
उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना भुगतान न करने वाली 3 चीनी मिलों का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला किसानों के हित में लिया गया है।
| मिल का नाम | जिला | बकाया राशि |
|---|---|---|
| मिल A | जिला X | ₹200 करोड़ |
| मिल B | जिला Y | ₹150 करोड़ |
| मिल C | जिला Z | ₹100 करोड़ |
कुल बकाया: ₹450 करोड़
गन्ना मंत्री ने कहा:
“किसानों का पैसा रोकना अपराध है। जो मिलें 14 दिन में भुगतान नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
लाइसेंस सस्पेंड होने से मिलें जल्दी भुगतान करेंगी।
बाकी मिलें भी समय पर भुगतान करेंगी — डर से।
सरकार किसानों के साथ है — यह संदेश गया।
| मिल | बकाया % | बकाया राशि |
|---|---|---|
| छोटी मिल 1 | 60% | ₹300 करोड़ |
| छोटी मिल 2 | 55% | ₹250 करोड़ |
| छोटी मिल 3 | 50% | ₹200 करोड़ |
| मिल | भुगतान % | बकाया |
|---|---|---|
| बजाज हिंदुस्तान | 95% | ₹500 करोड़ |
| बलरामपुर चिनी | 90% | ₹800 करोड़ |
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग | 88% | ₹600 करोड़ |
UP सरकार का यह फैसला किसानों के हित में है। जो मिलें भुगतान नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। CaneUp पर बने रहें — हर अपडेट सबसे पहले!
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