
उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र 2026-27 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। गन्ना आयुक्त कार्यालय, लखनऊ के सख्त आदेशानुसार राज्य की सभी गन्ना विकास समितियों में ‘गन्ना सट्टा मेला एवं प्री-कैलेंडर आपत्ति निस्तारण’ शिविर युद्धस्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।
यदि किसी किसान के सर्वे में त्रुटि रह गई और समय रहते सट्टा संशोधन (Satta Correction) नहीं कराया गया, तो इसका सीधा असर उनकी गन्ना पर्चियों और भुगतान पर पड़ेगा:
- रकबा कम दर्ज होने पर पर्चियां 30% से 50% तक कट जाएंगी।
- किस्म गलत होने पर (जैसे अगेती को सामान्य लिख दिया) मिल में अगेती भाव का नुकसान हो सकता है।
- बैंक खाता या आधार संख्या गलत होने पर डीबीटी भुगतान (Direct Benefit Transfer) बैंक द्वारा रिजेक्ट हो जाएगा।
आइए जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान अपने सट्टे में रकबा, प्रजाति, मोबाइल नंबर और बैंक खाते का संशोधन कैसे और कहाँ करा सकते हैं।
🔍 सट्टे में किन-किन गलतियों का संशोधन संभव है?
गन्ना विकास विभाग की नियमावली के अनुसार किसान निम्नलिखित 5 प्रमुख बिंदुओं पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं:
- रकबा संशोधन (Area Discrepancy): किसान ने 10 बीघा गन्ना बोया था, लेकिन सर्वेक्षक द्वारा 6 बीघा ही दर्ज किया गया।
- प्रजाति सुधार (Variety Correction): खेत में Co 0118 या Co 15023 अगेती किस्म लगी है, लेकिन रिकॉर्ड में सामान्य या Co 0238 दर्ज हो गई।
- पौधा/पेड़ी सुधार (Plant/Ratoon Ratio): पेड़ी गन्ने को पौधा या पौधे को पेड़ी चढ़ा दिया गया हो।
- आधार कार्ड व मोबाइल नंबर शुद्धिकरण (e-KYC): जिस नंबर पर पर्ची का एसएमएस आना है, वह बंद हो चुका है या परिवार के अन्य सदस्य का मोबाइल नंबर जोड़ना है।
- बैंक खाता व IFSC कोड सुधार: बैंक विलय (Merger) के कारण IFSC कोड बदल गया हो या खाता संख्या में त्रुटि हो।
📑 सट्टा संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Document Checklist)
गन्ना समिति कार्यालय जाने से पहले किसान भाइयों को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी तैयार रखनी चाहिए:
| क्रम संख्या | आवश्यक दस्तावेज | विवरण / महत्व |
|---|---|---|
| 1 | सट्टा संशोधन आवेदन पत्र | समिति काउंटर पर मिलने वाला निर्धारित प्रारूप |
| 2 | खतौनी की नई प्रमाणित नकल | वर्तमान वर्ष (2026) की राजस्व खतौनी |
| 3 | गन्ना घोषणा पत्र (Declaration Form) | ऑनलाइन भरे गए घोषणा पत्र की प्रिंट कॉपी |
| 4 | आधार कार्ड की फोटोकॉपी | सट्टाधारक किसान का स्पष्ट आधार कार्ड |
| 5 | बैंक पासबुक या कैंसिल चेक | जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड साफ दिखे |
| 6 | सर्वे पर्ची / जीपीएस सर्वे रसीद | मई-जून में सर्वेक्षक द्वारा दी गई रसीद |
📝 ऑफलाइन सट्टा संशोधन की 4-चरणीय प्रक्रिया (Step-by-Step)
चरण 1: प्री-कैलेंडर में त्रुटि की पहचान करें
सबसे पहले enquiry.caneup.in पर जाकर या समिति के सूचना पट्ट पर चस्पा ‘प्री-कैलेंडर’ में अपने नाम, पिता का नाम, आवंटित रकबा (पेड़ी + पौधा), बेसिक कोटा और बैंक विवरण की जांच करें।
चरण 2: संशोधन फॉर्म भरें
समिति से ‘आपत्ति एवं सट्टा संशोधन प्रार्थना पत्र’ प्राप्त करें। फॉर्म में:
- अपना गन्ना समिति का नाम और मिल का नाम लिखें।
- ग्राम कोड और कृषक कोड (Grower Code) स्पष्ट रूप से दर्ज करें।
- किस कॉलम में गलती है (उदा. सर्वे रकबा 0.820 हे. के स्थान पर 1.450 हे. किया जाए) का स्पष्ट उल्लेख करें।
चरण 3: गन्ना पर्यवेक्षक (Cane Supervisor) की रिपोर्ट
फॉर्म भरकर अपने क्षेत्र के हल्का गन्ना पर्यवेक्षक (Supervisor) से मिलें। पर्यवेक्षक मौके पर जाकर या अपने जीपीएस सर्वे रजिस्टर से मिलान करके फॉर्म पर अपनी संस्तुति (Verification Sign & Stamp) दर्ज करेगा।
चरण 4: समिति कंप्यूटर ऑपरेटर के पास जमा व रसीद
हल्का पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर के बाद फॉर्म को समिति के मुख्य कंप्यूटर ऑपरेटर कक्ष में जमा करें। ऑपरेटर ERP सॉफ्टवेयर में तत्काल डाटा अपडेट करेगा और आपको ‘आपत्ति पंजीकरण संख्या’ (Objection Receipt No.) प्रदान करेगा।
[!WARNING] बिना पावती रसीद (Receiving Slip) लिए फॉर्म छोड़कर न आएं। यह रसीद इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि आपने समय-सीमा के भीतर संशोधन की मांग की थी।
🌐 ऑनलाइन e-KYC व मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें?
यदि केवल मोबाइल नंबर या आधार लिंक कराना है, तो इसके लिए समिति के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है:
- enquiry.caneup.in पर जाकर अपना किसान कोड खोलें।
- टॉप मेन्यू में ’e-KYC / मोबाइल संशोधन’ विकल्प पर क्लिक करें।
- सट्टाधारक किसान का आधार नंबर दर्ज करें।
- आधार से लिंक मोबाइल पर आए OTP को सत्यापित करें।
- नया मोबाइल नंबर दर्ज कर सबमिट करें। 24 घंटे के भीतर आपका नंबर अपडेट हो जाएगा।
⚖️ रकबा विवाद में राजस्व लेखपाल व गन्ना विकास निरीक्षक की भूमिका
यदि किसी किसान का पारिवारिक भूमि विवाद है या खतौनी में सह-खातेदार हैं:
- गन्ना आयुक्त के आदेशानुसार प्रत्येक सह-खातेदार को उसके हिस्से के अनुसार ही सट्टा रखने की अनुमति है।
- यदि किसी भाई या पट्टीदार ने आपके हिस्से का रकबा अपने सट्टे में दर्ज करा लिया है, तो आप ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (CDI / SCDI) के समक्ष 100 रुपये के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र देकर जांच की मांग कर सकते हैं।
- राजस्व लेखपाल और गन्ना पर्यवेक्षक की संयुक्त टीम मौके पर पैमाइश कर रकबे का सही बंटवारा करेगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्र.1: क्या सट्टा संशोधन के लिए कोई सरकारी शुल्क लगता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। उत्तर प्रदेश सरकार और गन्ना विकास विभाग द्वारा सट्टा संशोधन व आपत्ति निस्तारण पूर्णतः निःशुल्क (Free of Cost) है। यदि कोई कर्मचारी या बिचौलिया पैसे की मांग करता है, तो टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर तुरंत शिकायत करें।
प्र.2: क्या Co 0238 प्रजाति को कागज पर Co 0118 कराया जा सकता है?
उत्तर: कतई नहीं। गन्ना पर्यवेक्षक खेत में खड़े गन्ने का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करते हैं। गलत प्रजाति लिखवाने पर सट्टा सील (Blacklist) किया जा सकता है। जो किस्म वास्तव में खेत में खड़ी है, वही दर्ज करानी चाहिए।
प्र.3: यदि अंतिम तिथि निकल जाए तो क्या बाद में सुधार हो सकता है?
उत्तर: अंतिम तिथि के बाद केवल जिला गन्ना अधिकारी (DCO) के विशेष आदेश से ही मानवीय आधार पर संशोधन संभव होता है। अतः समय रहते समिति में जाकर फॉर्म जमा कर दें।
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