
गन्ने की सही किस्म चुनना सबसे जरूरी फैसला है। अच्छी किस्म से उपज 30-40% तक बढ़ सकती है और चीनी की रिकवरी भी बेहतर होती है। 2026 में कई नई किस्में आई हैं जो किसानों के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
अपडेट: नवंबर 2026 — Co-0238 अब कई इलाकों में लाल सड़न की चपेट में है, इसलिए उसकी जगह लाल सड़न रोधी नई किस्में (CoLk 16202, CoS 23232, CoS 19231) लगाना बेहतर है। नीचे किस्मों की उपज अब प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सही की गई है, पहले गलती से प्रति एकड़ लिखा था।
सबसे लोकप्रिय किस्में (Top Varieties)
1. Co-0238 (सबसे ज्यादा लगाई जाने वाली)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | 80-100 टन/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 11-12.5% |
| अवधि | 12-14 महीने |
| विशेषता | ज्यादा रिकवरी, लेकिन अब लाल सड़न का खतरा |
| कहाँ अच्छी | UP, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड |
फायदे:
- सबसे ज्यादा चीनी रिकवरी
- खड़ा रहता है (Lodging Resistant)
- किसानों की पुरानी पहली पसंद
सावधानी: Co-0238 पहले लाल सड़न रोधी मानी जाती थी, लेकिन पिछले 4-5 साल में उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस पर लाल सड़न का भारी प्रकोप हुआ है। इसलिए इसका पुराना बीज न लगाएं। रोगमुक्त प्रमाणित बीज ही लें, या लाल सड़न वाले इलाकों में नीचे दी गई नई रोधी किस्में लगाएं।
2. Co-0118
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | 70-90 टन/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 10.5-11.5% |
| अवधि | 12 महीने |
| विशेषता | जल्दी तैयार |
| कहाँ अच्छी | UP, बिहार, पश्चिम बंगाल |
फायदे:
- अगेती किस्म (Early Maturity)
- कम पानी में भी अच्छी उपज
- पछेती बुआई के लिए उपयुक्त
3. Co-15023
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | 85-100 टन/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 11-12% |
| अवधि | 12-14 महीने |
| विशेषता | बहुत ज्यादा उपज |
| कहाँ अच्छी | UP, महाराष्ट्र, कर्नाटक |
फायदे:
- बहुत ज्यादा उपज
- मोटा और लंबा गन्ना
- अच्छी रिकवरी
4. Co-86032
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | 70-85 टन/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 10-11% |
| अवधि | 12 महीने |
| विशेषता | रोग प्रतिरोधी |
| कहाँ अच्छी | महाराष्ट्र, गुजरात |
5. Co-98014
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | 75-90 टन/हेक्टेयर |
| रिकवरी | 10.5-11.5% |
| अवधि | 12-13 महीने |
| विशेषता | सूखा सहनशील |
| कहाँ अच्छी | मध्य प्रदेश, राजस्थान |
नई लाल सड़न रोधी किस्में (2024-2026 में स्वीकृत)
Co-0238 पर लाल सड़न का प्रकोप बढ़ने के बाद गन्ना शोध संस्थानों ने कई नई किस्में विकसित की हैं। लाल सड़न वाले इलाकों में इन्हें प्राथमिकता दें।
CoLk 16202 (इक्षु-16)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | लगभग 93 टन/हेक्टेयर (ट्रायल औसत) |
| चीनी | 18% से अधिक |
| अवधि | 8-10 महीने (अगेती) |
| विशेषता | लाल सड़न रोधी, जल्दी तैयार |
| स्वीकृति | 2024 में उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत (IISR, लखनऊ द्वारा विकसित) |
CoS 23232
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उपज | लगभग 95.56 टन/हेक्टेयर (ट्रायल औसत) |
| विशेषता | लाल सड़न रोधी, अगेती, ज्यादा चीनी |
| स्वीकृति | उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR) द्वारा विकसित, प्रदेश में खेती के लिए स्वीकृत |
CoS 19231 और CoS 13235
- ये भी UPCSR की अगेती किस्में हैं, जिन्हें Co-0238 के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है।
- शाहजहांपुर गन्ना संस्थान ने 2026 में CoS 23232 और CoS 19231 की मिनी सीड किट (100 बड वाली किट, ₹200) किसानों को उपलब्ध कराई हैं।
Co-20016 (आने वाली किस्म)
- ICAR के गन्ना प्रजनन संस्थान की यह किस्म Co-0238 के संभावित विकल्प के रूप में चुनी गई है। तीन साल के ट्रायल में इसकी औसत उपज 144.6 टन/हेक्टेयर रही, जबकि Co-0238 की 116.4 टन/हेक्टेयर थी। यह लाल सड़न के CF13 पैथोटाइप के खिलाफ प्रतिरोधी है। अभी यह केंद्रीय विमोचन प्रक्रिया में है, इसलिए बीज लेने से पहले अपने जिले के गन्ना विभाग से इसकी उपलब्धता जांच लें।
किस्म चुनने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
1. मिट्टी का प्रकार
- दोमट मिट्टी — Co-0238, Co-15023
- बलुई मिट्टी — Co-0118, Co-98014
- काली मिट्टी — Co-86032
2. पानी की उपलब्धता
- ज्यादा पानी — Co-0238, Co-15023
- कम पानी — Co-0118, Co-98014
- सूखा क्षेत्र — Co-98014
3. बुआई का समय
- अगेती (Oct-Nov) — Co-0238, Co-15023
- पछेती (Feb-Mar) — Co-0118
4. रोग की समस्या
- लाल सड़न (Red Rot) — CoLk 16202, CoS 23232 (प्रतिरोधी)
- धारीदार धब्बा (Smut) — Co-0118 (प्रतिरोधी)
- गलन (Wilt) — Co-15023 (प्रतिरोधी)
बीज गन्ना कहाँ से लें?
सरकारी स्रोत:
- गन्ना अनुसंधान केंद्र (शाहजहांपुर, मेरठ, लखनऊ)
- राज्य गन्ना विभाग के बीज फार्म
- कृषि विश्वविद्यालय के बीज फार्म
निजी स्रोत:
- प्रमाणित बीज उत्पादक (Certified Seed Growers)
- गन्ना समिति के माध्यम से
सावधानी: हमेशा प्रमाणित बीज ही खरीदें। अच्छा बीज = अच्छी फसल। सस्ते बीज से नुकसान हो सकता है।
बीज उपचार (Seed Treatment)
बुआई से पहले बीज गन्ने का उपचार जरूर करें:
विधि:
- कार्बेन्डाजिम (Carbendazim) — 2 ग्राम/लीटर पानी में भिगोएं (15 मिनट)
- ट्राइकोडर्मा — 4 ग्राम/किलो बीज पर लगाएं
- एज़ोटोबैक्टर — बीज पर Coating करें
फायदे:
- फफूंदी जनित रोग नहीं होते
- अंकुरण अच्छा होता है
- पौधे मजबूत बनते हैं
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: सबसे अच्छी गन्ने की किस्म कौन सी है?
उत्तर: Co-0238 लंबे समय से सबसे लोकप्रिय रही है। लेकिन जिन इलाकों में लाल सड़न की समस्या है, वहां अब CoLk 16202 या CoS 23232 जैसी रोधी किस्में बेहतर हैं।
Q2: Co-0238 और Co-0118 में क्या फर्क है?
उत्तर: Co-0238 में रिकवरी ज्यादा है (11-12.5%), Co-0118 जल्दी तैयार होती है (12 महीने)। कम पानी वाले क्षेत्र में Co-0118 बेहतर है।
Q3: एक एकड़ में कितना बीज गन्ना लगेगा?
उत्तर: लगभग 3000-4000 किलो बीज गन्ना प्रति एकड़ लगता है (3 आंखों वाली कलम)।
Q4: बीज गन्ने का भाव कितना है?
उत्तर: प्रमाणित बीज गन्ने का भाव ₹300-500/क्विंटल है (राज्य के अनुसार अलग)।
Q5: क्या पुराने खेत में नई किस्म लगा सकते हैं?
उत्तर: हाँ, लेकिन मिट्टी जांच कराएं और जैविक खाद डालें। पुरानी फसल के बाद 2-3 बार जुताई करें।
निष्कर्ष
Co-0238 लंबे समय तक भरोसेमंद रही है, लेकिन लाल सड़न की समस्या वाले इलाकों में अब CoLk 16202 या CoS 23232 लगाएं। अगर आपके क्षेत्र में पानी कम है, तो Co-0118 या Co-98014 लगाएं। हमेशा प्रमाणित बीज ही खरीदें और बुआई से पहले बीज उपचार जरूर करें।
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