
गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं — यह गन्ने की खेती का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अच्छी नर्सरी और स्वस्थ बीज गन्ने से ही अच्छी पैदावार मिलती है। इस लेख में हम गन्ने की नर्सरी बनाने, बीज गन्ने का चुनाव, उपचार, बुवाई और देखभाल की पूरी जानकारी देंगे।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नर्सरी का समय | दिसंबर-जनवरी |
| बुवाई का समय | फरवरी-मार्च |
| बीज दर | 35,000-40,000 कलमें/हेक्टेयर |
| बीज उपचार | कार्बेन्डाजिम/थीरम |
| नर्सरी अवधि | 45-60 दिन |
| सिंचाई | 7-10 दिन पर |
| खाद | यूरिया + DAP + पोटाश |
| उपज वृद्धि | 15-20% अधिक |
यह लेख CaneUp टीम द्वारा ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR) और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है।
गन्ने की नर्सरी के फायदे:
| गुण | विशेषता |
|---|---|
| किस्म | प्रमाणित, उन्नत किस्म |
| आयु | 10-12 महीने का गन्ना |
| तना | मोटा, सीधा, गाँठों वाला |
| रंग | किस्म के अनुसार |
| रोग | रोग रहित |
| कीट | कीट के निशान न हों |
| अंकुर | गाँठों पर अंकुर हों |
| लंबाई | 6-8 गाँठों वाला |
| किस्म | विशेषता | उपयुक्त क्षेत्र |
|---|---|---|
| Co 0238 | अधिक उपज, रोग प्रतिरोधी | उत्तर प्रदेश |
| Co 0118 | तना छेदक प्रतिरोधी | उत्तर प्रदेश |
| CoJ 64 | सभी रोग प्रतिरोधी | पंजाब |
| Co 86032 | अधिक चीनी | महाराष्ट्र |
| Co 09004 | रोग प्रतिरोधी | कर्नाटक |
हमेशा प्रमाणित बीज गन्ने का ही उपयोग करें। किसी भी खेत से गन्ना लेने की बजाय बीज गन्ना उत्पादक किसानों या कृषि विज्ञान केंद्र से प्रमाणित बीज खरीदें। बीज की गुणवत्ता ही पैदावार तय करती है।
जमीन का चुनाव:
जुताई:
| खाद | मात्रा (प्रति हेक्टेयर) | समय |
|---|---|---|
| गोबर की खाद | 10-15 टन | अंतिम जुताई में |
| DAP | 200 किलो | बुवाई में |
| पोटाश | 100 किलो | बुवाई में |
| जिंक सल्फेट | 25 किलो | बुवाई में |
रासायनिक उपचार:
| दवा | मात्रा | तरीका | समय |
|---|---|---|---|
| कार्बेन्डाजिम 50% WP | 2.5 ग्राम/लीटर | भिगोना | 10 मिनट |
| थीरम 75% WS | 3 ग्राम/किलो | लेप | — |
| मैंकोज़ेब 75% WP | 2.5 ग्राम/लीटर | भिगोना | 10 मिनट |
जैविक उपचार:
| उपाय | मात्रा | तरीका |
|---|---|---|
| ट्राइकोडर्मा | 4 ग्राम/लीटर | भिगोना |
| नीम तेल | 5 मिली/लीटर | लेप |
| प्यूरोसिलस | 5 ग्राम/लीटर | भिगोना |
बुवाई की विधियाँ:
| विधि | तरीका | फायदा |
|---|---|---|
| नाली विधि | 60 सेमी दूरी पर नालियाँ | सबसे आम |
| कतार विधि | 75 सेमी दूरी पर कतारें | गुड़ाई आसान |
| बेड विधि | 120 सेमी चौड़े बेड | जल निकासी अच्छी |
बुवाई का तरीका:
सिंचाई:
| समय | अंतराल | मात्रा |
|---|---|---|
| बुवाई के बाद | तुरंत | हल्की |
| अंकुरण (15-20 दिन) | 7-10 दिन | मध्यम |
| बढ़वार (30-60 दिन) | 10-15 दिन | नियमित |
खाद:
| समय | खाद | मात्रा |
|---|---|---|
| 20-25 दिन | यूरिया | 50 किलो/हेक्टेयर |
| 40-45 दिन | यूरिया | 50 किलो/हेक्टेयर |
निराई-गुड़ाई:
यह सबसे आधुनिक और प्रभावी तकनीक है।
तरीका:
फायदे:
तरीका:
फायदे:
तरीका:
फायदे:
लागत:
टॉप बड सेटिंग सबसे व्यावहारिक और सस्ती तकनीक है। इसमें बीज की 80-90% बचत होती है और रोग मुक्त पौधे मिलते हैं। पॉलीथीन बैग में तैयार पौधों को सीधे खेत में लगाया जा सकता है।
| महीना | कार्य |
|---|---|
| अक्टूबर-नवंबर | बीज गन्ने का चुनाव |
| नवंबर-दिसंबर | बीज गन्ने का उपचार |
| दिसंबर-जनवरी | नर्सरी की बुवाई |
| जनवरी-फरवरी | नर्सरी की देखभाल |
| फरवरी-मार्च | पौध की कटाई और रोपाई |
| रोग | लक्षण | इलाज |
|---|---|---|
| लाल सड़न | तने में लाल धारियाँ | संक्रमित पौधे हटाएं |
| धब्बा रोग | काली वृद्धि | कार्बेन्डाजिम |
| पत्ती झुलसा | भूरे धब्बे | मैंकोज़ेब |
| कीट | नुकसान | इलाज |
|---|---|---|
| तना छेदक | सुरंग | क्लोरैंट्रानिलिप्रोल |
| एफिड्स | रस चूसना | इमिडाक्लोप्रिड |
| सफेद मक्खी | रस चूसना | थायामेथॉक्सम |
समय: बुवाई के 45-60 दिन बाद
तरीका:
पौध की रोपाई शाम को करें। सुबह की धूप में पौधा मुरझा सकता है। शाम को रोपाई करने से पौधे को रात भर अनुकूलन का समय मिलता है।
संक्रमित बीज गन्ने का उपयोग कभी न करें। रोगग्रस्त बीज से नर्सरी और फसल दोनों में रोग फैलता है। हमेशा प्रमाणित और स्वस्थ बीज का ही उपयोग करें। बीज उपचार अवश्य करें।
गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं — यह गन्ने की खेती की नींव है। स्वस्थ बीज, सही उपचार, उचित देखभाल और समय पर रोपाई — ये चार कदम अच्छी नर्सरी के लिए जरूरी हैं। टॉप बड सेटिंग और टिश्यू कल्चर जैसी आधुनिक तकनीकों से बीज की बचत और रोग मुक्ति संभव है। अच्छी नर्सरी से 15-20% अधिक पैदावार मिलती है और बीज की लागत भी बचती है।
उत्तर: गन्ने की नर्सरी दिसंबर-जनवरी में बनानी चाहिए। फरवरी-मार्च में पौध तैयार हो जाती है और खेत में रोपाई की जा सकती है।
उत्तर: टॉप बड सेटिंग से एक हेक्टेयर नर्सरी से 8-10 हेक्टेयर में बुवाई हो सकती है। सामान्य नर्सरी से 3-4 हेक्टेयर में बुवाई होती है।
उत्तर: ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से टिश्यू कल्चर पौधे मिलते हैं। निजी कंपनियाँ भी उपलब्ध कराती हैं।
उत्तर: बीज गन्ने को कार्बेन्डाजिम 50% WP (2.5 ग्राम/लीटर पानी) में 10 मिनट भिगोएं। या थीरम 75% WS (3 ग्राम/किलो बीज) का लेप करें। इससे लाल सड़न और धब्बा रोग नहीं लगता।
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