
गन्ना की खेती में बढ़ती लेबर मजदूरी और पेराई सीजन के दौरान कटाई-छिलाई के मजदूरों की भारी किल्लत से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि यंत्रीकरण प्रोत्साहन अभियान (Sub-Mission on Agricultural Mechanization - SMAM) के तहत फार्म मशीनरी बैंक (Farm Machinery Bank) और कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक का भारी सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत किसान उत्पादक संगठन (FPO), गन्ना विकास समितियां और 6 से 8 किसानों के पंजीकृत स्वयं सहायता समूह (SHG) ₹15 लाख तक के आधुनिक कृषि यंत्रों का पूरा बैंक स्थापित कर सकते हैं, जिसमें ₹12 लाख की सरकारी सब्सिडी सीधे बैंक खाते में डीबीटी द्वारा प्रदान की जाती है।
1. फार्म मशीनरी बैंक में मिलने वाले मुख्य कृषि यंत्र और सब्सिडी दरें
गन्ना बहुल क्षेत्रों के लिए फार्म मशीनरी बैंक में निम्नलिखित आधुनिक मशीनें शामिल की जाती हैं:
| कृषि यंत्र का नाम (Machinery Name) | अनुमानित बाजार मूल्य (₹) | व्यक्तिगत किसान सब्सिडी (50%) | FPO / समूह सब्सिडी (80%) |
|---|---|---|---|
| गन्ना कटाई व छिलाई मशीन (Harvester) | ₹8,00,000 से ₹12,00,000 | 40% से 50% (₹4.5 लाख तक) | 80% (समूह स्तर पर) |
| ट्रैश कटर / मल्चर (Trash Cutter/Mulcher) | ₹1,80,000 से ₹2,20,000 | ₹90,000 से ₹1,00,000 | ₹1,50,000 से ₹1,75,000 |
| ट्रेंच मेकर व रिजर (Trench Planter) | ₹1,20,000 से ₹1,60,000 | ₹60,000 से ₹80,000 | ₹1,00,000 से ₹1,25,000 |
| लेजर लैंड लेवलर (Laser Land Leveler) | ₹3,20,000 से ₹3,80,000 | ₹1,50,000 | ₹2,50,000 से ₹3,00,000 |
| रोटावेटर (7-8 फीट हैवी ड्यूटी) | ₹1,10,000 से ₹1,40,000 | ₹45,000 से ₹50,000 | ₹85,000 से ₹1,00,000 |
| स्व-चालित स्प्रेयर / किसान ड्रोन | ₹4,50,000 से ₹6,00,000 | 50% (₹2.5 लाख तक) | 80% (₹4 लाख तक) |
2. पात्रता और समूह गठन की शर्तें
- FPO / किसान समूह: समूह में कम से कम 6 से 8 किसान सदस्य होने चाहिए, जिनके पास आधार और भूमि अभिलेख हों।
- समूह का बैंक खाता: समूह या FPO के नाम पर राष्ट्रीयकृत अथवा सहकारी बैंक में चालू खाता होना अनिवार्य है।
- उपकरणों का किराया संचालन: समूह इन मशीनों को अपने सदस्यों के खेतों के अलावा गाँव के छोटे व सीमांत किसानों को नाममात्र किराये पर उपलब्ध कराएगा।
3. upagriculture.com पर टोकन बुकिंग और ई-लॉटरी व्यवस्था
- कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल upagriculture.com पर जाएं।
- “यंत्र टोकन व्यवस्था” लिंक पर क्लिक करें और FPO अथवा व्यक्तिगत किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
- पसंदीदा यंत्र अथवा ‘फार्म मशीनरी बैंक’ का चयन करें।
- निर्धारित सुरक्षा जमानत धनराशि (Security Deposit - ₹2,500 से ₹5,000) का चालान ऑनलाइन अथवा बैंक में जमा करें।
- जनपदीय स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ई-लॉटरी (E-Lottery) के माध्यम से चयनित लाभार्थियों की सूची पोर्टल पर जारी की जाती है।
- चयन होने पर अधिकृत डीलर से मशीन खरीदें और बिल पोर्टल पर अपलोड करें। भौतिक सत्यापन के 15 दिनों में सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) — कृषि यंत्र बैंक सब्सिडी
Q1. क्या व्यक्तिगत किसान को भी 80% सब्सिडी मिल सकती है?
उत्तर: नहीं, 80% अनुदान (अधिकतम ₹12 लाख) केवल किसान समूहों (FPO/SHG) को दिया जाता है। व्यक्तिगत किसानों को 40% से 50% की सब्सिडी मिलती है।
Q2. टोकन की जमानत धनराशि (Security Deposit) कब वापस मिलती है?
उत्तर: यदि ई-लॉटरी में आपका चयन नहीं होता है, तो टोकन मनी सीधे आपके बैंक खाते में 30 दिनों में रिफंड हो जाती है।
Q3. मशीनें खरीदने के बाद क्या उनका निरीक्षण होता है?
उत्तर: हाँ, कृषि उपनिदेशक और इंजीनियर की टीम खेत पर आकर मशीन के चेसिस नंबर, जीपीएस और कार्यप्रणाली का भौतिक सत्यापन करती है।
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