर काम)60,000 – 68,000हर मद में बचत
औसत (खरीदा बीज, डीजल/बिजली मिश्रित)70,000 – 78,000ज्यादातर किसान यहीं
ज्यादा खर्च (किराए का पानी, ठेके पर सारे काम)80,000 – 90,000सुविधा की कीमत

आय का हिसाब: उपज × भाव

आय के दो पहिए हैं — कितना गन्ना निकला और किस भाव बिका:

उपज (प्रति एकड़): उत्तर प्रदेश में औसत उपज 350-400 क्विंटल है; अच्छी प्रबंधन वाली फसल में 450-500 क्विंटल तक भी निकलता है। इस हिसाब में हम तीन स्तर लेंगे।

भाव: पेराई सत्र 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है। संदर्भ के लिए पिछले सत्र के आधिकारिक भाव:

भाव का प्रकारदरस्थिति
SAP 2025-26 (अगेती)₹370/क्विंटलघोषित (पिछला सत्र)
SAP 2025-26 (सामान्य)₹360/क्विंटलघोषित (पिछला सत्र)
FRP 2026-27₹365/क्विंटलकेंद्र द्वारा अधिसूचित (न्यूनतम गारंटी)
SAP 2026-27—घोषणा बाकी

नीचे आय का हिसाब ₹370 प्रति क्विंटल (पिछले सत्र का अगेती SAP) पर है — अगर 2026-27 का SAP बढ़ता है तो आय उसी अनुपात में बढ़ेगी।

उपज (क्विंटल/एकड़)कुल आय (₹370 × उपज)
350 (कम)₹1,29,500
400 (औसत)₹1,48,000
450 (अच्छी)₹1,66,500

शुद्ध लाभ: आखिरी हिसाब

सीनारियोआयलागतशुद्ध लाभ
कम उपज + ज्यादा लागत₹1,29,500₹85,000₹44,500
औसत उपज + औसत लागत₹1,48,000₹75,000₹73,000
अच्छी उपज + किफायती लागत₹1,66,500₹65,000₹1,01,500

यानी एक एकड़ गन्ना 12-14 महीने में ₹45,000 से ₹1,00,000 तक शुद्ध लाभ दे सकता है — फर्क सिर्फ प्रबंधन का है। और एक बात और: पेड़ी (रटून) फसल में बुवाई और बीज का खर्च बच जाता है, इसलिए उसकी लागत 35-40% कम (₹40,000-50,000/एकड़) रहती है — पेड़ी प्रबंधन गाइड में इसका पूरा हिसाब है।

लागत घटाने के 5 असरदार तरीके

  1. अपना बीज तैयार करें: रोगमुक्त फसल से बीज लेकर ₹8,000-10,000 की सीधी बचत।
  2. मिट्टी परीक्षण कराएं: बिना जांच के डाली गई अतिरिक्त खाद पैसा डुबोती है; सही मात्रा से 15-20% बचत।
  3. ड्रिप या स्प्रिंकलर अपनाएं: पानी के साथ बिजली/डीजल और मजदूरी — तीनों की बचत, ऊपर से अनुदान।
  4. समय पर कटाई: ज्यादा पकी या सूखी फसल में वजन घटता है — हर 10 क्विंटल वजन घटने का मतलब ₹3,700 का नुकसान।
  5. फसल बीमा कराएं: PMFBY में गन्ने का बीमा मामूली प्रीमियम पर प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा देता है (फसल बीमा गाइड देखें)।

गन्ना खेती की लागत घटाने के 10 उपायों वाली गाइड में हर तरीके का विस्तृत हिसाब दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: 1 एकड़ गन्ने की खेती में कुल कितना खर्च आता है? उत्तर: उत्तर प्रदेश में 2026 के भावों के हिसाब से ₹65,000 से ₹85,000 प्रति एकड़। किफायती प्रबंधन में ₹60,000-68,000 और हर काम ठेके पर कराने में ₹80,000-90,000 तक जा सकता है।

प्रश्न 2: 1 एकड़ से कितने क्विंटल गन्ना निकलता है? उत्तर: औसतन 350-400 क्विंटल। अच्छी किस्म, समय पर खाद-पानी और सही बुवाई विधि से 450-500 क्विंटल तक उपज मिलती है।

प्रश्न 3: 2026-27 में गन्ने का भाव क्या मिलेगा? उत्तर: 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है। केंद्र ने FRP ₹365 प्रति क्विंटल अधिसूचित किया है जो न्यूनतम भाव की गारंटी है। पिछले सत्र (2025-26) में अगेती का SAP ₹370 प्रति क्विंटल था।

प्रश्न 4: गन्ना खेती में सबसे बड़ा खर्च कौन सा है? उत्तर: बीज गन्ना — कुल लागत का लगभग एक-तिहाई (₹23,000-28,000 प्रति एकड़)। दूसरा बड़ा खर्च कटाई व ढुलाई (₹11,000-16,000) है।

प्रश्न 5: क्या पेड़ी (रटून) फसल सस्ती पड़ती है? उत्तर: हां। पेड़ी में बीज और बुवाई का खर्च नहीं होता, इसलिए लागत 35-40% कम (₹40,000-50,000 प्रति एकड़) रहती है और शुद्ध लाभ बढ़ जाता है — बशर्ते पहली फसल स्वस्थ रही हो।

प्रश्न 6: 1 एकड़ गन्ने से साल भर में कितना शुद्ध मुनाफा हो सकता है? उत्तर: औसत प्रबंधन पर ₹60,000-80,000। कम उपज और ज्यादा लागत में यह ₹45,000 तक घट सकता है, और अच्छी उपज-किफायती लागत में ₹1,00,000 से ऊपर भी जा सकता है।

प्रश्न 7: गन्ने का भुगतान कब और कैसे मिलता है? उत्तर: नियमानुसार तौल के 14 दिन के भीतर भुगतान मिलना चाहिए; देरी पर 15% वार्षिक ब्याज का प्रावधान है। भुगतान ट्रैकिंग गाइड में ऑनलाइन चेक करने की पूरी प्रक्रिया है।


खेती में सबसे बड़ा नुकसान अंदाजे से काम करने में होता है। इस गाइड की टेबलों को अपनी कॉपी में उतारकर अपने खेत का हिसाब बनाइए — बीज से लेकर ढुलाई तक हर मद लिखिए, सत्र खत्म होने पर असली खर्च से मिलाइए। दो-तीन सत्र में आपके पास अपना सटीक बजट होगा, और वही सटीक बजट अगले सत्र का मुनाफा तय करेगा।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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