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शरदकालीन गन्ना बुवाई 2026: ट्रेंच विधि और सह-फसली खेती से पाएं 25% ज्यादा पैदावार — पूरी गाइड

Randhir Patil Randhir Patil Aug 24, 2026 5 min read
शरदकालीन गन्ना बुवाई 2026: ट्रेंच विधि और सह-फसली खेती से पाएं 25% ज्यादा पैदावार — पूरी गाइड
अंतिम अपडेट: August 24, 2026 12:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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गन्ना किसानों के लिए सितंबर का दूसरा पखवाड़ा और अक्टूबर का महीना साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसे शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Sugarcane Planting) कहा जाता है। कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों का अनुभव बताता है कि वसंतकालीन (फरवरी-मार्च) बुवाई की तुलना में शरदकालीन बुवाई करने से गन्ने की पैदावार में 20% से 30% की जबरदस्त वृद्धि होती है।

शरदकालीन बुवाई का सबसे बड़ा फायदा यह है कि गन्ने की फसल को बढ़वार के लिए 3-4 महीने का अतिरिक्त समय मिल जाता है और किसान गन्ने की दो लाइनों के बीच में सह-फसली (Intercropping) के रूप में सरसों, आलू, मटर, लहसुन, गोभी या धनिया लगाकर अतिरिक्त ₹40,000 से ₹60,000 प्रति एकड़ का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आधुनिक ट्रेंच विधि (Trench Method) से शरदकालीन गन्ने की वैज्ञानिक बुवाई कैसे करें।


शरदकालीन बुवाई के 5 बड़े लाभ

  1. अधिक पैदावार और कल्ले (Tillering): अनुकूल तापमान के कारण प्रति पौधे 8 से 12 मजबूत कल्ले निकलते हैं। गन्ने की औसत पैदावार 450 से 550 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच जाती है।
  2. अधिक चीनी रिकवरी: शरदकालीन गन्ने में सुक्रोज (शर्करा) की मात्रा 1.5% से 2% अधिक होती है, जिससे मिल में वजन और तौल अच्छा मिलता है।
  3. पानी और खाद की 30% बचत: ट्रेंच विधि में केवल नाली में पानी दिया जाता है, जिससे खरपतवार कम होते हैं और पानी की भारी बचत होती है।
  4. सह-फसली से दोहरा मुनाफा: गन्ने की मुख्य फसल के खर्च की भरपाई सह-फसली (सरसों/आलू) से ही हो जाती है, जिससे गन्ने का पूरा पैसा शुद्ध बचत बन जाता है।
  5. कीट-रोगों का कम प्रकोप: अक्टूबर में तापमान कम होने के कारण अंकुरण के समय दीमक और तना छेदक का हमला बहुत कम होता है।

उपयुक्त समय (Best Sowing Time)


उपयुक्त किस्में (Best Varieties)

श्रेणीअनुशंसित किस्मेंविशेषताएं
अगेती किस्में (Early Varieties)CoS 17231, CoLk 16202, Co 15023, Co 0118लाल सड़न रोधी, भारी वजन, 10-12 माह में परिपक्व
मध्यम/देर से पकने वालीCoPant 97222, Co 05011भारी जमीन व जलभराव सहने में सक्षम

ट्रेंच विधि से बुवाई: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

स्टेप 1: खेत की तैयारी

खेत की 2-3 बार गहरी जुताई करें। आखिरी जुताई से पहले प्रति एकड़ 4 से 6 ट्रॉली अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद या 10 क्विंटल प्रेसमड खाद समान रूप से फैलाकर मिला दें।

स्टेप 2: ट्रेंच (नाली) बनाना

स्टेप 3: बीज चयन और कटाई

स्टेप 4: बीज शोधन (Seed Treatment - अति आवश्यक)

बीज जनित फंगस और लाल सड़न से बचाव के लिए टुकड़ों को उपचारित करें:


खाद एवं उर्वरक प्रबंधन (प्रति एकड़ डोज)

बुवाई के समय नाली की तली में उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करें:

उर्वरक का नामप्रति एकड़ मात्रा (बुवाई के समय)
DAP (डाई अमोनियम फास्फेट)1 बोरी (50 किग्रा)
MOP (म्यूरेट ऑफ पोटाश)1 बोरी (50 किग्रा)
यूरिया (Urea)1 बोरी (45 किग्रा - आधा बुवाई पर, आधा 60 दिन बाद)
जिंक सल्फेट (Zinc 33%)10 किग्रा
फर्टेरा / कोराजन दानेदार (कीट सुरक्षा हेतु)4 किग्रा

गन्ने के साथ सह-फसली (Intercropping) खेती कैसे करें?

गन्ने की दो नालियों के बीच खाली 4-5 फीट जगह पर आप निम्नलिखित फसलें सफलता से ले सकते हैं:

[गन्ना नाली] ---- 4 फीट खाली जगह (सह-फसली) ---- [गन्ना नाली]
                      ↓↓↓
             [सरसों की 2 लाइनें] 
                   - अथवा -
             [आलू की 1-2 मेड़]
                   - अथवा -
             [लहसुन / धनिया की क्यारियां]

टॉप 4 सह-फसली विकल्प:

  1. गन्ना + सरसों (Mustard): पीली सरसों (पूसा सरसों 28 या कल्याणी) की 2 लाइनें लगाएं। 70-80 दिन में सरसों कट जाएगी (4-6 कुं/एकड़) और गन्ने की बढ़वार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
  2. गन्ना + आलू (Potato): कुफरी पुखराज या कुफरी ख्याति जैसी अगेती आलू की प्रजाति लगाएं। 60-70 दिन में आलू की खुदाई हो जाती है।
  3. गन्ना + लहसुन / प्याज: लहसुन की बुवाई से गन्ने में कीट नहीं लगते और लहसुन का शानदार बाजार भाव मिलता है।
  4. गन्ना + मटर (Vegetable Pea): मटर की फसल जमीन में नाइट्रोजन फिक्स करती है, जिससे गन्ने को प्राकृतिक खाद मिलती है।

सिंचाई और देखभाल


निष्कर्ष

यदि आप इस बार पारंपरिक बुवाई छोड़कर ट्रेंच विधि और सह-फसली मॉडल अपनाते हैं, तो कम पानी, कम बीज और कम मजदूरी में दोगुनी आय सुनिश्चित होगी।

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Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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