
डीजल के महंगे दामों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की अनिश्चितता से गन्ना किसानों को मुक्ति दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA) ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM Component-B) के अंतर्गत सोलर सिंचाई पंपों पर 70 प्रतिशत तक का भारी सरकारी अनुदान जारी किया है।
इस योजना के तहत राज्य के किसान अपने निजी नलकूप (बोरवेल) पर 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP और 7.5 HP के आधुनिक सोलर सबमर्सिबल पंप लगवाकर अगले 25 वर्षों तक पूरी तरह निःशुल्क दिन के समय निर्बाध सिंचाई कर सकते हैं।
1. सोलर पंप की क्षमता, कुल लागत और किसान अंश (Subsidy Breakdown)
केंद्र सरकार (30%) और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार (40%) मिलकर कुल 70% का अनुदान देती हैं। किसान को केवल 30% अंशदान जमा करना होता है:
| सोलर पंप क्षमता (Capacity) | बोरवेल गहराई (जलस्तर) | सिस्टम का कुल मूल्य (₹) | सरकारी सब्सिडी 70% (₹) | किसान को देना होगा (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 3 HP AC सबमर्सिबल | 100 से 150 फीट | ₹1,95,000 | ₹1,36,500 | ₹58,500 |
| 5 HP AC सबमर्सिबल | 150 से 250 फीट | ₹2,80,000 | ₹1,96,000 | ₹84,000 |
| 7.5 HP AC सबमर्सिबल | 250 से 350 फीट | ₹3,85,000 | ₹2,69,500 | ₹1,15,500 |
| 10 HP AC सबमर्सिबल | 350+ फीट (गहरा जलस्तर) | ₹4,90,000 | ₹3,43,000 | ₹1,47,000 |
2. upagriculture.com पर ऑनलाइन आवेदन व टोकन बुकिंग प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में सोलर पंप का आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ और ई-लॉटरी टोकन प्रणाली के जरिए पारदर्शी तरीके से होता है:
चरण 1: पोर्टल पर पंजीकरण
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upagriculture.com पर जाएं।
- होमपेज पर “सोलर पंप हेतु ऑनलाइन टोकन व्यवस्था” लिंक पर क्लिक करें।
- अपना किसान पंजीकरण संख्या (Farmer Registration ID) दर्ज करें।
चरण 2: पंप क्षमता का चयन व टोकन जनरेट करना
- अपने नलकूप के जलस्तर और गन्ने के क्षेत्रफल के अनुसार 3HP, 5HP या 7.5HP क्षमता चुनें।
- टोकन कन्फर्म करते ही आपके पंजीकृत मोबाइल पर टोकन नंबर और चालान की प्रति जनरेट हो जाएगी।
चरण 3: सिक्योरिटी धनराशि व अंशदान जमा करना
- टोकन जारी होने के 7 कार्यदिवसों के भीतर किसान अंश की निर्धारित धनराशि (₹5,000 टोकन मनी अथवा पूरा ड्राफ्ट) यूनियन बैंक या इंडियन बैंक के चालान अथवा ऑनलाइन नेट बैंकिंग/यूपीआई के जरिए जमा करें।
- चालान जमा होते ही आपकी बुकिंग लॉक हो जाएगी।
चरण 4: भौतिक सत्यापन व स्थापना (Installation)
कृषि विभाग और यूपीनेडा के तकनीकी अधिकारी खेत पर आकर बोरवेल और जलस्तर का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके 15 से 20 दिनों के भीतर अधिकृत सोलर कंपनी (जैसे Tata Solar, Shakti Pumps) के इंजीनियर खेत पर आकर सोलर पैनल, कंट्रोलर और पंप स्थापित कर देंगे।
3. आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
- आधार कार्ड व किसान पंजीकरण संख्या (DBT ID)।
- जमीन की नकल (खतौनी) — नलकूप किसान के नाम पर होना चाहिए।
- बैंक पासबुक की प्रति (डीबीटी सक्रिय)।
- खेत पर उपलब्ध चालू बोरवेल का प्रमाण पत्र।
4. सोलर पंप के किसानों को मुख्य फायदे
- डीजल खर्च की 100% बचत: एक सीजन में 8 से 10 सिंचाई करने पर जो ₹30,000 से ₹40,000 का डीजल जलता था, वह पूरी तरह शून्य हो जाता है।
- दिन में सिंचाई: रात में बिजली आने पर खेतों में पानी लगाने के खतरे और जंगली जानवरों के डर से मुक्ति।
- 25 साल की पैनल वारंटी: सोलर पैनलों पर 25 वर्ष की उत्पादन वारंटी और 5 साल का पूर्ण निःशुल्क मेंटेनेंस।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) — PM कुसुम सोलर पंप
Q1. क्या सोलर पंप लगवाने के बाद बिजली का कनेक्शन काटना जरूरी है?
उत्तर: नहीं, सोलर पंप ऑफ-ग्रिड (स्टैंडअलोन) सिस्टम है, जो दिन में सूरज की धूप से सीधे मोटर चलाता है। इसका आपके बिजली कनेक्शन से कोई टकराव नहीं है।
Q2. 5 HP सोलर पंप के लिए कितने एकड़ जमीन पर सिंचाई हो सकती है?
उत्तर: 5 HP का सोलर सबमर्सिबल पंप 5 से 8 एकड़ गन्ने और मौसमी फसलों की सिंचाई आसानी से पूरी क्षमता से कर सकता है।
Q3. सोलर पैनलों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था होती है?
उत्तर: सोलर स्ट्रक्चर को 1.5 मीटर गहरे कंक्रीट फाउंडेशन में जाम किया जाता है और इसमें एंटी-थेफ्ट नट-बोल्ट लगाए जाते हैं। साथ ही 5 साल का बीमा भी शामिल होता है।
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