
गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं — यह गन्ने की खेती का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अच्छी नर्सरी और स्वस्थ बीज गन्ने से ही अच्छी पैदावार मिलती है। इस लेख में हम गन्ने की नर्सरी बनाने, बीज गन्ने का चुनाव, उपचार, बुवाई और देखभाल की पूरी जानकारी देंगे।
त्वरित सारांश (TL;DR)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नर्सरी का समय | दिसंबर-जनवरी |
| बुवाई का समय | फरवरी-मार्च |
| बीज दर | 35,000-40,000 कलमें/हेक्टेयर |
| बीज उपचार | कार्बेन्डाजिम/थीरम |
| नर्सरी अवधि | 45-60 दिन |
| सिंचाई | 7-10 दिन पर |
| खाद | यूरिया + DAP + पोटाश |
| उपज वृद्धि | 15-20% अधिक |
लेखक नोट
यह लेख CaneUp टीम द्वारा ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR) और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है।
गन्ने की नर्सरी क्यों जरूरी है?
गन्ने की नर्सरी के फायदे:
- स्वस्थ बीज — रोग रहित पौधे
- अच्छा अंकुरण — 90-95% अंकुरण दर
- एकसमान बढ़वार — सभी पौधे एक जैसे
- अधिक पैदावार — 15-20% अधिक उपज
- बीज की बचत — कम बीज से अधिक क्षेत्र
- रोग मुक्ति — संक्रमित पौधे अलग होते हैं
बीज गन्ने का चुनाव
अच्छे बीज गन्ने की पहचान
| गुण | विशेषता |
|---|---|
| किस्म | प्रमाणित, उन्नत किस्म |
| आयु | 10-12 महीने का गन्ना |
| तना | मोटा, सीधा, गाँठों वाला |
| रंग | किस्म के अनुसार |
| रोग | रोग रहित |
| कीट | कीट के निशान न हों |
| अंकुर | गाँठों पर अंकुर हों |
| लंबाई | 6-8 गाँठों वाला |
बीज गन्ने की किस्में (2026)
| किस्म | विशेषता | उपयुक्त क्षेत्र |
|---|---|---|
| Co 0238 | अधिक उपज, रोग प्रतिरोधी | उत्तर प्रदेश |
| Co 0118 | तना छेदक प्रतिरोधी | उत्तर प्रदेश |
| CoJ 64 | सभी रोग प्रतिरोधी | पंजाब |
| Co 86032 | अधिक चीनी | महाराष्ट्र |
| Co 09004 | रोग प्रतिरोधी | कर्नाटक |
प्रो टिप
हमेशा प्रमाणित बीज गन्ने का ही उपयोग करें। किसी भी खेत से गन्ना लेने की बजाय बीज गन्ना उत्पादक किसानों या कृषि विज्ञान केंद्र से प्रमाणित बीज खरीदें। बीज की गुणवत्ता ही पैदावार तय करती है।
नर्सरी बनाने का तरीका
चरण 1: जमीन की तैयारी
जमीन का चुनाव:
- उपजाऊ मिट्टी
- अच्छी जल निकासी
- सिंचाई की सुविधा
- धूप अच्छी आती हो
- पिछले साल गन्ना न लगा हो
जुताई:
- पहली जुताई — मिट्टी पलटने वाले हल से
- दूसरी जुताई — देसी हल से
- तीसरी जुताई — रोटावेटर से
- खेत को समतल करें
चरण 2: खाद और उर्वरक
| खाद | मात्रा (प्रति हेक्टेयर) | समय |
|---|---|---|
| गोबर की खाद | 10-15 टन | अंतिम जुताई में |
| DAP | 200 किलो | बुवाई में |
| पोटाश | 100 किलो | बुवाई में |
| जिंक सल्फेट | 25 किलो | बुवाई में |
चरण 3: बीज गन्ने का उपचार
रासायनिक उपचार:
| दवा | मात्रा | तरीका | समय |
|---|---|---|---|
| कार्बेन्डाजिम 50% WP | 2.5 ग्राम/लीटर | भिगोना | 10 मिनट |
| थीरम 75% WS | 3 ग्राम/किलो | लेप | — |
| मैंकोज़ेब 75% WP | 2.5 ग्राम/लीटर | भिगोना | 10 मिनट |
जैविक उपचार:
| उपाय | मात्रा | तरीका |
|---|---|---|
| ट्राइकोडर्मा | 4 ग्राम/लीटर | भिगोना |
| नीम तेल | 5 मिली/लीटर | लेप |
| प्यूरोसिलस | 5 ग्राम/लीटर | भिगोना |
चरण 4: बुवाई
बुवाई की विधियाँ:
| विधि | तरीका | फायदा |
|---|---|---|
| नाली विधि | 60 सेमी दूरी पर नालियाँ | सबसे आम |
| कतार विधि | 75 सेमी दूरी पर कतारें | गुड़ाई आसान |
| बेड विधि | 120 सेमी चौड़े बेड | जल निकासी अच्छी |
बुवाई का तरीका:
- बीज गन्ने को 2-3 गाँठों के टुकड़ों में काटें
- नाली में 30 सेमी की दूरी पर रखें
- 5-7 सेमी मिट्टी से ढकें
- हल्की सिंचाई करें
चरण 5: देखभाल
सिंचाई:
| समय | अंतराल | मात्रा |
|---|---|---|
| बुवाई के बाद | तुरंत | हल्की |
| अंकुरण (15-20 दिन) | 7-10 दिन | मध्यम |
| बढ़वार (30-60 दिन) | 10-15 दिन | नियमित |
खाद:
| समय | खाद | मात्रा |
|---|---|---|
| 20-25 दिन | यूरिया | 50 किलो/हेक्टेयर |
| 40-45 दिन | यूरिया | 50 किलो/हेक्टेयर |
निराई-गुड़ाई:
- पहली गुड़ाई — 20-25 दिन
- दूसरी गुड़ाई — 40-45 दिन
नर्सरी की विशेष तकनीकें
1. टॉप बड सेटिंग (Top Bud Setting)
यह सबसे आधुनिक और प्रभावी तकनीक है।
तरीका:
- गन्ने के ऊपरी हिस्से (टॉप) को काटें
- 2-3 गाँठों वाला टुकड़ा रखें
- पॉलीथीन बैग में मिट्टी भरें
- बैग में बीज रखें
- 45-60 दिन में पौधा तैयार
फायदे:
- बीज की 80-90% बचत
- रोग मुक्त पौधे
- एकसमान बढ़वार
- पॉलीहाउस में भी कर सकते हैं
2. सिंगल बड सेटिंग (Single Bud Setting)
तरीका:
- गन्ने से एक गाँठ काटें
- एक गाँठ वाला टुकड़ा
- ट्रे या पॉलीथीन बैग में लगाएं
- 30-45 दिन में पौधा तैयार
फायदे:
- बीज की 90-95% बचत
- अधिक पौधे
- रोग मुक्ति
3. टिश्यू कल्चर (Tissue Culture)
तरीका:
- प्रयोगशाला में पौधे तैयार करना
- मेरिस्टम कल्चर
- 6-8 महीने में पौधा तैयार
- खेत में रोपाई
फायदे:
- 100% रोग मुक्त
- एकसमान पौधे
- अधिक उपज
- बीज गन्ने की गुणवत्ता बनी रहती है
लागत:
- ₹5-10 प्रति पौधा
- न्यूनतम ऑर्डर: 10,000-50,000 पौधे
प्रो टिप
टॉप बड सेटिंग सबसे व्यावहारिक और सस्ती तकनीक है। इसमें बीज की 80-90% बचत होती है और रोग मुक्त पौधे मिलते हैं। पॉलीथीन बैग में तैयार पौधों को सीधे खेत में लगाया जा सकता है।
नर्सरी का कैलेंडर
| महीना | कार्य |
|---|---|
| अक्टूबर-नवंबर | बीज गन्ने का चुनाव |
| नवंबर-दिसंबर | बीज गन्ने का उपचार |
| दिसंबर-जनवरी | नर्सरी की बुवाई |
| जनवरी-फरवरी | नर्सरी की देखभाल |
| फरवरी-मार्च | पौध की कटाई और रोपाई |
नर्सरी में लगने वाले रोग और कीट
प्रमुख रोग
| रोग | लक्षण | इलाज |
|---|---|---|
| लाल सड़न | तने में लाल धारियाँ | संक्रमित पौधे हटाएं |
| धब्बा रोग | काली वृद्धि | कार्बेन्डाजिम |
| पत्ती झुलसा | भूरे धब्बे | मैंकोज़ेब |
प्रमुख कीट
| कीट | नुकसान | इलाज |
|---|---|---|
| तना छेदक | सुरंग | क्लोरैंट्रानिलिप्रोल |
| एफिड्स | रस चूसना | इमिडाक्लोप्रिड |
| सफेद मक्खी | रस चूसना | थायामेथॉक्सम |
पौध की कटाई और रोपाई
पौध की कटाई
समय: बुवाई के 45-60 दिन बाद
तरीका:
- पौधे को जड़ समेत निकालें
- मिट्टी हल्के से हटाएं
- पॉलीथीन बैग हो तो बैग समेत ले जाएं
- छाया में रखें
- 24 घंटे के अंदर रोपाई करें
रोपाई का तरीका
- खेत में गड्ढे बनाएं (15x15x15 सेमी)
- पौधा गड्ढे में रखें
- मिट्टी से ढकें
- हल्की सिंचाई करें
- छाया दें (जरूरत पड़ने पर)
प्रो टिप
पौध की रोपाई शाम को करें। सुबह की धूप में पौधा मुरझा सकता है। शाम को रोपाई करने से पौधे को रात भर अनुकूलन का समय मिलता है।
चेतावनी
संक्रमित बीज गन्ने का उपयोग कभी न करें। रोगग्रस्त बीज से नर्सरी और फसल दोनों में रोग फैलता है। हमेशा प्रमाणित और स्वस्थ बीज का ही उपयोग करें। बीज उपचार अवश्य करें।
निष्कर्ष
गन्ने की नर्सरी कैसे बनाएं — यह गन्ने की खेती की नींव है। स्वस्थ बीज, सही उपचार, उचित देखभाल और समय पर रोपाई — ये चार कदम अच्छी नर्सरी के लिए जरूरी हैं। टॉप बड सेटिंग और टिश्यू कल्चर जैसी आधुनिक तकनीकों से बीज की बचत और रोग मुक्ति संभव है। अच्छी नर्सरी से 15-20% अधिक पैदावार मिलती है और बीज की लागत भी बचती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: गन्ने की नर्सरी कब बनानी चाहिए?
उत्तर: गन्ने की नर्सरी दिसंबर-जनवरी में बनानी चाहिए। फरवरी-मार्च में पौध तैयार हो जाती है और खेत में रोपाई की जा सकती है।
Q2: एक हेक्टेयर नर्सरी से कितने हेक्टेयर में बुवाई हो सकती है?
उत्तर: टॉप बड सेटिंग से एक हेक्टेयर नर्सरी से 8-10 हेक्टेयर में बुवाई हो सकती है। सामान्य नर्सरी से 3-4 हेक्टेयर में बुवाई होती है।
Q3: टिश्यू कल्चर गन्ने के पौधे कहाँ से मिलेंगे?
उत्तर: ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से टिश्यू कल्चर पौधे मिलते हैं। निजी कंपनियाँ भी उपलब्ध कराती हैं।
Q4: बीज गन्ने का उपचार कैसे करें?
उत्तर: बीज गन्ने को कार्बेन्डाजिम 50% WP (2.5 ग्राम/लीटर पानी) में 10 मिनट भिगोएं। या थीरम 75% WS (3 ग्राम/किलो बीज) का लेप करें। इससे लाल सड़न और धब्बा रोग नहीं लगता।
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