
गन्ने में खाद कब डालें — यह हर गन्ना किसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। गन्ना एक भारी खाद खाने वाली फ़सल है जो मिट्टी से बहुत ज़्यादा पोषक तत्व सोखती है। सही समय पर सही मात्रा में खाद डालने से उत्पादन 30%–50% तक बढ़ सकता है। 2026 में ICAR और कृषि विश्वविद्यालयों के शोध के अनुसार गन्ने में NPK (नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस, पोटैशियम) का संतुलित उपयोग सबसे ज़रूरी है। इस लेख में हम गन्ने में खाद डालने का पूरा शेड्यूल, मात्रा और तरीका बताएँगे।
त्वरित सारांश (TL;DR)
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य तत्व | N (नाइट्रोजन), P (फ़ॉस्फ़ोरस), K (पोटैशियम) |
| N की मात्रा | 150–200 किलो/एकड़ (यूरिया 325–435 किलो) |
| P की मात्रा | 60–80 किलो/एकड़ (DAP 130–175 किलो) |
| K की मात्रा | 60–80 किलो/एकड़ (MOP 100–135 किलो) |
| खाद डालने के चरण | 3–4 बार (बुवाई, 30 दिन, 60 दिन, 90 दिन) |
| गोबर की खाद | 8–12 टन/एकड़ |
| मिट्टी की जाँच | अनिवार्य (बुवाई से 30–45 दिन पहले) |
| सबसे ज़रूरी समय | बुवाई + 45–60 दिन बाद (टिलरिंग) |
लेखक नोट: मैं रिफ़ौल, मृदा विज्ञान और उर्वरक प्रबंधन पर विशेषज्ञता रखता हूँ। इस लेख में दी गई जानकारी ICAR-IISR (Indian Institute of Sugarcane Research) के शोध पर आधारित है।
गन्ने को किन पोषक तत्वों की ज़रूरत है?
गन्ना मिट्टी से कई पोषक तत्व लेता है। 1 टन गन्ने के उत्पादन में मिट्टी से निम्नलिखित तत्व निकलते हैं:
| पोषक तत्व | 1 टन गन्ने में (ग्राम) |
|---|---|
| नाइट्रोजन (N) | 1,500–2,000 |
| फ़ॉस्फ़ोरस (P2O5) | 500–800 |
| पोटैशियम (K2O) | 1,500–2,000 |
| कैल्शियम (Ca) | 300–500 |
| मैग्नीशियम (Mg) | 200–300 |
| सल्फ़र (S) | 200–300 |
| ज़िंक (Zn) | 10–20 |
| आयरन (Fe) | 50–100 |
| बोरॉन (B) | 5–10 |
| मैंगनीज़ (Mn) | 10–20 |
गन्ने में NPK की भूमिका
नाइट्रोजन (N) — “वृद्धि का तत्व”
- पत्तियों की वृद्धि
- हरा रंग (क्लोरोफ़िल)
- टिलर (कल्ले) बनाना
- शर्करा उत्पादन
कमी के लक्षण:
- पत्तियाँ पीली पड़ना
- पौधा कमज़ोर
- कल्ले कम बनना
- उत्पादन कम
फ़ॉस्फ़ोरस (P) — “जड़ों का तत्व”
- जड़ों का विकास
- फूल और बीज बनाना
- ऊर्जा उत्पादन
- शर्करा बढ़ाना
कमी के लक्षण:
- जड़ें कमज़ोर
- पत्तियों का रंग बैंगनी/नीला
- वृद्धि धीमी
- देर से पकना
पोटैशियम (K) — “गुणवत्ता का तत्व”
- शर्करा बढ़ाना
- रोग प्रतिरोधक क्षमता
- पानी का संतुलन
- तना मज़बूत करना
कमी के लक्षण:
- पत्तियों के किनारे भूरे
- तना कमज़ोर
- शर्करा कम
- रोग ज़्यादा लगते हैं
गन्ने में खाद डालने का पूरा शेड्यूल
चरण 1: बुवाई से पहले (आधार खाद — Basal Dose)
समय: बुवाई से 15–20 दिन पहले (अंतिम जुताई के समय)
| खाद | मात्रा/एकड़ | कार्य |
|---|---|---|
| गोबर की खाद | 8–12 टन | मिट्टी की संरचना |
| यूरिया | 65–87 किलो (N: 30–40 किलो) | प्रारंभिक वृद्धि |
| DAP | 130–175 किलो (P: 60–80 किलो) | जड़ विकास |
| MOP | 60–80 किलो (K: 35–50 किलो) | तना मज़बूती |
| ज़िंक सल्फ़ेट | 10–15 किलो | सूक्ष्म तत्व |
| बोरेक्स | 5–10 किलो | सूक्ष्म तत्व |
तरीका:
- गोबर की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएँ
- रासायनिक खाद को लाइन में डालें (बुवाई की नाली में)
- खाद के ऊपर 2–3 इंच मिट्टी डालें
- फिर गन्ने का बीज डालें
चरण 2: पहली टॉप ड्रेसिंग (First Top Dressing)
समय: बुवाई के 30–35 दिन बाद (पहली निराई-गुड़ाई के समय)
| खाद | मात्रा/एकड़ | कार्य |
|---|---|---|
| यूरिया | 65–87 किलो (N: 30–40 किलो) | टिलर वृद्धि |
तरीका:
- पौधों की जड़ से 6–8 इंच दूर लाइन में डालें
- मिट्टी से ढकें
- सिंचाई करें (खाद घुलकर जड़ तक पहुँचे)
चरण 3: दूसरी टॉप ड्रेसिंग (Second Top Dressing)
समय: बुवाई के 60–65 दिन बाद (दूसरी निराई-गुड़ाई के समय)
| खाद | मात्रा/एकड़ | कार्य |
|---|---|---|
| यूरिया | 65–87 किलो (N: 30–40 किलो) | तना वृद्धि |
| MOP | 40–55 किलो (K: 25–35 किलो) | शर्करा बढ़ाना |
तरीका:
- पौधों की जड़ से 8–10 इंच दूर लाइन में डालें
- मिट्टी से ढकें
- सिंचाई करें
चरण 4: तीसरी टॉप ड्रेसिंग (Third Top Dressing)
समय: बुवाई के 90–100 दिन बाद (तीसरी निराई-गुड़ाई के समय)
| खाद | मात्रा/एकड़ | कार्य |
|---|---|---|
| यूरिया | 65–87 किलो (N: 30–40 किलो) | शर्करा उत्पादन |
तरीका:
- पौधों की जड़ से 10–12 इंच दूर लाइन में डालें
- मिट्टी से ढकें
- सिंचाई करें
सावधानी: 100 दिन के बाद नाइट्रोजन (यूरिया) न डालें। इससे गन्ने में शर्करा कम होती है और पकने में देरी होती है।
NPK शेड्यूल — संपूर्ण तालिका
| चरण | समय | यूरिया (किलो) | DAP (किलो) | MOP (किलो) | N (किलो) | P (किलो) | K (किलो) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आधार | बुवाई से पहले | 65–87 | 130–175 | 60–80 | 30–40 | 60–80 | 35–50 |
| पहली टॉप | 30–35 दिन | 65–87 | — | — | 30–40 | — | — |
| दूसरी टॉप | 60–65 दिन | 65–87 | — | 40–55 | 30–40 | — | 25–35 |
| तीसरी टॉप | 90–100 दिन | 65–87 | — | — | 30–40 | — | — |
| कुल | — | 260–348 | 130–175 | 100–135 | 120–160 | 60–80 | 60–85 |
विभिन्न मृदा प्रकार के अनुसार खाद
दोमट मिट्टी (Loamy Soil)
| तत्व | मात्रा/एकड़ |
|---|---|
| N | 150 किलो |
| P | 60 किलो |
| K | 60 किलो |
| गोबर की खाद | 8 टन |
चिकनी मिट्टी (Clay Soil)
| तत्व | मात्रा/एकड़ |
|---|---|
| N | 120 किलो |
| P | 50 किलो |
| K | 50 किलो |
| गोबर की खाद | 10 टन |
रेतीली मिट्टी (Sandy Soil)
| तत्व | मात्रा/एकड़ |
|---|---|
| N | 180 किलो |
| P | 80 किलो |
| K | 80 किलो |
| गोबर की खाद | 12 टन |
काली मिट्टी (Black Soil)
| तत्व | मात्रा/एकड़ |
|---|---|
| N | 140 किलो |
| P | 60 किलो |
| K | 60 किलो |
| गोबर की खाद | 8 टन |
विभिन्न किस्मों के अनुसार खाद
| किस्म | N (किलो/एकड़) | P (किलो/एकड़) | K (किलो/एकड़) |
|---|---|---|---|
| Co 0238 | 150–180 | 60–70 | 60–70 |
| Co 86032 | 150–170 | 60–65 | 60–65 |
| CoJ 64 | 140–160 | 55–65 | 55–65 |
| Co 1148 | 130–150 | 50–60 | 50–60 |
| Co 0118 | 150–170 | 60–65 | 60–65 |
सूक्ष्म तत्व (Micronutrients)
गन्ने में सूक्ष्म तत्वों की कमी भी उत्पादन गिराती है।
| सूक्ष्म तत्व | खाद | मात्रा/एकड़ | कब डालें |
|---|---|---|---|
| ज़िंक (Zn) | ज़िंक सल्फ़ेट | 10–15 किलो | बुवाई के समय |
| बोरॉन (B) | बोरेक्स | 5–10 किलो | बुवाई के समय |
| आयरन (Fe) | फ़ेरस सल्फ़ेट | 10–15 किलो | पत्ती पर स्प्रे (45 दिन) |
| मैंगनीज़ (Mn) | मैंगनीज़ सल्फ़ेट | 5–10 किलो | पत्ती पर स्प्रे (45 दिन) |
| कॉपर (Cu) | कॉपर सल्फ़ेट | 5–10 किलो | पत्ती पर स्प्रे (45 दिन) |
ड्रिप इरिगेशन से खाद (Fertigation)
ड्रिप इरिगेशन के साथ खाद डालना (Fertigation) सबसे प्रभावी तरीका है।
फ़ायदे:
- खाद की बचत: 20%–30%
- पानी की बचत: 40%–60%
- एक समान वितरण
- कम श्रम
Fertigation शेड्यूल:
| चरण | समय | खाद | मात्रा/एकड़ |
|---|---|---|---|
| 1 | 0–30 दिन | 19:19:19 | 10–15 किलो |
| 2 | 30–60 दिन | 12:61:00 | 5–8 किलो |
| 3 | 60–90 दिन | 13:00:45 | 8–10 किलो |
| 4 | 90–120 दिन | 00:00:50 | 5–8 किलो |
| 5 | 120–150 दिन | 13:00:45 | 5–8 किलो |
तरीका:
- खाद को पानी में घोलें (Venturi या Dosatron पंप से)
- ड्रिप लाइन से पौधों की जड़ तक पहुँचाएँ
- हर 15–20 दिन में दें
- सिंचाई के अंत में साफ़ पानी चलाएँ (लाइन साफ़ करने के लिए)
गन्ने में खाद डालते समय सावधानियाँ
महत्वपूर्ण चेतावनियाँ:
- मिट्टी की जाँच पहले करवाएँ: बिना जाँच के खाद डालना पैसे की बर्बादी है
- यूरिया को मिट्टी में मिलाएँ: यूरिया सतह पर डालने से 40%–50% नाइट्रोजन वाष्पित हो जाती है
- 100 दिन के बाद N न डालें: देर से नाइट्रोजन देने से शर्करा कम होती है
- DAP को अकेले न डालें: DAP के साथ गोबर की खाद मिलाएँ
- सूक्ष्म तत्व ज़रूर डालें: ज़िंक और बोरॉन की कमी से उत्पादन 20%–30% गिर सकता है
- खाद के बाद सिंचाई करें: खाद घुलकर जड़ तक पहुँचे
- ज़्यादा खाद न डालें: ज़्यादा खाद से मिट्टी खराब होती है और पर्यावरण को नुकसान होता है
- ताज़ा यूरिया इस्तेमाल करें: पुरानी यूरिया में नाइट्रोजन कम हो जाती है
निष्कर्ष
गन्ने में खाद कब डालें — यह जानना हर गन्ना किसान के लिए ज़रूरी है। सही समय पर सही मात्रा में NPK डालने से उत्पादन 30%–50% तक बढ़ सकता है। मिट्टी की जाँच करवाएँ, उसके अनुसार खाद डालें। बुवाई के समय DAP और MOP, 30 दिन बाद यूरिया, 60 दिन बाद यूरिया + MOP, और 90 दिन बाद आख़िरी यूरिया डालें। 100 दिन के बाद नाइट्रोजन न डालें। ड्रिप इरिगेशन के साथ Fertigation सबसे अच्छा तरीका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: गन्ने में 1 एकड़ में कितनी यूरिया डालनी चाहिए?
गन्ने में 1 एकड़ में कुल 260–348 किलो यूरिया डालनी चाहिए (N: 120–160 किलो)। इसे 3–4 बार में डालें: बुवाई के समय (65–87 किलो), 30 दिन बाद (65–87 किलो), 60 दिन बाद (65–87 किलो) और 90 दिन बाद (65–87 किलो)।
Q2: गन्ने में DAP कब डालना चाहिए?
गन्ने में DAP बुवाई के समय (आधार खाद के रूप में) डालना चाहिए। 1 एकड़ में 130–175 किलो DAP डालें। DAP को बुवाई की नाली में डालें, ऊपर 2–3 इंच मिट्टी डालें, फिर बीज डालें।
Q3: गन्ने में 100 दिन के बाद कौन-सी खाद डालें?
100 दिन के बाद नाइट्रोजन (यूरिया) नहीं डालनी चाहिए। इसके बाद सिर्फ़ पोटैशियम (MOP) डाल सकते हैं (शर्करा बढ़ाने के लिए)। सूक्ष्म तत्व (ज़िंक, बोरॉन) पत्ती पर स्प्रे कर सकते हैं। जैविक खाद (वर्मीकम्पोस्ट) भी दे सकते हैं।
Q4: गन्ने में यूरिया कैसे डालें?
यूरिया को हमेशा मिट्टी में मिलाकर डालें। पौधों की जड़ से 6–12 इंच दूर लाइन में डालें, 2–3 इंच मिट्टी से ढकें और तुरंत सिंचाई करें। सतह पर डालने से 40%–50% नाइट्रोजन हवा में उड़ जाती है।
यह भी पढ़ें
- CaneUp — गन्ना किसानों का #1 पोर्टल
- eGanna App Download 2026
- गन्ना पर्ची कैलेंडर कैसे देखें
- गन्ना MSP रेट 2026-27
- गन्ना भुगतान स्थिति चेक करें
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) 2026
- PM किसान सम्मान निधि 2026
- गन्ना फसल बीमा 2026
- Co-0238 vs Co-0118 — कौन सी किस्म बेस्ट?
- ड्रिप सिंचाई — 90% सब्सिडी
- सभी शुगर मिल्स की लिस्ट
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?


