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लाल सड़न (Red Rot) और टॉप बोरर का मानसून उपचार: गन्ने का कैंसर कैसे रोकें? स्ट्रेप्टोसाइक्लिन छिड़काव विधि

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 31, 2026 • 4 min read
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लाल सड़न (Red Rot) और टॉप बोरर का मानसून उपचार: गन्ने का कैंसर कैसे रोकें? स्ट्रेप्टोसाइक्लिन छिड़काव विधि
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:10 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मानसून के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों—जैसे लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, पीलीभीत और कुशीनगर—में भारी बारिश और खेतों में जलभराव के कारण लाल सड़न (Red Rot) और टॉप बोरर (Top Borer) का भयानक प्रकोप देखा जा रहा है।

कृषि वैज्ञानिकों ने ‘लाल सड़न’ को गन्ने का कैंसर (Sugarcane Cancer) घोषित किया है क्योंकि एक बार यह बीमारी पौधे के संवहनी ऊतकों (Vascular Bundles) में प्रवेश कर जाए, तो पूरे गन्ने का रस सूख जाता है और पैदावार में 80% से 100% तक की भारी गिरावट आ जाती है।

यदि आपके खेत में भी गन्ने की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या गोभ सूख रही है, तो बिना समय गंवाए यह मानसून उपचार तुरंत अपनाएं।


1. लाल सड़न (Red Rot) के लक्षण कैसे पहचानें?

लाल सड़न एक कवक जनित (Fungal - Colletotrichum falcatum) रोग है। इसके मुख्य लक्षण:

  • पत्तियों का सूखना: गन्ने की तीसरी और चौथी पत्ती ऊपर से नीचे की ओर पीली पड़कर किनारों से सूखने लगती है।
  • तने का अंदरूनी लाल होना: जब आप गन्ने के तने को बीच से चीरते हैं, तो अंदर का गूदा गहरा लाल दिखाई देता है, जिसके बीच-बीच में सफेद आड़ी पट्टियां (White Cross Bands) दिखाई देती हैं।
  • शराब जैसी बदबू: संक्रमित गन्ने से सिरके या सड़ी हुई शराब जैसी तीव्र गंध आती है।
  • गन्ना हल्का और खोखला: गन्ने की गांठों से रस खत्म हो जाता है और तना सूखकर बिल्कुल हल्का हो जाता है।

2. टॉप बोरर (Top Borer - चोटी बेधक) के लक्षण

  • गन्ने की मुख्य गोभ (Central Spindle) सूख जाती है, जिसे ‘डेड हार्ट’ (Dead Heart) कहा जाता है।
  • गन्ने की पत्तियों पर गोल-गोल छर्रे जैसे छेद (Shot Holes) दिखाई देते हैं।
  • पौधे की बढ़वार रुक जाती है और चोटी पर गुच्छा (Bunchy Top) बन जाता है।

लाल सड़न (Red Rot) का वैज्ञानिक उपचार शेड्यूल

उपचार का चरणदवा का नामप्रति एकड़ मात्रा (Dose)प्रयोग विधि
ग्रसित पौधा उखाड़ना—तुरंत प्रभाव सेरोगी पौधे को जड़ सहित उखाड़कर गड्ढे में जला दें और उस जगह 10 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर डालें।
एंटीबायोटिक व फफूंदनाशक स्प्रेस्ट्रेप्टोसाइक्लिन (Streptocycline) + कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (COC 50% WP)20 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन + 500 ग्राम COC प्रति एकड़200 लीटर पानी में घोलकर गन्ने की जड़ों और तनों पर अच्छी तरह नहलाकर छिड़काव करें।
सिस्टेमिक फफूंदनाशकपायराक्लोस्ट्रोबिन (Pyraclostrobin 20% WG) या अजॉक्सीस्ट्रोबिन + डाइफेनोकोनाजोल200 ग्राम या 200 मिली प्रति एकड़पौधे के अंदरूनी संक्रमण को रोकने के लिए 15 दिन बाद दूसरा स्प्रे करें।
जल निकासी (Drainage)—तुरंतखेत में जमा बारिश का गंदा पानी नालियां बनाकर बाहर निकालें।

टॉप बोरर (Top Borer) का रासायनिक नियंत्रण

अगस्त और सितंबर के महीने में टॉप बोरर की चौथी व पांचवीं पीढ़ी सक्रिय होती है:

  1. कोराजन (Chlorantraniliprole 18.5% SC): 150 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर गन्ने की जड़ों (Root Zone) में ड्रेंचिंग करें या स्प्रे करें।
  2. वर्टाको (Chlorantraniliprole 0.5% + Thiamethoxam 1.0% GR): 5 किग्रा प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाकर जड़ों के पास डालें और हल्की सिंचाई करें।
  3. लाइट ट्रैप (Light Traps): खेत में रात के समय 1-2 लाइट ट्रैप लगाएं ताकि टॉप बोरर की मादा तितलियां आकर्षित होकर नष्ट हो जाएं।

आधुनिक उपाय: ड्रोन से फफूंदनाशक छिड़काव

बड़ा गन्ना होने के कारण किसान खेत के अंदर घुसकर स्प्रे नहीं कर पाते। उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग अब अनुदान पर कृषि ड्रोन (Agri Drone) उपलब्ध करा रहा है:

  • समय की बचत: 1 एकड़ खेत में मात्र 7 से 10 मिनट में छिड़काव पूरा हो जाता है।
  • सटीक कवरेज: ड्रोन की तेज हवा से दवा गन्ने की निचली पत्तियों और तनों तक एकसमान पहुंचती है।
  • पानी की बचत: मात्र 10 से 15 लीटर पानी में विशेष फॉर्मूलेशन का स्प्रे संभव है।

भविष्य के लिए बचाव: 5 स्वर्णिम नियम

  1. Co-0238 प्रजाति का परित्याग करें: यह प्रजाति लाल सड़न के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो चुकी है। इसकी जगह रोग-प्रतिरोधी प्रजातियां (जैसे CoS 17231, CoLk 16202, Co-15023) लगाएं।
  2. बीज शोधन (Seed Treatment): बुवाई से पहले गन्ने के टुकड़ों को कार्बेन्डाजिम (Carbendazim) या ट्राइकोडर्मा (Trichoderma) के 0.2% घोल में 15 मिनट तक डुबोएं।
  3. फसल चक्र (Crop Rotation): जिस खेत में लाल सड़न आ चुकी हो, उसमें लगातार पेड़ी न लें। वहां धान, मक्का या दलहनी फसलें लगाकर जमीन को विश्राम दें।
  4. ट्राइकोडर्मा का प्रयोग: जुताई के समय 2 किग्रा ट्राइकोडर्मा को 100 किग्रा गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर प्रति एकड़ खेत में बिखेरें।
  5. स्वच्छ कृषि उपकरण: ग्रसित खेत में इस्तेमाल किए गए हँसिए या कटर को डिटॉल या फॉर्मेलिन के घोल से धोकर ही दूसरे खेत में इस्तेमाल करें।

टोल-फ्री सहायता

यदि आपके क्षेत्र में लाल सड़न महामारी का रूप ले रही है, तो तुरंत गन्ना विकास परिषद या विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क करें:

  • 📞 गन्ना किसान हेल्पलाइन: 1800-121-3203
  • 🏢 गन्ना शोध परिषद (शाहजहांपुर): संपर्क हेतु अपने जिला गन्ना अधिकारी (DCO) से मिलें।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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