
उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के मन में गन्ना पर्ची, CaneUp पोर्टल, समय पर भुगतान, SAP मूल्य, रेड रॉट रोग और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई सवाल रहते हैं। आपकी सुविधा के लिए CaneUp टीम ने 50 सबसे जरूरी सवालों के सटीक और सरल जवाब 5 मुख्य श्रेणियों में तैयार किए हैं।
50 FAQ त्वरित विवरण (Quick Summary)
| श्रेणी (Section) | मुख्य विषय | कुल सवाल |
|---|---|---|
| Section 1 | CaneUp पोर्टल एवं ई-गन्ना ऐप | 10 सवाल |
| Section 2 | गन्ना भुगतान, देरी और 15% ब्याज नियम | 10 सवाल |
| Section 3 | SAP, FRP एवं गन्ना मूल्य निर्धारण | 10 सवाल |
| Section 4 | उन्नत खेती, रोग नियंत्रण और पैदावार | 10 सवाल |
| Section 5 | KCC, पीएम किसान व सरकारी योजनाएं | 10 सवाल |
Section 1: CaneUp पोर्टल एवं ई-गन्ना ऐप (10 सवाल)
1. CaneUp Enquiry (गन्ना जांच) ऑनलाइन कैसे करें?
आधिकारिक वेबसाइट enquiry.caneup.in पर जाएं, कैप्चा कोड दर्ज करें। इसके बाद अपना जिला, चीनी मिल, गन्ना समिति और किसान कोड (या नाम) चुनकर ‘View’ पर क्लिक करें। आपका पूरा गन्ना डेटा स्क्रीन पर खुल जाएगा।
2. गन्ना पर्ची कैलेंडर (Parchi Calendar) ऑनलाइन कैसे देखें?
CaneUp पोर्टल पर किसान प्रोफाइल खुलने के बाद ‘गन्ना कैलेंडर’ (Parchi Calendar) टैब पर क्लिक करें। यहां आपको 12 कॉलम और 15 पखवाड़ों का ग्रिड दिखेगा, जिसमें आपकी पर्चियों का आवंटन सप्ताहवार दर्ज रहता है।
3. गन्ना भुगतान स्थिति (Bhugtan Status) कैसे चेक करें?
पोर्टल में लॉगिन के बाद ‘गन्ना तौल एवं भुगतान’ विकल्प चुनें। इसमें तारीखवार आपूर्ति किए गए गन्ने का वजन, कुल देय राशि और आपके बैंक खाते में भेजी गई राशि (UTR नंबर सहित) का विवरण मिल जाता है।
4. अपनी समिति (Society Code) और किसान कोड (Farmer Code) कैसे पता करें?
अपनी पुरानी गन्ना तौल रसीद, पिछले साल की सट्टा पर्ची या समिति के रजिस्टर में यह कोड देख सकते हैं। इसके अलावा पोर्टल पर ‘Search by Name’ विकल्प से भी अपना गांव और नाम चुनकर कोड जान सकते हैं।
5. गन्ने के सर्वे डेटा (Survey Data) में गलती हो तो क्या करें?
सितंबर-अक्टूबर में समिति द्वारा प्रदर्शित ‘सट्टा प्रदर्शन मेला’ में जाएं और आपत्ति दर्ज कराएं। आप CaneUp पोर्टल के ग्रीवेंस विकल्प या संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक (Cane Supervisor) से मिलकर सर्वे संशोधन फॉर्म भर सकते हैं।
6. e-Ganna App डाउनलोड और लॉगिन कैसे करें?
Google Play Store से e-Ganna ऐप डाउनलोड करें। ऐप खोलकर ‘Register Farmer’ पर क्लिक करें, जिला, मिल, समिति और किसान कोड डालकर सबमिट करें। 4 अंकों का सुरक्षा पिन (PIN) सेट करके तुरंत लॉगिन करें।
7. CaneUp पोर्टल पर कैप्चा (Captcha) एरर आए तो क्या करें?
ब्राउज़र की हिस्ट्री और कैश (Cache) क्लियर करें। यदि मोबाइल पर एरर आ रहा हो तो Desktop Mode ऑन करें या फिर सीधे e-Ganna ऐप का उपयोग करें जहां बार-बार कैप्चा डालने की जरूरत नहीं होती।
8. बेसिक सट्टा (Basic Satta) और अतिरिक्त सट्टा क्या होता है?
पिछले 3 वर्षों में मिल को आपूर्ति किए गए गन्ने के औसत को बेसिक सट्टा कहते हैं। यदि आपके पास चालू वर्ष में अधिक रकबा और उपज है, तो सर्वे सत्यापन के आधार पर अतिरिक्त सट्टा बॉन्डिंग में जोड़ा जाता है।
9. सप्लाई टिकट (Supply Ticket) या SMS पर्ची न आने पर क्या करें?
अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर DND सेवा चेक करें और सुनिश्चित करें कि इनबॉक्स खाली हो। यदि फिर भी SMS न मिले, तो CaneUp पोर्टल या ई-गन्ना ऐप से ई-पर्ची (E-Parchi) का प्रिंटआउट या स्क्रीनशॉट लेकर तौल करा सकते हैं।
10. क्या CaneUp पर बैंक खाता संख्या या मोबाइल नंबर बदला जा सकता है?
हां, इसके लिए किसान को आधार कार्ड, नई बैंक पासबुक और पहचान पत्र की स्वप्रमाणित प्रति लेकर अपनी गन्ना विकास समिति (Ganna Samiti) कार्यालय में संपर्क करना होगा। सचिव के सत्यापन के बाद पोर्टल पर डेटा अपडेट हो जाता है।
Section 2: गन्ना भुगतान और नियम (10 सवाल)
11. गन्ने की तौल के बाद भुगतान कितने दिनों में मिलना अनिवार्य है?
उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति एवं खरीद अधिनियम 1953 के अनुसार, मिल गेट या क्रय केंद्र पर गन्ना तौल के 14 दिनों के भीतर किसान को पूरा भुगतान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
12. 14 दिन से ज्यादा भुगतान लेट होने पर क्या नियम है?
यदि चीनी मिल 14 दिनों के भीतर भुगतान करने में विफल रहती है, तो 15वें दिन से मिल प्रबंधन पर कानूनी देयता बनती है और किसानों को विलंबित अवधि का ब्याज सहित भुगतान करना पड़ता है।
13. गन्ना भुगतान पर 15% ब्याज कैसे और कब मिलता है?
नियमों के तहत 14 दिन के बाद की देरी पर चीनी मिलों को 15% वार्षिक साधारण ब्याज देना होता है। किसान इसके लिए जिला गन्ना अधिकारी (DCO) या गन्ना आयुक्त कार्यालय में संयुक्त आवेदन दायर कर सकते हैं।
14. गन्ना भुगतान न मिलने पर ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?
उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) या आईजीआरएस (IGRS) ऐप पर ‘गन्ना एवं चीनी विकास विभाग’ श्रेणी चुनकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत करा सकते हैं।
15. गन्ना मूल्य सीधे बैंक खाते में (DBT) कैसे आता है?
चीनी मिलें राज्य सरकार के एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) के माध्यम से किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे आरटीजीएस/एनईएफटी (RTGS/NEFT) द्वारा पैसा ट्रांसफर करती हैं।
16. चीनी मिल बंद या डिफॉल्टर होने पर बकाया भुगतान कैसे प्राप्त होता है?
सरकार मिल की चीनी, शीरा और बगास के स्टॉक को टैग (Stock Tagging) कर लेती है। इन उत्पादों की बिक्री से प्राप्त राशि का 85% हिस्सा सीधे किसानों के बकाया भुगतान खाते में जमा किया जाता है।
17. गन्ना तौल रसीद (Tola Slip) खो जाने पर क्या करें?
क्रय केंद्र प्रभारी से डुप्लीकेट पर्ची जारी करवाएं या CaneUp पोर्टल के तौल विवरण से सप्लाई टिकट नंबर और तारीख डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
18. क्या चीनी मिल गन्ना भुगतान में से कोई अवैध कटौती कर सकती है?
नहीं, चीनी मिलें केवल शासन द्वारा अधिकृत कटौतियां (जैसे समिति कमीशन, खाद ऋण या पूर्व सहमति वाली बीज राशि) ही काट सकती हैं। किसी भी अनाधिकृत कटौती पर तुरंत DCO से शिकायत करें।
19. संयुक्त खाते (Joint Account) में भुगतान आने पर क्या समस्या हो सकती है?
यदि संयुक्त खाते में प्रथम नाम किसान के सट्टा रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता, तो पीएफएमएस (PFMS) मैपिंग रिजेक्ट हो सकती है। हमेशा एकल (Single) और आधार-सीडेड बैंक खाता ही पंजीकृत कराएं।
20. जिला गन्ना अधिकारी (DCO) से भुगतान की शिकायत कैसे करें?
लिखित प्रार्थना पत्र में अपना नाम, किसान कोड, आपूर्ति किए गए गन्ने की मात्रा और बकाया राशि का ब्योरा लिखकर कलेक्ट्रेट स्थित DCO कार्यालय में रिसीविंग के साथ जमा करें।
Section 3: गन्ना मूल्य (SAP vs FRP) और दरें (10 सवाल)
21. SAP और FRP में क्या अंतर है?
- FRP (Fair & Remunerative Price): केंद्र सरकार द्वारा तय किया गया न्यूनतम मूल्य है, जिससे कम कोई मिल नहीं दे सकती।
- SAP (State Advised Price): राज्य सरकार (जैसे UP) द्वारा घोषित समर्थन मूल्य है, जो सामान्यतः FRP से अधिक होता है।
22. उत्तर प्रदेश में SAP कब घोषित होता है?
यूपी सरकार आमतौर पर पेराई सत्र शुरू होने से पहले यानी अक्टूबर से दिसंबर के बीच कैबिनेट बैठक में गन्ना समर्थन मूल्य (SAP) की आधिकारिक घोषणा करती है।
23. अगेती (Early) और सामान्य (General) प्रजातियों के SAP में कितना अंतर होता है?
उत्तर प्रदेश में अगेती (Early Variety) प्रजाति का मूल्य सामान्य (General Variety) की तुलना में ₹10 प्रति क्विंटल अधिक निर्धारित किया जाता है।
24. सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य क्या है?
वर्तमान अनुमान और सरकारी संस्तुति के अनुसार अगेती प्रजाति का भाव लगभग ₹370-₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का भाव ₹360-₹390 प्रति क्विंटल के दायरे में है।
25. क्या चीनी मिलें SAP से कम मूल्य पर गन्ना खरीद सकती हैं?
बिल्कुल नहीं। उत्तर प्रदेश में कार्यरत सभी निजी, सहकारी और निगम क्षेत्र की चीनी मिलों के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित SAP पर ही गन्ना खरीदना कानूनन अनिवार्य है।
26. अस्वीकृत (Rejected) प्रजाति के गन्ने का क्या भाव मिलता है?
अस्वीकृत या अनुपयुक्त किस्मों पर सामान्य प्रजाति से भी लगभग ₹5 से ₹10 प्रति क्विंटल कम मूल्य मिलता है, इसलिए किसान केवल प्रमाणित प्रजातियों की ही बुआई करें।
27. गन्ने की ढुलाई छूट (Transport Rebate) का क्या नियम है?
यदि मिल बाह्य क्रय केंद्र (Out-Centre) से गन्ना अपने साधन से लाती है, तो नियमों के तहत अधिकतम ₹8.35 प्रति क्विंटल तक ढुलाई छूट (Transport Rebate) लागू हो सकती है।
28. रिकवरी (Sugar Recovery) का गन्ना मूल्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
केंद्र सरकार 10.25% की बेसिक रिकवरी दर पर FRP तय करती है। रिकवरी में प्रत्येक 0.1% की वृद्धि पर किसानों को अतिरिक्त प्रीमियम (बोनस) मूल्य मिलता है।
29. गुड़ और कोल्हू/क्रशर पर गन्ने का क्या भाव मिलता है?
गुड़ क्रशरों पर भाव खुले बाजार की मांग और गुड़ की कीमतों पर आधारित होता है। सत्र के आरंभ में अक्सर क्रशर ₹320-₹360 प्रति क्विंटल तक नकद भुगतान पर गन्ना खरीदते हैं।
30. केंद्र सरकार FRP की गणना किस आधार पर करती है?
कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश, फसल उत्पादन लागत (A2+FL), चीनी मिलों का लाभ और अन्य कृषि जिंसों के मूल्य को ध्यान में रखकर CCEA द्वारा FRP तय किया जाता है।
Section 4: गन्ना खेती और उन्नत तकनीक (10 सवाल)
31. यूपी के लिए गन्ने की सबसे अच्छी अगेती किस्में कौन सी हैं?
वर्तमान में Co 0118, CoLk 14201, Co 15023, CoS 13235 और CoLk 94184 सबसे अधिक उपज और उच्च चीनी रिकवरी देने वाली रोगरोधी किस्में हैं।
32. गन्ने की फसल में खाद और उर्वरक कब और कितनी मात्रा में डालें?
बुआई के समय प्रति एकड़ 1 बैग डीएपी, 1 बैग पोटाश और 25 किलो यूरिया दें। शेष यूरिया (75-100 किग्रा) को 45, 75 और 100 दिनों के अंतराल पर सिंचाई के साथ टॉप ड्रेसिंग करें।
33. रेड रॉट (लाल सड़न रोग) से गन्ने को कैसे बचाएं?
रोगग्रस्त किस्म (जैसे Co 0238) के स्थान पर नई प्रतिरोधी किस्में बोएं। बीजोपचार के लिए कार्बेन्डाजिम 50% WP (2 ग्राम/लीटर) या ट्राइकोडर्मा का उपयोग करें और खेत में जलभराव न होने दें।
34. गन्ने की बुआई का सबसे उपयुक्त समय कौन सा है?
- शरदकालीन (Autumn): 15 सितंबर से 31 अक्टूबर (20-25% अधिक उपज)।
- बसंतकालीन (Spring): 15 फरवरी से 31 मार्च (उत्कृष्ट अंकुरण)।
35. ट्रेंच विधि (Trench Method) से गन्ना बोने के क्या फायदे हैं?
ट्रेंच विधि में 4 से 5 फीट की दूरी पर नालियां बनती हैं। इससे हवा और धूप भरपूर मिलती है, 30% पानी की बचत होती है, कल्ले अधिक फूटते हैं और सहफसली खेती आसान हो जाती है।
36. कंसुआ एवं चोटी बेधक (Top Borer) कीट का नियंत्रण कैसे करें?
बुआई के समय या पहले पानी पर कोराजन (Chlorantraniliprole 18.5% SC) 150 मिली प्रति एकड़ 400 लीटर पानी में मिलाकर जड़ों के पास ड्रेन्चिंग करें या फिप्रोनिल 0.3% GR दानेदार डालें।
37. गन्ने के साथ सहफसली (Intercropping) में क्या उगाएं?
शरदकालीन गन्ने के बीच आलू, सरसों, लहसुन, मसूर या धनिया उगा सकते हैं। बसंतकालीन गन्ने में उड़द या मूंग की खेती करके किसान प्रति एकड़ ₹30,000 से ₹50,000 तक अतिरिक्त आमदनी पा सकते हैं।
38. पेड़ी (Ratoon) गन्ने की अच्छी पैदावार कैसे लें?
पौधा गन्ना कटाई जमीन की सतह से सटाकर करें। इसके बाद ठूंठों की छंटाई (Stubble Shaving) करें, जड़ों के पास जुताई कर 25% अतिरिक्त नाइट्रोजन और जिंक सल्फेट डालें।
39. गन्ने के बीज का उपचार (Seed Treatment) कैसे करें?
दो आंख वाले टुकड़ों को कार्बेन्डाजिम (0.1%) और इमिडाक्लोप्रिड (0.1%) के घोल में 15 मिनट डुबोएं, या 50°C तापमान पर नम गर्म हवा उपचार (MHAT) संयंत्र से उपचारित कराएं।
40. गन्ने में ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) से क्या लाभ होता है?
ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन से 50-60% पानी की बचत, 30% खाद की बचत और गन्ने की पैदावार में 25-35% तक की सीधी बढ़ोतरी होती है।
Section 5: सरकारी योजनाएं और किसान कल्याण (10 सवाल)
41. गन्ना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) कैसे बनवाएं?
अपनी नजदीकी बैंक शाखा या ग्रामीण बैंक में भू-अभिलेख (खतौनी), आधार कार्ड, पैन कार्ड और गन्ना समिति का सट्टा पर्ची प्रमाण पत्र जमा करें। 4% रियायती ब्याज दर पर 3 लाख तक का ऋण मिलता है।
42. PM-किसान सम्मान निधि का लाभ गन्ना किसानों को कैसे मिलता है?
pmkisan.gov.in पर ई-केवाईसी (e-KYC) और भू-सत्यापन पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में 3 बराबर किस्तों में दी जाती है।
43. गन्ने की फसल का बीमा (PMFBY) कैसे कराएं?
ऋणी किसानों का बीमा बैंक द्वारा स्वतः किया जाता है। गैर-ऋणी किसान जनसेवा केंद्र (CSC) या pmfby.gov.in पर खतौनी, बुआई प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक देकर प्रीमियम जमा कर सकते हैं।
44. कृषि यंत्रों (Sugarcane Implements) पर सब्सिडी कैसे प्राप्त करें?
यूपी कृषि विभाग के पोर्टल upagriculture.com पर ‘यंत्र टोकन’ व्यवस्था के तहत आवेदन करें। रोटावेटर, ट्रेंच ओपनर और आरबीएम पर 50% से 80% तक का अनुदान डीबीटी से मिलता है।
45. ड्रिप सिंचाई संयंत्र पर 90% तक सरकारी अनुदान कैसे लें?
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के पोर्टल (upagriculture/dbt) पर ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ (PMKSY) के तहत पंजीकरण करें। लघु व सीमांत किसानों को 80-90% तक छूट मिलती है।
46. कुसुम योजना (PM-KUSUM) से सोलर पंप कैसे लगवाएं?
उत्तर प्रदेश कृषि दर्शन पोर्टल पर सोलर पंप बुकिंग खुलने पर टोकन जनरेट करें। 60% सरकारी सब्सिडी के साथ 2 HP से 10 HP तक के सोलर पंप खेतों में स्थापित किए जाते हैं।
47. सॉइल हेल्थ कार्ड (Soil Health Card) कैसे बनवाएं?
अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर खेत की मिट्टी का नमूना जमा करें। 12 पोषक तत्वों की जांच के बाद निशुल्क स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाता है।
48. गन्ना समिति (Ganna Samiti) का नया सदस्य कैसे बनें?
अपनी खतौनी, आधार कार्ड, बैंक खाता और ₹221 का सदस्यता शुल्क (शेयर मनी) लेकर स्थानीय सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय में फार्म-1 भरकर जमा करें।
49. पंचवर्षीय सट्टा नीति (5-Year Satta Policy) क्या है?
उत्तर प्रदेश शासन की सट्टा नीति के अनुसार, किसान की पेराई क्षमता का निर्धारण पिछले 5 वर्षों में से सर्वोत्तम 3 वर्षों की गन्ना आपूर्ति के औसत पर किया जाता है।
50. मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना का लाभ किसान कैसे उठा सकते हैं?
इस योजना के तहत उत्तम बीज संवर्धन, टिशू कल्चर पौधे, अंतःफसली प्रदर्शन और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिंगल बड नर्सरी तैयार करने पर सरकारी सहायता व प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways for UP Cane Farmers)
- पारदर्शिता: CaneUp और e-Ganna ऐप के जरिए पर्ची और भुगतान की लाइव ट्रैकिंग संभव है।
- अधिकार: गन्ने का भुगतान 14 दिनों में न होने पर 15% वार्षिक ब्याज का विधिक प्रावधान है।
- उत्पादकता: Co 0238 को बदलकर नई रोगरोधी प्रजातियों (Co 0118, CoLk 14201, Co 15023) को अपनाएं।
- सरकारी लाभ: ड्रिप सिंचाई, सोलर पंप और KCC जैसी योजनाओं से खेती की लागत घटाएं।
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