
गन्ने की खेती भारत में सबसे ज्यादा की जाने वाली नकदी फसल है। लेकिन कई किसान ऐसी गलतियां करते हैं जिनसे उनका मुनाफा कम हो जाता है। अगर आप 2026 में गन्ने की खेती कर रहे हैं तो ये 5 बड़ी गलतियां जरूर पढ़ें।
गन्ने की खेती में ये 5 गलतियां नुकसान करा सकती हैं
| गलती | नुकसान | समाधान |
|---|---|---|
| गलत बीज किस्म | 20-30% कम उपज | Co-0238, Co-0118 लगाएं |
| देर से बुवाई | फसल कमजोर | फरवरी-मार्च में बुवाई करें |
| सिंचाई गलत | जड़ सड़न | ड्रिप सिंचाई अपनाएं |
| खाद की गलत मात्रा | पैसा बर्बाद | मिट्टी जांच कराएं |
| कीट नियंत्रण नहीं | 40% तक नुकसान | एकीकृत कीट प्रबंधन करें |

बहुत से किसान पुरानी किस्में लगाते हैं। इससे उपज कम मिलती है।
समाधान: Co-0238 (80-90 टन/हेक्टेयर) या Co-0118 (रोग प्रतिरोधी) लगाएं।
| किस्म | औसत उपज (टन/हेक्टेयर) |
|---|---|
| पुरानी किस्में | 50-60 |
| Co-0238 | 80-90 |
| Co-0118 | 70-80 |
सही समय: शरद बुवाई (अक्टूबर-नवंबर) या वसंत बुवाई (फरवरी-मार्च)। अप्रैल के बाद बुवाई = 20-30% कम उपज।
समाधान: ड्रिप सिंचाई अपनाएं (40-50% पानी बचता है)। मल्चिंग करें।
| महीना | कितनी बार |
|---|---|
| मार्च-अप्रैल | हर 7-10 दिन |
| मई-जून | हर 5-7 दिन |
| जुलाई-अगस्त | जरूरत पर |
बिना मिट्टी जांच के खाद डालना = पैसा बर्बाद। ₹100-200 में मिट्टी जांच कराएं।
| खाद | मात्रा (प्रति हेक्टेयर) |
|---|---|
| यूरिया | 250-300 किलो |
| DAP | 150-200 किलो |
| गोबर की खाद | 10-15 टन |
| कीट/रोग | नुकसान |
|---|---|
| तना छेदक | 30-40% |
| जड़ विषाणु | 20-30% |
| लाल सड़न | 25-35% |
समाधान: ट्राइकोग्रामा कार्ड लगाएं, फेरोमोन ट्रैप लगाएं, फसल चक्र अपनाएं।
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