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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) — बाढ़, बारिश और सूखे से गन्ने के नुकसान का क्लेम

Randhir Patil Randhir Patil Sep 4, 2026 अपडेट: Sep 5, 2026 10:00 AM IST 3 min read
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) — बाढ़, बारिश और सूखे से गन्ने के नुकसान का क्लेम
अंतिम अपडेट: September 5, 2026 10:00 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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मुख्य बिंदु (Quick Summary): मानसून की भारी बारिश, बाढ़ या सूखे से गन्ने की फसल नष्ट होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को आर्थिक तबाही से बचाती है। फसल नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 या ‘क्रॉप इंश्योरेंस ऐप’ पर सूचना देकर किसान प्रति एकड़ ₹25,000 से ₹35,000 तक का वैध क्लेम पा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के तराई और खादर क्षेत्रों (लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, सहारनपुर, मुरादाबाद) में प्रतिवर्ष नदियों के उफान और जलभराव के कारण हजारों हेक्टेयर गन्ने की फसल डूबकर सड़ जाती है। अधिकांश किसान यह नहीं जानते कि यदि उनका केसीसी (KCC) बना हुआ है, तो उनकी फसल का बीमा पहले से स्वतः हो चुका होता है।

आइए जानते हैं कि फसल नुकसान होने पर बीमा कंपनी से क्लेम लेने की सही कानूनी और व्यावहारिक प्रक्रिया क्या है।


1. फसल नुकसान की स्थिति में सबसे पहला काम: 72 घंटे का नियम

  • समयसीमा: प्राकृतिक आपदा (बाढ़, जलभराव, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि या तूफान) से फसल नष्ट होने के ठीक 72 घंटे (3 दिन) के भीतर बीमा कंपनी या सरकार को सूचना देना कानूनन अनिवार्य है।
  • टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: अपने मोबाइल से राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 14447 या 1800-180-1551 पर कॉल करें।
  • कॉल पर क्या बताएं: अपना नाम, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, गाँव का नाम और नुकसान का अनुमानित प्रतिशत (जैसे 70%) दर्ज कराएं।
  • शिकायत संख्या (Docket Number): कॉल के अंत में मिलने वाले 8 अंकों के कंप्लेंट नंबर को लिखकर सुरक्षित रख लें।

2. ‘Crop Insurance App’ से फोटो अपलोड करने का सीधा तरीका

  1. अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर से ‘Crop Insurance’ ऐप डाउनलोड करें।
  2. ‘Change of Crop / Loss Intimation’ विकल्प पर जाएं।
  3. अपने खेत पर खड़े होकर जलभराव या सूखे हुए गन्ने की 2 स्पष्ट फोटो खींचें (ऐप स्वतः जीपीएस लोकेशन और समय दर्ज कर लेगा)।
  4. सबमिट करते ही आपका क्लेम सीधे बीमा कंपनी के सर्वेयर पैनल में चला जाएगा।

3. सर्वे और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया

सर्वे का स्तरकौन जांच करता है?कैसे तय होता है मुआवजा?
स्थानीय आपदा (Localised Calamity)बीमा सर्वेयर + लेखपाल + कृषि अधिकारीव्यक्तिगत खेत का स्थलीय मुआयना करके 100% नुकसान का आंकलन
व्यापक क्षेत्र नुकसान (Area Approach)इसरो सैटेलाइट इमेज + फसल कटाई प्रयोग (CCE)पूरे गाँव/ब्लॉक की औसत पैदावार में आई गिरावट के आधार पर

4. मुआवजा राशि और बैंक खाते में डीबीटी

  • गन्ने की फसल के लिए बीमित राशि (Sum Insured) लगभग ₹35,000 से ₹40,000 प्रति एकड़ तय होती है।
  • सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के 30 से 45 दिनों के भीतर क्लेम का पूरा पैसा सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आरटीजीएस कर दिया जाता है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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