
इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
गन्ना किसानों के लिए सितंबर का दूसरा पखवाड़ा और अक्टूबर का महीना साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसे शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Sugarcane Planting) कहा जाता है। कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों का अनुभव बताता है कि वसंतकालीन (फरवरी-मार्च) बुवाई की तुलना में शरदकालीन बुवाई करने से गन्ने की पैदावार में 20% से 30% की जबरदस्त वृद्धि होती है।
शरदकालीन बुवाई का सबसे बड़ा फायदा यह है कि गन्ने की फसल को बढ़वार के लिए 3-4 महीने का अतिरिक्त समय मिल जाता है और किसान गन्ने की दो लाइनों के बीच में सह-फसली (Intercropping) के रूप में सरसों, आलू, मटर, लहसुन, गोभी या धनिया लगाकर अतिरिक्त ₹40,000 से ₹60,000 प्रति एकड़ का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं।
आइए जानते हैं कि आधुनिक ट्रेंच विधि (Trench Method) से शरदकालीन गन्ने की वैज्ञानिक बुवाई कैसे करें।
| श्रेणी | अनुशंसित किस्में | विशेषताएं |
|---|---|---|
| अगेती किस्में (Early Varieties) | CoS 17231, CoLk 16202, Co 15023, Co 0118 | लाल सड़न रोधी, भारी वजन, 10-12 माह में परिपक्व |
| मध्यम/देर से पकने वाली | CoPant 97222, Co 05011 | भारी जमीन व जलभराव सहने में सक्षम |
खेत की 2-3 बार गहरी जुताई करें। आखिरी जुताई से पहले प्रति एकड़ 4 से 6 ट्रॉली अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद या 10 क्विंटल प्रेसमड खाद समान रूप से फैलाकर मिला दें।
बीज जनित फंगस और लाल सड़न से बचाव के लिए टुकड़ों को उपचारित करें:
बुवाई के समय नाली की तली में उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करें:
| उर्वरक का नाम | प्रति एकड़ मात्रा (बुवाई के समय) |
|---|---|
| DAP (डाई अमोनियम फास्फेट) | 1 बोरी (50 किग्रा) |
| MOP (म्यूरेट ऑफ पोटाश) | 1 बोरी (50 किग्रा) |
| यूरिया (Urea) | 1 बोरी (45 किग्रा - आधा बुवाई पर, आधा 60 दिन बाद) |
| जिंक सल्फेट (Zinc 33%) | 10 किग्रा |
| फर्टेरा / कोराजन दानेदार (कीट सुरक्षा हेतु) | 4 किग्रा |
गन्ने की दो नालियों के बीच खाली 4-5 फीट जगह पर आप निम्नलिखित फसलें सफलता से ले सकते हैं:
[गन्ना नाली] ---- 4 फीट खाली जगह (सह-फसली) ---- [गन्ना नाली]
↓↓↓
[सरसों की 2 लाइनें]
- अथवा -
[आलू की 1-2 मेड़]
- अथवा -
[लहसुन / धनिया की क्यारियां]
यदि आप इस बार पारंपरिक बुवाई छोड़कर ट्रेंच विधि और सह-फसली मॉडल अपनाते हैं, तो कम पानी, कम बीज और कम मजदूरी में दोगुनी आय सुनिश्चित होगी।
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