
गन्ने में यूरिया कब डालें — यह हर गन्ना किसान का सबसे आम सवाल है। यूरिया गन्ने के लिए सबसे जरूरी उर्वरक है क्योंकि नाइट्रोजन पौधे की बढ़वार के लिए अनिवार्य है। लेकिन गलत समय पर या अधिक मात्रा में यूरिया डालना नुकसानदायक है। इस लेख में हम गन्ने में यूरिया डालने का सही समय, मात्रा, तरीका और सावधानियों की पूरी जानकारी देंगे।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कुल यूरिया | 250-300 किलो/हेक्टेयर (3 बार में) |
| पहली बार | बुवाई के 30-35 दिन बाद |
| दूसरी बार | बुवाई के 60-65 दिन बाद |
| तीसरी बार | बुवाई के 90-100 दिन बाद (वैकल्पिक) |
| सबसे अच्छा तरीका | मिट्टी में मिलाकर |
| नुकसान | अधिक यूरिया से तना गिरता है |
| बचत उपाय | नीम कोटेड यूरिया, यूरिया स्प्रे |
यह लेख CaneUp टीम द्वारा कृषि विशेषज्ञों और ICAR के शोध के आधार पर तैयार किया गया है। मिट्टी की जाँच कराकर ही खाद की मात्रा तय करें।
नाइट्रोजन (N) पौधे के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह:
| अवस्था | नाइट्रोजन की जरूरत | विवरण |
|---|---|---|
| बुवाई से 30 दिन | कम | जड़ विकास |
| 30-90 दिन | अधिक | तेज बढ़वार |
| 90-150 दिन | मध्यम | गाँठ बनना |
| 150+ दिन | कम | पकना |
समय: बुवाई के 30-35 दिन बाद (पहली गुड़ाई के साथ)
मात्रा: 100-120 किलो यूरिया/हेक्टेयर
तरीका:
क्यों जरूरी:
समय: बुवाई के 60-65 दिन बाद (दूसरी गुड़ाई के साथ)
मात्रा: 100-120 किलो यूरिया/हेक्टेयर
तरीका:
क्यों जरूरी:
समय: बुवाई के 90-100 दिन बाद
मात्रा: 50-60 किलो यूरिया/हेक्टेयर
तरीका:
क्यों जरूरी:
तीसरी बार यूरिया केवल जरूरत पड़ने पर ही डालें। अगर फसल हरी और स्वस्थ दिख रही है तो तीसरी बार यूरिया की जरूरत नहीं है। अधिक नाइट्रोजन से तना गिरता है और चीनी कम होती है।
| मिट्टी का प्रकार | यूरिया (किलो/हेक्टेयर) | बार |
|---|---|---|
| दोमट मिट्टी | 250-300 | 2-3 |
| बलुई मिट्टी | 300-350 | 3-4 |
| चिकनी मिट्टी | 200-250 | 2-3 |
| काली मिट्टी | 250-300 | 2-3 |
| किस्म का प्रकार | यूरिया (किलो/हेक्टेयर) |
|---|---|
| अधिक उपज वाली किस्में | 300-350 |
| सामान्य किस्में | 250-300 |
| कम उपज वाली किस्में | 200-250 |
| नाइट्रोजन स्तर | यूरिया (किलो/हेक्टेयर) |
|---|---|
| कम (150-200 किलो N/हेक्टेयर) | 300-350 |
| मध्यम (200-250 किलो N/हेक्टेयर) | 250-300 |
| अधिक (250+ किलो N/हेक्टेयर) | 200-250 |
विधि:
फायदे:
विधि:
फायदे:
विधि:
मात्रा: 10-15 किलो यूरिया/हेक्टेयर (200-300 लीटर पानी)
फायदे:
समय: शाम को छिड़काव करें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मात्रा | 150-200 किलो/हेक्टेयर |
| समय | बुवाई में |
| तरीका | नाली में डालें |
| फायदा | जड़ विकास, फूल आना |
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मात्रा | 100-120 किलो/हेक्टेयर |
| समय | बुवाई में + 60 दिन बाद |
| तरीका | मिट्टी में मिलाएं |
| फायदा | तना मजबूत, चीनी अधिक |
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मात्रा | 25 किलो/हेक्टेयर |
| समय | बुवाई में |
| तरीका | मिट्टी में मिलाएं |
| फायदा | पत्तियाँ हरी, बढ़वार अच्छी |
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मात्रा | 20-30 किलो/हेक्टेयर |
| समय | बुवाई में |
| तरीका | मिट्टी में मिलाएं |
| फायदा | चीनी बढ़ती है |
| समय | खाद | मात्रा (किलो/हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| बुवाई में | DAP + पोटाश + जिंक सल्फेट | 200 + 100 + 25 |
| 30-35 दिन | यूरिया | 100-120 |
| 60-65 दिन | यूरिया + पोटाश | 100-120 + 50 |
| 90-100 दिन | यूरिया (वैकल्पिक) | 50-60 |
हमेशा DAP के साथ पोटाश और जिंक सल्फेट भी डालें। केवल यूरिया डालने से नाइट्रोजन अधिक हो जाता है और पोटाश, फॉस्फोरस की कमी रहती है। संतुलित खाद से ही अच्छी पैदावार मिलती है।
नीम कोटेड यूरिया में यूरिया के दानों पर नीम का लेप होता है। इससे:
| गुण | सामान्य यूरिया | नीम कोटेड यूरिया |
|---|---|---|
| नाइट्रोजन रिलीज | तेज (7-10 दिन) | धीमा (45-50 दिन) |
| उपयोग दर | 30-40% | 50-60% |
| छिड़काव | 2-3 बार | 1-2 बार |
| लागत | कम | थोड़ी अधिक |
| पर्यावरण | अधिक नुकसान | कम नुकसान |
नीम कोटेड यूरिया का उपयोग करें। यह सामान्य यूरिया से थोड़ा महंगा है लेकिन 15-20% कम मात्रा में काम करता है। एक बार डालने पर 45-50 दिन तक असर रहता है।
नुकसान:
सुधार: मिट्टी जाँच कराकर मात्रा तय करें
नुकसान:
सुधार: यूरिया को मिट्टी में मिलाएं
नुकसान:
सुधार: यूरिया के बाद सिंचाई करें
नुकसान:
सुधार: DAP, पोटाश, जिंक सल्फेट भी डालें
अधिक यूरिया डालना नुकसानदायक है। अधिक नाइट्रोजन से:
- तना गिरता है (लॉजिंग)
- कीट अधिक लगते हैं
- चीनी कम होती है
- मिट्टी का pH बिगड़ता है
- भूजल प्रदूषित होता है
हमेशा मिट्टी जाँच के आधार पर ही यूरिया डालें।
गन्ने में यूरिया कब डालें — इसका सही जवाब है: बुवाई के 30-35 दिन बाद पहली बार, 60-65 दिन बाद दूसरी बार और जरूरत पड़ने पर 90-100 दिन बाद तीसरी बार। कुल 250-300 किलो यूरिया/हेक्टेयर पर्याप्त है। यूरिया को हमेशा मिट्टी में मिलाकर डालें, खुला न छोड़ें। DAP, पोटाश और जिंक सल्फेट के साथ संतुलित खाद दें। नीम कोटेड यूरिया बेहतर विकल्प है। मिट्टी की जाँच कराकर खाद डालना सबसे अच्छा है।
उत्तर: गन्ने में कुल 250-300 किलो यूरिया/हेक्टेयर डालना चाहिए। इसे 2-3 बार में डालें — पहली बार 30-35 दिन, दूसरी बार 60-65 दिन और तीसरी बार 90-100 दिन पर।
उत्तर: यूरिया के साथ DAP (200 किलो/हेक्टेयर), पोटाश (100-120 किलो/हेक्टेयर) और जिंक सल्फेट (25 किलो/हेक्टेयर) भी डालें। संतुलित खाद से ही अच्छी पैदावार मिलती है।
उत्तर: हाँ, 2-3% यूरिया घोल का पत्तियों पर छिड़काव कर सकते हैं। यह नाइट्रोजन की कमी तुरंत पूरी करता है। 10-15 किलो यूरिया/हेक्टेयर (200-300 लीटर पानी में) पर्याप्त है। शाम को छिड़काव करें।
उत्तर: नीम कोटेड यूरिया में यूरिया के दानों पर नीम का लेप होता है। इससे नाइट्रोजन धीरे-धीरे छूटता है और 45-50 दिन तक असर रहता है। 15-20% कम मात्रा में काम करता है और पर्यावरण को कम नुकसान पहुँचाता है।
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