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गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं 2026 — पौध तैयार करने का पूरा तरीका

Randhir Patil Randhir Patil 📅 Jul 13, 2026 ⏱️ 6 min read
गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं 2026 — पौध तैयार करने का पूरा तरीका
📢 अंतिम अपडेट: July 13, 2026 2:08 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं 2026 — पौध तैयार करने का पूरा तरीका

गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं — यह गन्ने की खेती का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अच्छी नर्सरी और स्वस्थ बीज गन्ने से ही अच्छी पैदावार मिलती है। इस लेख में हम गन्ने की नर्सरी बनाने, बीज गन्ने का चुनाव, उपचार, बुवाई और देखभाल की पूरी जानकारी देंगे।


त्वरित सारांश (TL;DR)

विषयविवरण
नर्सरी का समयदिसंबर-जनवरी
बुवाई का समयफरवरी-मार्च
बीज दर35,000-40,000 कलमें/हेक्टेयर
बीज उपचारकार्बेन्डाजिम/थीरम
नर्सरी अवधि45-60 दिन
सिंचाई7-10 दिन पर
खादयूरिया + DAP + पोटाश
उपज वृद्धि15-20% अधिक

लेखक नोट

यह लेख CaneUp टीम द्वारा ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR) और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है।


गन्ने की नर्सरी क्यों जरूरी है?

गन्ने की नर्सरी के फायदे:

  1. स्वस्थ बीज — रोग रहित पौधे
  2. अच्छा अंकुरण — 90-95% अंकुरण दर
  3. एकसमान बढ़वार — सभी पौधे एक जैसे
  4. अधिक पैदावार — 15-20% अधिक उपज
  5. बीज की बचत — कम बीज से अधिक क्षेत्र
  6. रोग मुक्ति — संक्रमित पौधे अलग होते हैं

बीज गन्ने का चुनाव

अच्छे बीज गन्ने की पहचान

गुणविशेषता
किस्मप्रमाणित, उन्नत किस्म
आयु10-12 महीने का गन्ना
तनामोटा, सीधा, गाँठों वाला
रंगकिस्म के अनुसार
रोगरोग रहित
कीटकीट के निशान न हों
अंकुरगाँठों पर अंकुर हों
लंबाई6-8 गाँठों वाला

बीज गन्ने की किस्में (2026)

किस्मविशेषताउपयुक्त क्षेत्र
Co 0238अधिक उपज, रोग प्रतिरोधीउत्तर प्रदेश
Co 0118तना छेदक प्रतिरोधीउत्तर प्रदेश
CoJ 64सभी रोग प्रतिरोधीपंजाब
Co 86032अधिक चीनीमहाराष्ट्र
Co 09004रोग प्रतिरोधीकर्नाटक

प्रो टिप

हमेशा प्रमाणित बीज गन्ने का ही उपयोग करें। किसी भी खेत से गन्ना लेने की बजाय बीज गन्ना उत्पादक किसानों या कृषि विज्ञान केंद्र से प्रमाणित बीज खरीदें। बीज की गुणवत्ता ही पैदावार तय करती है।


नर्सरी बनाने का तरीका

चरण 1: जमीन की तैयारी

जमीन का चुनाव:

जुताई:

  1. पहली जुताई — मिट्टी पलटने वाले हल से
  2. दूसरी जुताई — देसी हल से
  3. तीसरी जुताई — रोटावेटर से
  4. खेत को समतल करें

चरण 2: खाद और उर्वरक

खादमात्रा (प्रति हेक्टेयर)समय
गोबर की खाद10-15 टनअंतिम जुताई में
DAP200 किलोबुवाई में
पोटाश100 किलोबुवाई में
जिंक सल्फेट25 किलोबुवाई में

चरण 3: बीज गन्ने का उपचार

रासायनिक उपचार:

दवामात्रातरीकासमय
कार्बेन्डाजिम 50% WP2.5 ग्राम/लीटरभिगोना10 मिनट
थीरम 75% WS3 ग्राम/किलोलेप
मैंकोज़ेब 75% WP2.5 ग्राम/लीटरभिगोना10 मिनट

जैविक उपचार:

उपायमात्रातरीका
ट्राइकोडर्मा4 ग्राम/लीटरभिगोना
नीम तेल5 मिली/लीटरलेप
प्यूरोसिलस5 ग्राम/लीटरभिगोना

चरण 4: बुवाई

बुवाई की विधियाँ:

विधितरीकाफायदा
नाली विधि60 सेमी दूरी पर नालियाँसबसे आम
कतार विधि75 सेमी दूरी पर कतारेंगुड़ाई आसान
बेड विधि120 सेमी चौड़े बेडजल निकासी अच्छी

बुवाई का तरीका:

  1. बीज गन्ने को 2-3 गाँठों के टुकड़ों में काटें
  2. नाली में 30 सेमी की दूरी पर रखें
  3. 5-7 सेमी मिट्टी से ढकें
  4. हल्की सिंचाई करें

चरण 5: देखभाल

सिंचाई:

समयअंतरालमात्रा
बुवाई के बादतुरंतहल्की
अंकुरण (15-20 दिन)7-10 दिनमध्यम
बढ़वार (30-60 दिन)10-15 दिननियमित

खाद:

समयखादमात्रा
20-25 दिनयूरिया50 किलो/हेक्टेयर
40-45 दिनयूरिया50 किलो/हेक्टेयर

निराई-गुड़ाई:


नर्सरी की विशेष तकनीकें

1. टॉप बड सेटिंग (Top Bud Setting)

यह सबसे आधुनिक और प्रभावी तकनीक है।

तरीका:

  1. गन्ने के ऊपरी हिस्से (टॉप) को काटें
  2. 2-3 गाँठों वाला टुकड़ा रखें
  3. पॉलीथीन बैग में मिट्टी भरें
  4. बैग में बीज रखें
  5. 45-60 दिन में पौधा तैयार

फायदे:

2. सिंगल बड सेटिंग (Single Bud Setting)

तरीका:

  1. गन्ने से एक गाँठ काटें
  2. एक गाँठ वाला टुकड़ा
  3. ट्रे या पॉलीथीन बैग में लगाएं
  4. 30-45 दिन में पौधा तैयार

फायदे:

3. टिश्यू कल्चर (Tissue Culture)

तरीका:

  1. प्रयोगशाला में पौधे तैयार करना
  2. मेरिस्टम कल्चर
  3. 6-8 महीने में पौधा तैयार
  4. खेत में रोपाई

फायदे:

लागत:

प्रो टिप

टॉप बड सेटिंग सबसे व्यावहारिक और सस्ती तकनीक है। इसमें बीज की 80-90% बचत होती है और रोग मुक्त पौधे मिलते हैं। पॉलीथीन बैग में तैयार पौधों को सीधे खेत में लगाया जा सकता है।


नर्सरी का कैलेंडर

महीनाकार्य
अक्टूबर-नवंबरबीज गन्ने का चुनाव
नवंबर-दिसंबरबीज गन्ने का उपचार
दिसंबर-जनवरीनर्सरी की बुवाई
जनवरी-फरवरीनर्सरी की देखभाल
फरवरी-मार्चपौध की कटाई और रोपाई

नर्सरी में लगने वाले रोग और कीट

प्रमुख रोग

रोगलक्षणइलाज
लाल सड़नतने में लाल धारियाँसंक्रमित पौधे हटाएं
धब्बा रोगकाली वृद्धिकार्बेन्डाजिम
पत्ती झुलसाभूरे धब्बेमैंकोज़ेब

प्रमुख कीट

कीटनुकसानइलाज
तना छेदकसुरंगक्लोरैंट्रानिलिप्रोल
एफिड्सरस चूसनाइमिडाक्लोप्रिड
सफेद मक्खीरस चूसनाथायामेथॉक्सम

पौध की कटाई और रोपाई

पौध की कटाई

समय: बुवाई के 45-60 दिन बाद

तरीका:

  1. पौधे को जड़ समेत निकालें
  2. मिट्टी हल्के से हटाएं
  3. पॉलीथीन बैग हो तो बैग समेत ले जाएं
  4. छाया में रखें
  5. 24 घंटे के अंदर रोपाई करें

रोपाई का तरीका

  1. खेत में गड्ढे बनाएं (15x15x15 सेमी)
  2. पौधा गड्ढे में रखें
  3. मिट्टी से ढकें
  4. हल्की सिंचाई करें
  5. छाया दें (जरूरत पड़ने पर)

प्रो टिप

पौध की रोपाई शाम को करें। सुबह की धूप में पौधा मुरझा सकता है। शाम को रोपाई करने से पौधे को रात भर अनुकूलन का समय मिलता है।


चेतावनी ⚠️

संक्रमित बीज गन्ने का उपयोग कभी न करें। रोगग्रस्त बीज से नर्सरी और फसल दोनों में रोग फैलता है। हमेशा प्रमाणित और स्वस्थ बीज का ही उपयोग करें। बीज उपचार अवश्य करें।


निष्कर्ष

गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं — यह गन्ने की खेती की नींव है। स्वस्थ बीज, सही उपचार, उचित देखभाल और समय पर रोपाई — ये चार कदम अच्छी नर्सरी के लिए जरूरी हैं। टॉप बड सेटिंग और टिश्यू कल्चर जैसी आधुनिक तकनीकों से बीज की बचत और रोग मुक्ति संभव है। अच्छी नर्सरी से 15-20% अधिक पैदावार मिलती है और बीज की लागत भी बचती है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: गन्ने की नर्सरी कब बनानी चाहिए?

उत्तर: गन्ने की नर्सरी दिसंबर-जनवरी में बनानी चाहिए। फरवरी-मार्च में पौध तैयार हो जाती है और खेत में रोपाई की जा सकती है।

Q2: एक हेक्टेयर नर्सरी से कितने हेक्टेयर में बुवाई हो सकती है?

उत्तर: टॉप बड सेटिंग से एक हेक्टेयर नर्सरी से 8-10 हेक्टेयर में बुवाई हो सकती है। सामान्य नर्सरी से 3-4 हेक्टेयर में बुवाई होती है।

Q3: टिश्यू कल्चर गन्ने के पौधे कहाँ से मिलेंगे?

उत्तर: ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से टिश्यू कल्चर पौधे मिलते हैं। निजी कंपनियाँ भी उपलब्ध कराती हैं।

Q4: बीज गन्ने का उपचार कैसे करें?

उत्तर: बीज गन्ने को कार्बेन्डाजिम 50% WP (2.5 ग्राम/लीटर पानी) में 10 मिनट भिगोएं। या थीरम 75% WS (3 ग्राम/किलो बीज) का लेप करें। इससे लाल सड़न और धब्बा रोग नहीं लगता।

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Randhir Patil
✍️ लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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