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गन्ने की मैली (Pressmud) से जैविक खाद बनाने का तरीका — डीएपी का 100% देसी विकल्प

Randhir Patil Randhir Patil Sep 5, 2026 3 min read
गन्ने की मैली (Pressmud) से जैविक खाद बनाने का तरीका — डीएपी का 100% देसी विकल्प
अंतिम अपडेट: September 5, 2026 10:00 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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मुख्य बिंदु (Quick Summary): चीनी मिलों से निकलने वाली मैली (Pressmud) कार्बनिक पदार्थों, नाइट्रोजन, फास्फोरस और सूक्ष्म पोषक तत्वों का विशाल खजाना है। कच्ची मैली खेत में डालने के बजाय यदि इसे वेस्ट डीकंपोजर से 45 दिन सड़ाकर कम्पोस्ट बनाया जाए, तो यह डीएपी का 100% जैविक विकल्प बन जाती है।

रासायनिक खादों (यूरिया व डीएपी) के लगातार प्रयोग से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उपजाऊ मिट्टी की जैविक ताकत खत्म हो रही है। चीनी मिलों में गन्ने के रस की सफाई के दौरान निकलने वाली मैली (Pressmud / Filter Cake) किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

लेकिन अधिकांश किसान अज्ञानतावश मिल से निकली हुई ताजा गर्म मैली को सीधे खेत में डाल देते हैं, जिससे उसमें मौजूद मोम (Wax) और गर्मी के कारण गन्ने की जड़ें जल जाती हैं और दीमक लग जाती है।


1. सड़ी हुई प्रेसमड खाद में मौजूद पोषक तत्वों का खजाना

पोषक तत्वप्रेसमड कम्पोस्ट में प्रतिशत (%)रासायनिक खाद से तुलना
जैविक कार्बन (Organic Carbon)25% से 30%मिट्टी को स्पंज की तरह भुरभुरा बनाता है
नाइट्रोजन (Nitrogen - N)2.0% से 2.5%यूरिया की जरूरत 30% घटाता है
फास्फोरस (Phosphorus - P2O5)2.5% से 3.0%डीएपी (DAP) का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत
पोटाश (Potash - K2O)1.5% से 1.8%गन्ने के तने को मोटा व वजनदार बनाता है
कैल्शियम व सल्फर3.0% से 4.5%मिट्टी के पीएच को संतुलित रखता है

2. 45 दिन में ‘काला सोना’ कम्पोस्ट तैयार करने की विधि

  1. ढेर (Heap) बनाना: चीनी मिल से लाई गई मैली को किसी छायादार स्थान पर 3 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी क्यारी के रूप में फैलाएं।
  2. वेस्ट डीकंपोजर का छिड़काव: 200 लीटर पानी में राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र (NCOF) का वेस्ट डीकंपोजर और 2 किलो गुड़ घोलकर 5 दिन पुराना घोल बनाएं। इस घोल को मैली के ढेर पर अच्छी तरह छिड़कें (नमी 50% रहनी चाहिए)।
  3. पलटाई (Turning): प्रत्येक 15 दिन बाद फावड़े से ढेर को ऊपर-नीचे पलटें ताकि हवा का संचार हो सके।
  4. 45 दिन में तैयार: 45 दिनों के भीतर मैली की गर्मी और बदबू पूरी तरह खत्म हो जाएगी और वह चाय की पत्ती जैसी गहरे काले रंग की भुरभुरी खुशबूदार खाद बन जाएगी।

3. खेत में प्रयोग करने की सही मात्रा और समय

  • बुवाई के समय: शरद या बसंत बुवाई से पहले प्रति एकड़ 40 से 50 क्विंटल सड़ी हुई प्रेसमड खाद खेत में बिखेरकर जुताई कर दें।
  • खड़ी फसल में: मिट्टी चढ़ाते समय (Earthing-up) नालियों में 20 क्विंटल प्रति एकड़ डालें।
  • फायदा: इसे डालने के बाद खेत में डीएपी की मात्रा आधी कर दें; मिट्टी में नमी धारण करने की क्षमता 40% बढ़ जाएगी और गन्ने में लाल सड़न का खतरा शून्य हो जाएगा।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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