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गन्ने में तना छेदक 2026 — पहचान, इलाज और बचाव के उपाय

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 31, 2026 • 7 min read
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गन्ने में तना छेदक 2026 — पहचान, इलाज और बचाव के उपाय
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:10 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गन्ने में तना छेदक गन्ने का सबसे प्रमुख और खतरनाक कीट है। यह कीट तने में सुरंग बनाकर गन्ने को अंदर से खोखला कर देता है। तना छेदक से गन्ने की पैदावार 20-50% तक कम हो सकती है। इस लेख में हम तना छेदक की पहचान, जीवन चक्र, नुकसान, इलाज और बचाव के सभी उपाय विस्तार से बताएंगे।


त्वरित सारांश (TL;DR)

विषयविवरण
कीट का नामतना छेदक (Stem Borer)
वैज्ञानिक नामChilo infuscatellus (प्रारंभिक), Scirpophaga excerptalis (प्रमुख)
मुख्य नुकसानतने में सुरंग, डेड हार्ट
पहचानपत्तियों पर छेद, तने में सुरंग
सर्वोत्तम दवाक्लोरैंट्रानिलिप्रोल, फिप्रोनिल
जैविक उपायट्राइकोग्रामा, फेरोमोन ट्रैप
नुकसान20-50% तक पैदावार कम
बचावप्रतिरोधी किस्म + समय पर छिड़काव

लेखक नोट

यह लेख CaneUp टीम द्वारा कीट विज्ञान विशेषज्ञों और ICAR-भारतीय गन्ने अनुसंधान संस्थान (IISR) के शोध के आधार पर तैयार किया गया है।


तना छेदक क्या है?

तना छेदक एक पतंगा (मॉथ) है जिसका लार्वा गन्ने के तने में प्रवेश करके सुरंग बनाता है। यह गन्ने का सबसे पुराना और सबसे खतरनाक कीट है।

तना छेदक की प्रजातियाँ

प्रजातिआम नामनुकसान
Chilo infusstatellusप्रारंभिक तना छेदकशुरुआती अवस्था में
Scirpophaga excerptalisप्रमुख तना छेदकगंभीर नुकसान
Chilo auriciliusगुलाबी तना छेदकमध्यम नुकसान
Sesamia inferensगुलाबी बोररमध्यम नुकसान

तना छेदक की पहचान

पत्तियों पर लक्षण

  1. पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद दिखते हैं
  2. “शॉट होल” — गोल छेद
  3. पत्तियों का किनारा सूखा हुआ
  4. नई पत्ती मुड़ी हुई

तने पर लक्षण

  1. “डेड हार्ट” — बीच की पत्ती सूख जाती है
  2. तने में छेद — गाँठों पर
  3. तने में सुरंग — अंदर दिखती है
  4. लाल-भूरा मल (फ्रास) — छेद से निकलता है
  5. तना टूटना — कमजोर जगह से

गाँठों पर लक्षण

  1. गाँठों पर छेद के निशान
  2. गाँठों का रंग बदला हुआ
  3. गाँठों में सुरंग दिखती है

प्रो टिप

“डेड हार्ट” तना छेदक का सबसे पहला और स्पष्ट लक्षण है। अगर गन्ने के बीच की पत्ती सूखी दिखे तो तुरंत जाँच करें। तने को काटकर देखें — अंदर सुरंग और कीड़े दिखेंगे।


तना छेदक का जीवन चक्र

चरणअवधिविवरण
अंडा5-7 दिनपत्तियों के नीचे समूह में
लार्वा25-35 दिनतने में सुरंग बनाता है
प्यूपा7-10 दिनतने में ही
वयस्क (पतंगा)5-7 दिनअंडे देता है
कुल42-59 दिन—

प्रजनन दर

  • एक मादा पतंगा 200-400 अंडे देती है
  • एक साल में 4-6 पीढ़ियाँ बनती हैं
  • बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ते हैं

तना छेदक से होने वाला नुकसान

प्रत्यक्ष नुकसान

नुकसानविवरण
तने में सुरंगतना खोखला
डेड हार्टपत्तियाँ सूखती हैं
तना टूटनाहवा में गिरना
गाँठें खराबचीनी कम

अप्रत्यक्ष नुकसान

नुकसानविवरण
रोग प्रवेशसुरंग से रोगकारक
लाल सड़नतना छेदक से फैलता है
पैदावार कम20-50% तक
चीनी कम1-3% तक
बीज खराबसंक्रमित तना

तना छेदक का इलाज

रासायनिक कीटनाशक

दवा का नाममात्रा (प्रति लीटर पानी)विशेषता
क्लोरैंट्रानिलिप्रोल 18.5% SC0.3 मिलीसबसे प्रभावी
फिप्रोनिल 5% SC1.5 मिलीलार्वा मारता है
कार्बोसल्फान 25% WP2 ग्रामप्रारंभिक अवस्था
क्विनालफॉस 25% EC2 मिलीगंभीर संक्रमण
लैंब्डासाइहैलोथ्रिन 4.9% CS0.5 मिलीनई पीढ़ी

छिड़काव का समय और तरीका

विवरणजानकारी
पहला छिड़कावबुवाई के 30-35 दिन बाद
दूसरा छिड़कावबुवाई के 60-65 दिन बाद
समयसुबह 6-9 बजे या शाम 4-6 बजे
तरीकातने पर छिड़काव
अंतराल25-30 दिन

छिड़काव कार्यक्रम

अवस्थादवामात्रा/एकड़
30-35 दिनक्लोरैंट्रानिलिप्रोल200 मिली
60-65 दिनफिप्रोनिल200 मिली
90-100 दिनकार्बोसल्फान500 ग्राम

प्रो टिप

तना छेदक के लिए क्लोरैंट्रानिलिप्रोल (प्रोक्लेम) सबसे प्रभावी दवा है। यह लार्वा को मारती है और 15-20 दिन तक सुरक्षा देती है। बुवाई के 30-35 दिन बाद पहला छिड़काव सबसे जरूरी है।


जैविक नियंत्रण

1. ट्राइकोग्रामा परजीवी अंडे

तरीका:

  • ट्राइकोग्रामा किलोएनी
  • 50,000 परजीवी अंडे प्रति एकड़
  • 3-4 बार छोड़ें (15 दिन के अंतराल पर)
  • बुवाई के 30-45 दिन बाद शुरू करें

फायदे:

  • तना छेदक के अंडों पर परजीवी
  • अंडे नष्ट होते हैं
  • रासायनिक दवा कम लगती है
  • पर्यावरण अनुकूल

2. फेरोमोन ट्रैप

तरीका:

  • फेरोमोन ट्रैप लगाएं
  • 15-20 प्रति एकड़
  • ऊँचाई पर लगाएं
  • 30-45 दिन में बदलें

फायदे:

  • नर पतंगों को पकड़ता है
  • प्रजनन कम होता है
  • निगरानी में मदद
  • रासायनिक दवा कम लगती है

3. ब्यूवेरिया बैसियाना

तरीका:

  • 5 ग्राम/लीटर पानी
  • 15-20 दिन के अंतराल पर
  • तने पर छिड़काव

फायदे:

  • जैविक कवक
  • लार्वा को मारता है
  • पर्यावरण अनुकूल

4. बैसिलस थुरिंजिएन्सिस (Bt)

तरीका:

  • 2 ग्राम/लीटर पानी
  • तने पर छिड़काव
  • 15 दिन के अंतराल पर

फायदे:

  • जैविक कीटनाशक
  • लार्वा को मारता है
  • सुरक्षित

बचाव के उपाय

1. प्रतिरोधी किस्में

किस्मतना छेदक प्रतिरोधउपज
Co 0238मध्यमअधिक
Co 0118प्रतिरोधीअधिक
CoJ 64प्रतिरोधीअधिक
Co 86032मध्यमअधिक

2. अगेती बुवाई

  • फरवरी-मार्च में बुवाई करें
  • तना छेदक का प्रकोप कम होता है
  • पौधा मजबूत हो जाता है

3. खेत की सफाई

  • फसल अवशेष हटाएं
  • डेड हार्ट वाले पौधे उखाड़ें
  • संक्रमित तने जलाएं
  • खरपतवार नियंत्रण करें

4. फसल चक्र

  • एक ही खेत में लगातार गन्ना न लगाएं
  • 2-3 साल का अंतराल रखें
  • दलहनी फसल लगाएं

5. मिश्रित खेती

  • गन्ने के साथ मूंग/उड़द लगाएं
  • कीटों के प्राकृतिक शत्रु बढ़ते हैं
  • अतिरिक्त आय

एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM)

IPM कार्यक्रम

चरणउपायसमय
1प्रतिरोधी किस्मबुवाई से पहले
2बीज उपचारबुवाई से पहले
3अगेती बुवाईफरवरी-मार्च
4फेरोमोन ट्रैपबुवाई के साथ
5ट्राइकोग्रामा30-45 दिन
6निगरानीहर हफ्ते
7रासायनिक छिड़कावजरूरत पड़ने पर
8फसल अवशेष प्रबंधनकटाई के बाद

प्रो टिप

ट्राइकोग्रामा + फेरोमोन ट्रैप + क्लोरैंट्रानिलिप्रोल — यह तीनों मिलकर तना छेदक पर 90% से अधिक नियंत्रण देते हैं। पहले जैविक उपाय अपनाएं, जरूरत पड़ने पर ही रासायनिक दवा का उपयोग करें।


निगरानी और सैंपलिंग

निगरानी का तरीका

  1. हर हफ्ते खेत में जाएँ
  2. 10 जगहों पर नमूना लें
  3. हर जगह 10 पौधे देखें
  4. डेड हार्ट गिनें
  5. तने में छेद देखें
  6. प्रतिशत निकालें

नियंत्रण की सीमा

संक्रमण स्तरकार्रवाई
5% से कमनिगरानी जारी रखें
5-10%जैविक नियंत्रण
10-15%रासायनिक छिड़काव
15% से अधिकतुरंत छिड़काव

चेतावनी

तना छेदक को हल्के में न लें। यह कीट गन्ने को अंदर से खोखला कर देता है। एक बार सुरंग बन जाए तो रासायनिक दवा भी अंदर नहीं पहुँचती। इसलिए रोकथाम सबसे जरूरी है। समय पर निगरानी और पहले छिड़काव से ही तना छेदक नियंत्रित होता है।


निष्कर्ष

गन्ने में तना छेदक गन्ने का सबसे खतरनाक कीट है जो तने में सुंरग बनाकर पैदावार 20-50% तक कम कर सकता है। क्लोरैंट्रानिलिप्रोल सबसे प्रभावी कीटनाशक है। ट्राइकोग्रामा परजीवी अंडे और फेरोमोन ट्रैप — ये जैविक उपाय भी बहुत प्रभावी हैं। प्रतिरोधी किस्म लगाना, अगेती बुवाई और खेत की सफाई — ये बचाव के मुख्य उपाय हैं। एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाकर तना छेदक से प्रभावी ढंग से बचा जा सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: गन्ने में तना छेदक की पहचान कैसे करें?

उत्तर: तना छेदक की पहचान के मुख्य लक्षण हैं — पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद, “डेड हार्ट” (बीच की पत्ती सूखना), तने में सुरंग और गाँठों पर छेद के निशान। तने को काटकर देखने पर अंदर कीड़े और सुरंग दिखती है।

Q2: तना छेदक के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

उत्तर: क्लोरैंट्रानिलिप्रोल 18.5% SC (प्रोक्लेम) सबसे प्रभावी दवा है। यह लार्वा को मारती है और 15-20 दिन तक सुरक्षा देती है। फिप्रोनिल और कार्बोसल्फान भी अच्छे विकल्प हैं।

Q3: ट्राइकोग्रामा क्या है और कैसे उपयोग करें?

उत्तर: ट्राइकोग्रामा एक परजीवी कीट है जो तना छेदक के अंडों पर अपने अंडे देता है। 50,000 परजीवी अंडे प्रति एकड़ की दर से 3-4 बार (15 दिन के अंतराल पर) छोड़ें। बुवाई के 30-45 दिन बाद शुरू करें।

Q4: तना छेदक से बचाव का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

उत्तर: प्रतिरोधी किस्म (Co 0118) लगाना, अगेती बुवाई (फरवरी-मार्च), फेरोमोन ट्रैप लगाना, ट्राइकोग्रामा छोड़ना और समय पर क्लोरैंट्रानिलिप्रोल का छिड़काव — ये सभी मिलकर तना छेदक से प्रभावी बचाव देते हैं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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