
इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में गन्ने की फसल पर रेड रॉट (Red Rot - लाल सड़न रोग) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे “गन्ने का कैंसर” भी कहा जाता है। यदि समय रहते रोकथाम न की जाए, तो पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।
इस लेख में जानें रेड रॉट के लक्षण, बचाव के 7 मुख्य उपाय और समय पर किए जाने वाले जरूरी उपचार।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| रोग का नाम | रेड रॉट (लाल सड़न रोग / गन्ने का कैंसर) |
| कारक फफूंद | Colletotrichum falcatum |
| प्रमुख लक्षण | पत्तियां पीली पड़ना, चीरने पर अंदर लाल रंग व सफेद चकत्ते, अल्कोहल जैसी बदबू |
| प्रतिरोधी किस्में | Co-15023, Co-0118, CoLk-14201 |
| प्रति बीघा संभावित नुकसान | 60% से 80% (₹25,000 – ₹40,000 प्रति बीघा) |
रेड रॉट एक फफूंद जनित घातक रोग है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
रेड रॉट से बचने के लिए किसान भाइयों को ये 7 वैज्ञानिक उपाय तुरंत अपनाने चाहिए:
पुरानी संवेदनशील किस्म Co-0238 के स्थान पर नई रोग-प्रतिरोधी किस्में जैसे Co-15023, Co-0118, CoLk 14201 या Co-98014 की बुआई करें।
बुआई से पहले गन्ने के टुकड़ों को कार्बेंडाजिम (Carbendazim 50% WP) 2 ग्राम प्रति लीटर पानी या ट्राइकोडर्मा (Trichoderma) के 1% घोल में 15–20 मिनट तक उपचारित करें।
खेत में जलभराव फफूंद को तेजी से फैलाता है। खेत में जल निकासी की समुचित नाली बनाएं ताकि बारिश का पानी जमा न रहे।
लगातार गन्ने की फसल न लें। गन्ने के बाद धान, सरसों, उड़द या मूंग जैसी फसलें लगाएं ताकि मिट्टी में मौजूद फंगस नष्ट हो सके।
खेत में जैसे ही लाल सड़न से ग्रसित पौधा दिखे, उसे जड़ सहित उखाड़कर खेत से दूर ले जाकर जला दें या गहरे गड्ढे में दबा दें। उस स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर या चूना डालें।
वर्षा ऋतु के दौरान खेत में पानी ठहरने न दें। मेड़ों को मजबूत रखें और अतिरिक्त पानी तुरंत बाहर निकालें।
यदि रोग बड़े पैमाने पर फैले तो तुरंत अपने नजदीकी गन्ना विकास परिषद, चीनी मिल या जिला कृषि रक्षा अधिकारी को सूचना दें।
यदि फसल में रेड रॉट के शुरुआती लक्षण दिखें, तो तुरंत निम्न कदम उठाएं:
| स्थिति | उत्पादन (क्विंटल/बीघा) | किसान को नुकसान (₹/बीघा) |
|---|---|---|
| स्वस्थ फसल | 60 – 75 क्विंटल | ₹0 (पूरा लाभ) |
| मध्यम संक्रमण (20-30%) | 40 – 45 क्विंटल | ₹8,000 – ₹12,000 |
| गंभीर संक्रमण (60-80%) | 15 – 25 क्विंटल | ₹25,000 – ₹40,000 |
उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग ने किसानों से अपील की है कि:
रेड रॉट गन्ने की फसल के लिए बेहद विनाशकारी है, लेकिन सही समय पर रोग रोधी किस्मों के चयन और बीज उपचार से इससे 100% बचा जा सकता है।
किसान भाइयों, इस जानकारी को अपने अन्य किसान मित्रों और व्हाट्सएप ग्रुपों में जरूर शेयर करें ताकि किसी का नुकसान न हो। गन्ने की खेती और चीनी मिल की ताजा खबरों के लिए CaneUp.xyz पर बने रहें!
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