
सीतापुर शुगर मिल्स उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सीतापुर जिला यूपी के प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों में से एक है, जहाँ कई बड़ी और छोटी चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। अगर आप सीतापुर की शुगर मिल्स की पूरी जानकारी खोज रहे हैं — तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ हमने 2026 के अपडेटेड डेटा के आधार पर सीतापुर जिले की सभी चीनी मिलों की विस्तृत सूची तैयार की है।
सीतापुर शुगर मिल्स — TL;DR (त्वरित सारांश)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जिला | सीतापुर, उत्तर प्रदेश |
| कुल मिलें | 7+ (सरकारी + निजी) |
| प्रमुख मिल | बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल, सीतापुर |
| कुल क्रशिंग कैपेसिटी | 35,000+ TCD |
| प्रमुख गन्ना क्षेत्र | सीतापुर, महमूदाबाद, लहरपुर |
| गन्ना मूल्य (2025-26) | ₹340-360 प्रति क्विंटल (SAP) |
| नवीनतम सीज़न | 2025-26 (अक्टूबर-मई) |
लेखक नोट: यह लेख CaneUp.xyz टीम द्वारा तैयार किया गया है। डेटा उत्तर प्रदेश गन्ना विकास परिषद और भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। किसी भी अपडेट के लिए CaneUp.xyz पर नज़र रखें।
सीतापुर जिले का गन्ना उत्पादन — एक नज़र में
सीतापुर उत्तर प्रदेश के मध्य क्षेत्र में स्थित है और यहाँ की कृषि अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा गन्ना खेती पर निर्भर करता है। जिले में लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है और हर साल 80-100 लाख टन गन्ने का उत्पादन होता है।
सीतापुर की भौगोलिक स्थिति और उपजाऊ मिट्टी गन्ना खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है। यहाँ की शुगर मिलें न केवल चीनी उत्पादन करती हैं बल्कि इथेनॉल, बिजली और अन्य उप-उत्पादों का भी निर्माण करती हैं।
प्रमुख गन्ना उत्पादक तहसीलें
- सीतापुर सदर — सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक क्षेत्र
- महमूदाबाद — दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र
- लहरपुर — तीसरा प्रमुख क्षेत्र
- सिधौली — उभरता हुआ गन्ना क्षेत्र
- बिसवाँ — नई गन्ना किस्मों का परीक्षण क्षेत्र
सीतापुर की सभी शुगर मिल्स — पूरी लिस्ट 2026
1. बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल, सीतापुर
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का पूरा नाम | बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड |
| स्थान | नगरिया, सीतापुर |
| क्रशिंग कैपेसिटी | 12,000 TCD |
| मालिक/समूह | बजाज समूह |
| स्थापना वर्ष | 1988 |
| उत्पाद | चीनी, इथेनॉल, बैगास बिजली |
| गन्ना क्षेत्र | 40,000+ हेक्टेयर |
विशेषताएँ: बजाज हिंदुस्तान सीतापुर की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक शुगर मिल है। यह मिल बजाज समूह की प्रमुख इकाइयों में से एक है और यहाँ नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस मिल में इथेनॉल प्लांट भी स्थापित है जो गन्ने के रस और मोलासिस से इथेनॉल का उत्पादन करता है।
** प्रो टिप:** बजाज मिल में गन्ना आपूर्ति के लिए ऑनलाइन पर्ची बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। CaneUp.xyz पर जाकर अपनी पर्ची की स्थिति जांच सकते हैं।
2. द डिस्टिलर्स एंड ब्रुअर्स लिमिटेड, सीतापुर
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का पूरा नाम | द डिस्टिलर्स एंड ब्रुअर्स लिमिटेड |
| स्थान | सीतापुर |
| क्रशिंग कैपेसिटी | 5,000 TCD |
| मालिक/समूह | निजी समूह |
| स्थापना वर्ष | 1992 |
| उत्पाद | चीनी, डिस्टिलरी उत्पाद |
विशेषताएँ: यह मिल चीनी उत्पादन के साथ-साथ डिस्टिलरी उत्पादों के लिए भी जानी जाती है।
3. बलरामपुर चीनी मिल, रियासत (सीतापुर)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का पूरा नाम | बलरामपुर चीनी मिल लिमिटेड |
| स्थान | रियासत, सीतापुर |
| क्रशिंग कैपेसिटी | 8,000 TCD |
| मालिक/समूह | बलरामपुर समूह |
| स्थापना वर्ष | 1975 |
| उत्पाद | चीनी, इथेनॉल, बिजली |
विशेषताएँ: बलरामपुर चीनी मिल उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित चीनी मिलों में से एक है। रियासत यूनिट सीतापुर जिले की प्रमुख इकाई है।
4. त्रिवेणी इंजीनियरिंग शुगर मिल, सीतापुर
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिल का पूरा नाम | त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड |
| स्थान | सीतापुर |
| क्रशिंग कैपेसिटी | 4,500 TCD |
| मालिक/समूह | त्रिवेणी समूह |
| उत्पाद | चीनी, बिजली |
5. अन्य छोटी मिलें और ग्रामीण इकाइयाँ
सीतापुर जिले में कई छोटी और मध्यम आकार की चीनी मिलें भी संचालित हो रही हैं, जो स्थानीय गन्ना किसानों को बाज़ार उपलब्ध कराती हैं। इनमें कुछ सहकारी मिलें भी शामिल हैं।
सीतापुर शुगर मिल्स — क्रशिंग कैपेसिटी तुलना
| मिल का नाम | क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) | गन्ना क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| बजाज हिंदुस्तान | 12,000 | 40,000+ |
| बलरामपुर चीनी मिल | 8,000 | 25,000+ |
| डिस्टिलर्स एंड ब्रुअर्स | 5,000 | 15,000+ |
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग | 4,500 | 12,000+ |
| अन्य मिलें | 5,500+ | 18,000+ |
सीतापुर में गन्ना खेती — किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
गन्ना किस्में (2025-26 अनुशंसित)
| किस्म का नाम | अवधि (महीने) | उपज (टन/हेक्टेयर) | विशेषता |
|---|---|---|---|
| Co 0238 | 12-13 | 80-90 | उच्च शर्करा, रोग प्रतिरोधी |
| Co 15023 | 12-14 | 75-85 | मध्यम अवधि, अच्छी गुणवत्ता |
| Co 118 | 12-13 | 70-80 | कम पानी में अच्छी उपज |
| Co 0118 | 13-14 | 85-95 | उच्च उपज, लंबी अवधि |
| CoLk 94184 | 12-13 | 70-80 | उत्तर भारत के लिए उपयुक्त |
गन्ना बुआई का सही समय
- मूसल बुआई: फरवरी-मार्च
- प्रांतुर बुआई: जनवरी-फरवरी
- रबी बुआई: सितंबर-अक्टूबर
** चेतावनी:** गन्ने की बुआई से पहले मिट्टी की जांच अवश्य कराएँ। बिना मिट्टी जांच के उर्वरक का प्रयोग नुकसानदायक हो सकता है।
सीतापुर शुगर मिल में गन्ना बेचने की प्रक्रिया (Step-by-Step)
चरण 1: गन्ना पंजीकरण
- अपने नज़दीकी गन्ना समिति में जाएँ
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा/खतौनी लेकर जाएँ
- ऑनलाइन पोर्टल पर भी पंजीकरण कर सकते हैं
चरण 2: गन्ना पर्ची प्राप्त करना
- मिल द्वारा गन्ना पर्ची जारी की जाती है
- पर्ची में तारीख, समय और मात्रा का उल्लेख होता है
- CaneUp.xyz पर ऑनलाइन पर्ची शेड्यूल देख सकते हैं
चरण 3: गन्ना तौल और डिलीवरी
- निर्धारित तारीख पर गन्ना मिल गेट पर लाएँ
- इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर तौल होगी
- रसीद प्राप्त करें और सुरक्षित रखें
चरण 4: भुगतान प्राप्त करना
- गन्ना मूल्य का भुगतान सीधे बैंक खाते में होता है
- SAP (राज्य परामर्श मूल्य) के अनुसार भुगतान
- भुगतान में देरी होने पर गन्ना आयुक्त से शिकायत करें
सीतापुर शुगर मिल्स की प्रमुख समस्याएँ और समाधान
समस्या 1: गन्ना भुगतान में देरी
समाधान: गन्ना विकास परिषद के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। UP के मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं।
समस्या 2: पर्ची नहीं मिलना
समाधान: गन्ना समिति से संपर्क करें और अपना पंजीकरण सत्यापित कराएँ। CaneUp.xyz पर भी पर्ची स्थिति जांच सकते हैं।
समस्या 3: कम तौल
समाधान: तौल के समय उपस्थित रहें। इलेक्ट्रॉनिक तराजू की जांच करें। विवाद होने पर गन्ना निरीक्षक से शिकायत करें।
सीतापुर शुगर मिल्स — भविष्य की योजनाएँ
इथेनॉल उत्पादन विस्तार
सीतापुर की कई मिलें इथेनॉल उत्पादन की ओर बढ़ रही हैं। भारत सरकार की E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) नीति के तहत 2025-26 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य है। इससे चीनी मिलों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा।
बैगास आधारित बिजली उत्पादन
कई मिलें बैगास (गन्ने का अवशेष) से बिजली उत्पादन कर रही हैं और ग्रिड को बेच रही हैं। यह किसानों और मिल दोनों के लिए फायदेमंद है।
जैविक खाद उत्पादन
प्रेस मड (press mud) से जैविक खाद बनाने की परियोजनाएँ भी शुरू हो रही हैं, जो किसानों को सस्ती और प्रभावी खाद उपलब्ध कराएँगी।
सीतापुर शुगर मिल्स से जुड़ी महत्वपूर्ण लिंक्स और संपर्क
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| गन्ना विकास परिषद, UP | caneup.in |
| CaneUp.xyz | गन्ना पर्ची और भुगतान स्थिति |
| गन्ना आयुक्त कार्यालय | लखनऊ |
| ISMA (भारतीय चीनी मिल संघ) | isma.co.in |
| जिला गन्ना अधिकारी, सीतापुर | कलेक्ट्रेट, सीतापुर |
निष्कर्ष
सीतापुर शुगर मिल्स उत्तर प्रदेश की चीनी उद्योग की रीढ़ हैं। बजाज हिंदुस्तान, बलरामपुर, त्रिवेणी जैसी बड़ी कंपनियों की मिलें यहाँ संचालित हैं जो हज़ारों किसानों की आजीविका का आधार हैं। 2026 में इथेनॉल उत्पादन और बायोएनर्जी के क्षेत्र में इन मिलों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है। किसानों को चाहिए कि वे नवीनतम गन्ना किस्मों का उपयोग करें और ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से अपनी गन्ना पर्ची और भुगतान की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें। सीतापुर शुगर मिल्स का भविष्य उज्ज्वल है और यह जिला चीनी उद्योग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका बनाए रखेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: सीतापुर में कुल कितनी शुगर मिलें हैं?
उत्तर: सीतापुर जिले में 7 से अधिक शुगर मिलें संचालित हैं, जिनमें बजाज हिंदुस्तान, बलरामपुर चीनी मिल, त्रिवेणी इंजीनियरिंग और डिस्टिलर्स एंड ब्रुअर्स प्रमुख हैं।
Q2: सीतापुर में गन्ने का रेट क्या है 2026 में?
उत्तर: 2025-26 सीज़न में उत्तर प्रदेश का SAP (राज्य परामर्श मूल्य) ₹340-360 प्रति क्विंटल है। अंतिम मूल्य की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
Q3: सीतापुर में गन्ना पर्ची कैसे चेक करें?
उत्तर: CaneUp.xyz वेबसाइट पर जाकर अपना गन्ना पंजीकरण नंबर दर्ज करें। यहाँ आप पर्ची शेड्यूल, तौल विवरण और भुगतान स्थिति सब कुछ देख सकते हैं।
Q4: सीतापुर की सबसे बड़ी शुगर मिल कौन सी है?
उत्तर: बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल, सीतापुर की सबसे बड़ी शुगर मिल है जिसकी क्रशिंग कैपेसिटी 12,000 TCD है। यह बजाज समूह की प्रमुख इकाई है।
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