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गन्ना तौल घटतौली की रोकथाम और किसान के कानूनी अधिकार 2026 — कांटा जांच व शिकायत नियम

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 1, 2026 • अपडेट: Sep 5, 2026 10:00 AM IST • 11 min read
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गन्ना तौल घटतौली की रोकथाम और किसान के कानूनी अधिकार 2026 — कांटा जांच व शिकायत नियम
अंतिम अपडेट: September 5, 2026 10:00 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुख्य बिंदु (Quick Summary): चीनी मिलों और बाहरी क्रय केंद्रों पर 50 किलो से लेकर 2 क्विंटल तक की घटतौली किसानों की जेब पर डाका डालती है। जानिए अपने 100% कानूनी अधिकार, 50 किलो मानक बांट से कांटा चेक करने का नियम और त्वरित कार्रवाई के उपाय।

उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसानों की सबसे बड़ी और पुरानी शिकायतों में से एक ‘गन्ना तौल में घटतौली (Weighment Malpractice / Under-weighing)’ है। प्रदेश भर में स्थापित 122 चीनी मिलों के लगभग 5,000 से अधिक बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों (Out-center Purchase Centers) और मिल गेट के धर्मकांटों पर कई भ्रष्ट तौल लिपिकों और ठेकेदारों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक चिप, रिमोट कंट्रोल डिवाइस या सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके प्रति ट्रॉली/ट्रक 50 किलोग्राम से लेकर 3 क्विंटल तक की अवैध कटौती कर ली जाती है।

यदि एक सामान्य किसान सीजन में 10 ट्रॉली गन्ना बेचता है और प्रत्येक तौल में औसतन 1 क्विंटल की घटतौली होती है, तो वर्तमान राज्य परामर्शित मूल्य (₹370/क्विंटल) के हिसाब से उस किसान को सीधे ₹3,700 से ₹5,000 की सीधी चपत लगती है। पूरे प्रदेश के स्तर पर यह लूट सैकड़ों करोड़ रुपये की बैठती है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, गन्ना विकास विभाग और विधिक माप विज्ञान विभाग (Legal Metrology Department) द्वारा किसानों को व्यापक वैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि किसान भाई कांटे की शुद्धता की जांच कैसे करें और घटतौली पकड़े जाने पर मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR) कैसे दर्ज कराएं।

1. विधिक माप विज्ञान अधिनियम और गन्ना नियमावली के तहत किसान के 6 मौलिक अधिकार

उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 तथा विधिक माप विज्ञान (बाट तथा माप) अधिनियम 2009 के तहत प्रत्येक पंजीकृत गन्ना किसान को क्रय केंद्र पर निम्नलिखित कानूनी अधिकार प्राप्त हैं:

  1. कांटा जांचने का अधिकार (Right to Inspect Scale): किसी भी किसान को यह कानूनी अधिकार है कि वह अपनी ट्रॉली तौलने से ठीक पहले तौल लिपिक से कांटे की शून्य (Zero) सेटिंग और मानक बांट से शुद्धता प्रदर्शित करने को कह सकता है। तौल लिपिक इसके लिए मना नहीं कर सकता।
  2. 50 किग्रा के मानक बांट की उपलब्धता (Standard Test Weights): शासन के नियमानुसार प्रत्येक गन्ना क्रय केंद्र और मिल गेट के कांटे पर बांट-माप विभाग द्वारा सत्यापित 50-50 किलोग्राम के कम से कम 4 से 6 लोहे के मानक बांट (Standard Weights) अनिवार्य रूप से रखे होने चाहिए।
  3. डिजिटल डिस्प्ले का किसान के सम्मुख होना (Visible Digital Display): तौल कांटे का डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड ऐसी जगह और इतनी ऊंचाई पर लगा होना चाहिए कि ट्रैक्टर/बुग्गी पर बैठा किसान या जमीन पर खड़ा किसान आसानी से अपनी आंखों से अंकों को स्पष्ट पढ़ सके।
  4. तत्काल कंप्यूटराइज्ड तौल रसीद प्राप्त करना (Instant Printed Receipt): तौल होते ही किसान को मशीन से स्वतः मुद्रित (Auto-generated) रसीद दी जानी चाहिए जिस पर सकल वजन (Gross Weight), खाली वाहन का वजन (Tare Weight), शुद्ध गन्ना वजन (Net Weight), तारीख, समय और ऑपरेटर का नाम स्पष्ट अंकित हो।
  5. तौल पर्ची पर हाथ से ओवरराइटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध: किसी भी परिस्थिति में तौल लिपिक द्वारा रसीद पर हाथ से वजन काटना या पेन से नया वजन लिखना गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है।
  6. क्रय केंद्र पर शिकायत पंजिका (Grievance Register): प्रत्येक क्रय केंद्र पर एक प्रमाणित शिकायत पंजिका उपलब्ध होनी चाहिए, जिसमें किसान अपनी शिकायत दर्ज कर पावती प्राप्त कर सकता है।

2. घटतौली करने के 4 सबसे प्रचलित आधुनिक तरीके और उनकी पहचान

पहले के जमाने में यांत्रिक कांटों (Mechanical Beam Scales) में नीचे चुंबक चिपकाकर या पलड़े पर तार खींचकर घटतौली की जाती थी, लेकिन अब डिजिटलीकरण के दौर में जालसाजों ने हाई-टेक तरीके अपना लिए हैं:

घटतौली का तरीकायह कैसे काम करता है?किसान कैसे पहचानें और पकड़ें?
रिमोट कंट्रोल चिप (Electronic Remote Hack)तौल कांटे के मदरबोर्ड या जंक्शन बॉक्स में एक वायरलेस रिसीवर चिप लगा दी जाती है। लिपिक जेब में रखे रिमोट का बटन दबाकर वजन 100-200 किग्रा कम कर देता है।जब कोई खाली वाहन कांटे पर आए तो अचानक वजन माइनस में दिखने लगे अथवा कांटे पर वजन स्थिर (Stable) होने में असामान्य देरी हो।
जीरो कैलिब्रेशन में छेड़छाड़ (Negative Zero Error)कांटे के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके बिना किसी लोड के ही कांटे का प्रारंभिक मान -50 या -100 किग्रा सेट कर दिया जाता है।कांटे पर गाड़ी चढ़ने से पहले डिस्प्ले पर ‘0.00’ की जगह माइनस का निशान (-0.50) या कोई अन्य अंक जांचें।
टियर वजन (Tare Weight) में फर्जीवाड़ागन्ने से भरी ट्रॉली तौलने के बाद जब खाली ट्रॉली का वजन किया जाता है, तो उसमें 50-100 किलो वजन बढ़ाकर दर्ज कर दिया जाता है, जिससे शुद्ध गन्ना कम हो जाता है।खाली ट्रॉली तौलते समय सुनिश्चित करें कि ट्रॉली में कोई अतिरिक्त व्यक्ति, भारी स्टेपनी या मिट्टी न भरी हो और वजन का मिलान पहले के टियर से करें।
सॉफ्टवेयर कोड मैनिपुलेशन (Algorithm Tampering)वजन बताने वाले सॉफ्टवेयर में ऐसा कोड डाल दिया जाता है कि 50 क्विंटल से ऊपर के वजन पर स्वतः 2% की कटौती हो जाए।मानक 50 किलो के बांटों को एक-एक करके 200 किलो तक रखकर देखें कि क्या कुल जोड़ सही 200.00 किग्रा आता है या नहीं।

3. क्रय केंद्र पर कांटे की शुद्धता जांचने की 5-चरणीय विधि

जब भी आप अपनी गन्ना ट्रॉली लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचें, तो तौल कराने से पहले निम्नलिखित 5 चरणों में स्वयं कांटे की जांच करें:

[चरण 1: शून्य जांच (Zero Check)] ➔ [चरण 2: मानक बांट वजन] ➔ [चरण 3: कॉर्नर टेस्ट] ➔ [चरण 4: भरा वाहन तौल] ➔ [चरण 5: खाली वाहन तौल]
  1. चरण 1 (Zero Verification): कांटे के प्लेटफॉर्म पर कोई भी वस्तु न होने की स्थिति में डिजिटल डिस्प्ले पर ‘00.00 kg’ होना चाहिए। यदि वहां कोई फ्लक्चुएशन हो रहा है तो कांटा रीसेट कराएं।
  2. चरण 2 (Test Weight Load): क्रय केंद्र पर मौजूद 50 किलो के दो बांट कांटे के बीचों-बीच रखवाएं। डिस्प्ले पर ठीक 100.00 kg आना चाहिए।
  3. चरण 3 (Corner Balancing Test): बांटों को कांटे के चारों कोनों पर बारी-बारी से रखकर देखें। यदि किसी एक कोने पर वजन 98 किलो और दूसरे पर 100 किलो आ रहा है, तो इसका अर्थ है कि कांटे के लोड सेल (Load Cells) असंतुलित या खराब हैं।
  4. चरण 4 (Gross Weighment): अपनी भरी हुई ट्रॉली को कांटे के बिल्कुल मध्य भाग में खड़ा कराएं। ट्रैक्टर का कोई भी पहिया कांटे के प्लेटफॉर्म से बाहर या एप्रोच रोड पर नहीं होना चाहिए।
  5. चरण 5 (Tare & Net Calculation): गन्ना खाली करने के तुरंत बाद उसी कांटे पर खाली ट्रॉली का वजन कराएं और मौके पर ही गणना करें: $$\text{शुद्ध गन्ना वजन (Net Weight)} = \text{सकल वजन (Gross)} - \text{खाली ट्रॉली वजन (Tare)}$$

4. घटतौली पकड़े जाने पर तुरंत की जाने वाली कानूनी कार्रवाई (FIR व जब्ती)

यदि आपको कांटे की जांच में 20 किलो या उससे अधिक की घटतौली मिलती है, तो घबराएं नहीं और न ही कानून अपने हाथ में लें। तुरंत निम्नलिखित वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं:

1. साक्ष्य सुरक्षित करें (Video Evidence):

अपने मोबाइल फोन से कांटे के डिस्प्ले, मानक बांट की स्थिति, क्रय केंद्र के बोर्ड और तौल लिपिक का स्पष्ट वीडियो रिकॉर्ड करें। तौल पर्ची यदि कट चुकी है तो उसकी मूल प्रति अपने पास रखें।

2. मौके पर पंचनामा तैयार करें:

क्रय केंद्र पर उपस्थित कम से कम 4 से 5 अन्य साथी किसानों के हस्ताक्षर करवाकर एक सादे कागज पर ‘घटना का पंचनामा’ लिखें जिसमें समय, कांटे की त्रुटि और लिपिक का नाम स्पष्ट दर्ज हो।

3. तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन और अधिकारियों को कॉल करें:

  • गन्ना विभाग कंट्रोल रूम: 1800-121-3203 पर कॉल करके क्रय केंद्र कोड और शिकायत दर्ज कराएं।
  • जिला गन्ना अधिकारी (DCO) व SDM: अपने जिले के DCO और उपजिलाधिकारी को फोन करके सूचित करें कि केंद्र पर घटतौली पकड़ी गई है, तत्काल फ्लाइंग स्क्वाड (छापेमार दल) भेजें।
  • डायल 112 (पुलिस सहायता): यदि तौल लिपिक भागने की कोशिश करे या विवाद करे, तो 112 पर कॉल करके पुलिस को मौके पर बुलाएं।

4. कानूनी धाराएं जिनके तहत मुकदमा दर्ज होता है:

घटकौली करने वाले तौल लिपिक, क्रय केंद्र प्रभारी और संबंधित चीनी मिल के अध्यासी (Occupier/General Manager) के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं में गैर-जमानती मुकदमा दर्ज होता है:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) / पूर्व IPC 420: धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति हड़पना।
  • विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 30: गैर-मानक बांट व माप का उपयोग (आर्थिक दंड एवं 1 वर्ष तक का कारावास)।
  • यूपी गन्ना पूर्ति एवं खरीद अधिनियम 1953 की धारा 22: गन्ना क्रय नियमों का उल्लंघन (लाइसेंस निरस्तीकरण एवं दंडात्मक कार्रवाई)।

5. उत्तर प्रदेश के प्रमुख चीनी मिल क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वाड व निगरानी तंत्र

प्रदेश सरकार द्वारा पेराई सत्र 2026-27 के लिए सभी जिलों में त्रि-स्तरीय फ्लाइंग स्क्वाड (Flying Squads) का गठन किया गया है:

निगरानी स्तरनोडल अधिकारीकार्यक्षेत्र व उत्तरदायित्व
तहसील स्तरउपजिलाधिकारी (SDM) + ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक (SCDI)तहसील क्षेत्र के सभी बाह्य क्रय केंद्रों पर औचक रात्रि निरीक्षण और सीलिंग
जिला स्तरअपर जिलाधिकारी (ADM) + जिला गन्ना अधिकारी (DCO) + बांट-माप अधिकारीमिल गेट के धर्मकांटों की औचक जांच, सॉफ्टवेयर फोरेंसिक ऑडिट व एफआईआर संस्तुति
परिक्षेत्र स्तरउप गन्ना आयुक्त (Deputy Cane Commissioner)अंतर-जनपदीय क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण और भ्रष्टाचार में लिप्त मिलों पर जुर्माना

विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली (थानाभवन, उन मिल), मुजफ्फरनगर (खतौली, मंसूरपुर, तितावी), बागपत (मलकपुर, बागपत), मेरठ (दौराला, मवाना, मोहिउद्दीनपुर), बिजनौर (बरकातपुर, धामपुर, चांदपुर, स्योहारा) तथा लखीमपुर खीरी (गोला, पलिया, खंभारखेड़ा) में विशेष सचल दल 24 घंटे सक्रिय रहते हैं।

6. घटतौली से बचाव के लिए किसानों को 5 व्यावहारिक सुझाव

  1. संदेहास्पद कांटे पर तौल से बचें: जिस क्रय केंद्र के बारे में पहले से घटतौली की शिकायतें आ रही हों, वहां गन्ना ले जाने से बचें और अपने नजदीकी समिति सचिव से कहकर अपना सेंटर बदलवाने का आवेदन दें।
  2. गांव के धर्मकांटे पर पूर्व-वजन (Pre-weighing): यदि संभव हो तो क्रय केंद्र जाने से पहले अपने गांव या कस्बे के किसी विश्वसनीय सार्वजनिक धर्मकांटे (Public Weighbridge) पर ₹20-₹30 देकर अपनी भरी हुई ट्रॉली का वजन करवा लें और उसकी पर्ची जेब में रखें।
  3. सामूहिक एकजुटता (Farmer Solidarity): अकेले किसान के विरोध करने पर कई बार मिल के गुर्गे दबाव बनाने का प्रयास करते हैं, इसलिए क्रय केंद्र पर हमेशा 4-5 किसान भाई एक साथ उपस्थित रहें।
  4. कांटे की वार्षिक सीलिंग मुहर जांचें: विधिक माप विज्ञान विभाग प्रतिवर्ष कांटे की जांच करके उस पर सीसा धातु की विशेष सील (Lead Seal) लगाता है। सुनिश्चित करें कि कांटे की सील टूटी हुई या खुली न हो।
  5. eGanna ऐप पर वजन का तत्काल मिलान: तौल होने के 1 घंटे के भीतर eGanna ऐप पर अपनी तौल पर्ची का डेटा चेक करें कि जितना वजन पर्ची पर था, उतना ही सॉफ्टवेयर में अपलोड हुआ है या नहीं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Top 10 FAQs)

यदि क्रय केंद्र पर 50 किलो का मानक बांट न मिले तो किसान क्या करे?

यदि क्रय केंद्र पर मानक बांट उपलब्ध नहीं है, तो यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। किसान तुरंत तौल रुकवाकर टोल-फ्री 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराएं और तौल लिपिक का लाइसेंस निलंबित कराएं।

क्या किसान स्वयं कांटे के डिजिटल डिस्प्ले के पास जाकर वजन देख सकता है?

हां, किसान को कांटे के इंडिकेटर के पास जाकर वजन की रीडिंग देखने का 100% कानूनी अधिकार है। लिपिक किसान को रोक नहीं सकता।

घटतौली पकड़े जाने पर दोषी तौल लिपिक को क्या सजा हो सकती है?

विधिक माप विज्ञान अधिनियम और बीएनएस (IPC) के तहत दोषी लिपिक का लाइसेंस आजीवन निरस्त किया जा सकता है और 3 वर्ष तक का कारावास व भारी जुर्माना हो सकता है।

क्या चीनी मिल मालिक या जीएम पर भी घटतौली का केस दर्ज होता है?

हां, यूपी गन्ना अधिनियम के तहत मिल का अध्यासी (Occupier/GM) क्रय केंद्रों पर होने वाली किसी भी अनियमितता के लिए संयुक्त रूप से विधिक रूप से उत्तरदायी होता है।

यदि खाली ट्रॉली के वजन में 100 किलो की गड़बड़ी की गई हो तो क्या करें?

खाली ट्रॉली को कांटे से नीचे न उतारें और तुरंत अन्य किसानों के सामने कांटे को रीसेट करवाकर दोबारा तौल कराएं और पंचनामा बनवाएं।

गन्ना घटतौली की ऑनलाइन शिकायत कहां दर्ज की जा सकती है?

आप उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल jansunwai.up.nic.in पर या CaneUp शिकायत निवारण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रमाण सहित शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

क्या किसान अपनी पर्ची किसी दूसरे क्रय केंद्र पर तौलवा सकता है?

समान चीनी मिल के अंतर्गत यदि आपका क्रय केंद्र खराब है या बंद है, तो ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक की अनुमति से आरक्षित वैकल्पिक केंद्र पर तौल कराई जा सकती है।

कांटे में रिमोट कंट्रोल डिवाइस होने का संदेह होने पर जांच कैसे करवाएं?

जिला गन्ना अधिकारी या बांट-माप अधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र दें। तकनीकी टीम कांटे के जंक्शन बॉक्स और लोड सेल की इलेक्ट्रॉनिक जांच करके चिप जब्त करती है।

क्या रात्रि के समय गन्ना तौल पर कोई विशेष नियम हैं?

हां, रात्रि तौल के दौरान क्रय केंद्र पर कम से कम 200 वाट की पर्याप्त दूधिया रोशनी (फ्लड लाइट) और जनरेटर की निर्बाध व्यवस्था होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

घटतौली की शिकायत करने वाले किसान का नाम क्या गोपनीय रखा जाता है?

हां, विभाग के विधिक प्रावधानों के अनुसार शिकायतकर्ता किसान की सुरक्षा और उसके सट्टे पर बदले की भावना से होने वाली किसी भी कार्रवाई को रोकने हेतु नाम गोपनीय रखा जा सकता है।


📞 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन और संपर्क सूत्र

  • उत्तर प्रदेश गन्ना किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-121-3203
  • गन्ना आयुक्त मुख्यालय लखनऊ कंट्रोल रूम: 0522-2236403
  • ई-गन्ना ऐप एवं सट्टा पोर्टल: enquiry.caneup.in
  • विभागीय पोर्टल: upcane.gov.in

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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