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गन्ने की सिंगल बड (Single Bud) और एसटीपी पॉलीट्रे नर्सरी तकनीक 2026: मात्र 4 क्विंटल बीज में 1 एकड़ की बंपर रोपाई

Aamir Raza Aamir Raza Sep 12, 2026 6 min read
गन्ने की सिंगल बड (Single Bud) और एसटीपी पॉलीट्रे नर्सरी तकनीक 2026: मात्र 4 क्विंटल बीज में 1 एकड़ की बंपर रोपाई
अंतिम अपडेट: September 12, 2026 1:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

पारंपरिक विधि से गन्ने की खेती करने वाले किसान सदियों से एक ही ढर्रे पर चलते आ रहे हैं—पूरे गन्ने को 2 या 3 आंख वाले टुकड़ों (Setts) में काटना और खेत में बिछा देना। इस पुरानी पद्धति में प्रति एकड़ 30 से 35 क्विंटल गन्ने का बीज जमीन में गाड़ दिया जाता है। यदि वर्तमान में किसी नई प्रमाणित प्रजाति (जैसे Co-15023, CoS-17231 या CoLk-14201) का बीज ₹350 से ₹400 प्रति क्विंटल खरीदा जाए, तो किसान की जेब से मात्र बीज खरीदने में ही ₹12,000 से ₹15,000 प्रति एकड़ खर्च हो जाते हैं। और सबसे बड़ा दुख यह है कि इतने भारी निवेश के बाद भी दीमक, फंगस और मौसम की मार से 50% से अधिक आंखें जमीन के भीतर ही सड़ जाती हैं और जमाव मात्र 35% से 40% रह जाता है।

इस भारी बर्बादी और लागत को समाप्त करने के लिए भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ और अंतरराष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिकों ने ‘सिंगल बड चिप एवं एसटीपी पॉलीट्रे तकनीक’ (Single Bud Chip & Space Transplanting - STP) विकसित की है। इस क्रांतिकारी तकनीक के जरिए मात्र 4 से 5 क्विंटल गन्ने के बीज (85% बीज की बचत) से 1 एकड़ खेत की 100% सफल रोपाई की जा सकती है और पैदावार पारंपरिक विधि से 30% अधिक (550 से 650 क्विंटल/एकड़) प्राप्त होती है।

इस 2200+ शब्दों के व्यावहारिक मास्टरक्लास में हम जानेंगे कि बड चिपर मशीन से आंख कैसे निकालें, पॉलीट्रे में 25 दिनों में स्वस्थ पौध कैसे तैयार करें और ट्रेंच में रोपाई कर प्रति एकड़ अधिकतम कल्ले कैसे फोड़ें


पारंपरिक बनाम सिंगल बड एसटीपी तकनीक: सीधा तुलनात्मक अंतर

मापदंड (Parameter)पारंपरिक 3-आंख विधि (Traditional)सिंगल बड एसटीपी तकनीक (STP Polytray)किसान को सीधा लाभ
बीज की आवश्यकता30 से 35 क्विंटल / एकड़मात्र 4 से 5 क्विंटल / एकड़85% बीज की सीधी बचत
बीज पर खर्च₹12,000 से ₹14,000₹1,600 से ₹2,000₹10,000+ नकद बचत
अंकुरण दर (Germination %)35% से 45% (अनिश्चित)95% से 100% (निश्चित)एक भी नागा (Gap) नहीं पड़ता
शेष बचे गन्ने का उपयोगकुछ नहीं (पूरा गन्ना जमीन में दब गया)90% गन्ना साबुत बच जाता है जिसे चीनी मिल में बेचकर पैसा कमाएंअतिरिक्त ₹10,000 की आय
प्रति पौधा कल्लों की संख्या4 से 6 कल्ले12 से 18 भारी कल्लेगन्ने की मोटाई व वजन दोगुना
औसत पैदावार (प्रति एकड़)400 से 450 क्विंटल550 से 650 क्विंटल+ 150 क्विंटल अतिरिक्त पैदावार

चरण 1: बड चिपर मशीन से आंख निकालना (Bud Chipping)

  1. स्वस्थ गन्ने का चयन: 8 से 10 माह पुराने रोगमुक्त गन्ने का चुनाव करें। गन्ने के ऊपरी 2/3 भाग की आंखें सर्वाधिक ओजस्वी और तेजी से अंकुरित होने वाली होती हैं।
  2. हस्तचालित या मोटरयुक्त बड चिपर: हाथ से चलने वाली छोटी ‘बड चिपर मशीन’ (कीमत ₹1,200 से ₹1,500) या इलेक्ट्रिक मशीन के खांचे में गन्ने की गांठ को रखें और हैंडल दबाएं।
  3. अर्ध-चंद्राकार चिप (Scooped Bud): गन्ने की आंख सुपारी के आकार में साबुत बाहर निकल आती है, जबकि गन्ने का मुख्य तना बिल्कुल सुरक्षित रहता है। इस बचे हुए गन्ने को किसान आसानी से मिल गेट पर तौलवा सकते हैं या कोल्हू में रस निकाल सकते हैं।

चरण 2: बीजोपचार (Seed Treatment) — रोगों से 100% सुरक्षा

निकाली गई आंखों को पॉलीट्रे में लगाने से पहले उपचारित करना अनिवार्य है:

  • 100 लीटर पानी में बाविस्टिन (कार्बेंडाजिम 50% WP) 100 ग्राम + इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL 50 मिली घोलें।
  • बड चिप्स को जालीदार प्लास्टिक की जाली या बोरी में भरकर इस घोल में 15 मिनट तक डुबोकर रखें
  • इससे रेड रॉट, उकठा और दीमक का संक्रमण पूरी तरह खत्म हो जाता है।

चरण 3: पॉलीट्रे में मीडिया भरना और नर्सरी तैयार करना (Nursery Raising)

1. ग्रोइंग मीडिया (Potting Mixture) का अनुपात

पौध तैयार करने के लिए सबसे अच्छा मिश्रण:

  • कोकोपीट (Coco Peat): 60% (यह नारियल के छिलके का बुरादा होता है जो नमी सोखकर रखता है)
  • वर्मीकंपोस्ट (केंचुआ खाद): 30% (पौधों को शुरुआती पोषण देने हेतु)
  • सूखी बालू रेत या चावल की भूसी की राख: 10% (हवा संचार हेतु)
  • प्रति 50 किग्रा मिश्रण में 200 ग्राम ट्राइकोडर्मा और 100 ग्राम ह्यूमिक एसिड अवश्य मिलाएं।

2. 50-कैविटी पॉलीट्रे (50-Cell Cone Trays) में रोपाई

  • बाजार में 50 खानों वाली मजबूत प्लास्टिक पॉलीट्रे मिलती है।
  • खानों में तैयार मिश्रण को आधा भरें।
  • उपचारित आंख को आंख का मुंह ऊपर की ओर (Facing Upward) रखते हुए बीच में रखें।
  • ऊपर से 1 सेमी कोकोपीट मिश्रण की परत से ढक दें।
  • हजारे (Watering Can) से हल्का फव्वारा पानी दें।

3. नर्सरी की देखभाल (20 से 25 दिन)

  • पॉलीट्रे को किसी छायादार स्थान पर या ग्रीन नेट (Green Shade Net 50%) के नीचे बांस के मचान पर जमीन से 1 फीट ऊपर रखें।
  • 3 से 4 दिन में: आंख से सफेद सुई जैसी हरी कोपल बाहर निकल आएगी।
  • 12वें दिन: 19:19:19 घुलनशील खाद का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में हल्का स्प्रे करें।
  • 20 से 25 दिन में: पौधे में 4-5 चमकदार हरी पत्तियां आ जाएंगी और जड़ों का पूरा सफेद गुच्छा (Root Ball) कैविटी के आकार में बंध जाएगा। अब पौधा खेत में रोपाई के लिए तैयार है।

चरण 4: खेत की तैयारी और ट्रेंच में रोपाई (Transplanting in Field)

  1. खेत का लेआउट: ट्रेंच ओपनर से 4.5 से 5 फीट की दूरी पर 30 सेमी गहरी नालियां बनाएं।
  2. नालियों में बेसल खाद: नालियों में प्रति एकड़ 1 बोरी डीएपी + 25 किग्रा पोटाश + 5 टन सड़ी गोबर खाद या प्रेसमड बिछाएं।
  3. रोपाई की दूरी: नाली के तल में पौधे से पौधे की दूरी 1.5 से 2.0 फीट (45 से 60 सेमी) रखें।
    • प्रति एकड़ कुल पौधों की संख्या: लगभग 5,000 से 5,500 पौधे पर्याप्त होते हैं।
  4. रोपाई का तरीका: पॉलीट्रे के नीचे से अंगूठे से हल्का दबाने पर पूरा पौधा जड़ के लड्डू समेत बाहर आ जाता है। इसे नाली में रखकर चारों तरफ से मिट्टी दबा दें और रोपाई के तुरंत बाद हल्का पानी (Life Irrigation) लगा दें।
  5. जमाव दर: इस विधि में एक भी पौधा नहीं मरता, 100% पौधे जीवित रहते हैं।

कल्लों का विस्फोट और 600 क्विंटल का जादुई गणित

पारंपरिक गन्ने में जब कतार में बीज बहुत घना पड़ जाता है, तो पौधे एक-दूसरे से धूप और हवा के लिए लड़ते हैं और कमजोर, पतले रह जाते हैं।

  • एसटीपी विधि में प्रत्येक पौधे को चारों तरफ भरपूर धूप, खुली हवा और 1.5 फीट का खुला दायरा मिलता है।
  • रोपाई के 40 से 60 दिन बाद एक ही पौधे से 15 से 20 अत्यंत मोटे और मजबूत कल्ले बाहर निकलते हैं।
  • यदि प्रति एकड़ 5,000 पौधे लगाए गए हैं और प्रत्येक पौधे से मात्र 8 स्वस्थ मिल योग्य गन्ने (Millable Canes) भी बने, तो:

$$ ext{कुल गन्नों की संख्या} = 5,000 imes 8 = 40,000 ext{ गन्ने}$$

  • ट्रेंच और एसटीपी गन्ने का एक गन्ना औसतन 1.50 किलोग्राम वजन का होता है:

$$ ext{कुल पैदावार} = 40,000 imes 1.50 ext{ किग्रा} = 60,000 ext{ किग्रा} = \mathbf{600 ext{ क्विंटल प्रति एकड़}}$$

यह तकनीक विशेष रूप से महंगे प्रमाणित बीजों (जैसे Co-15023) का तेजी से गुणन (Multiplication) करने के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक पद्धति सिद्ध हो चुकी है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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