
उत्तर प्रदेश की सभी शुगर मिल्स की लिस्ट 2026 — अगर आप उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलों की जिलेवार पूरी जानकारी खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है और यहाँ 100 से अधिक चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश की सभी शुगर मिल्स की विस्तृत जानकारी — जिलेवार, समूहवार, क्रशिंग कैपेसिटी, इथेनॉल प्लांट, बिजली उत्पादन और किसानों के लिए महत्वपूर्ण तथ्य — प्रस्तुत की है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| कुल शुगर मिलें | 100+ |
| कुल क्रशिंग कैपेसिटी | 7,00,000+ TCD |
| कुल चीनी उत्पादन | 1.2 करोड़ टन+ |
| इथेनॉल उत्पादन क्षमता | 4,000+ KLPD |
| बिजली उत्पादन | 3,000+ MW |
| कुल किसान | 45 लाख+ |
| प्रमुख समूह | बजाज, बलरामपुर, त्रिवेणी, डालमिया |
लेखक नोट: यह लेख CaneUp.xyz टीम द्वारा तैयार किया गया है। डेटा उत्तर प्रदेश गन्ना विकास परिषद, ISMA और चीनी मिलों की आधिकारिक रिपोर्ट पर आधारित है।
उत्तर प्रदेश में चीनी उद्योग का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है। 1930 के दशक में यहाँ पहली आधुनिक चीनी मिल स्थापित हुई थी। स्वतंत्रता के बाद सरकार ने चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ बनाईं और नई मिलों की स्थापना की।
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| कुल चीनी मिलें | 100+ |
| सरकारी/सहकारी मिलें | 25+ |
| निजी मिलें | 75+ |
| कुल क्रशिंग कैपेसिटी | 7,00,000+ TCD |
| कुल चीनी उत्पादन | 1.2 करोड़ टन+ |
| औसत रिकवरी रेट | 10.5-11.5% |
| इथेनॉल उत्पादन क्षमता | 4,000+ KLPD |
| बिजली उत्पादन | 3,000+ MW |
| कुल किसान | 45 लाख+ |
पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक क्षेत्र है। यहाँ सबसे अधिक चीनी मिलें स्थित हैं।
प्रमुख जिले: मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल, बरेली, बदायूँ, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, हापुड़, बागपत, रामपुर
कुल मिलें: 50+
मध्य उत्तर प्रदेश में भी गन्ना उत्पादन अच्छा होता है और कई महत्वपूर्ण चीनी मिलें यहाँ स्थित हैं।
प्रमुख जिले: सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, फैजाबाद
कुल मिलें: 25+
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन बढ़ रहा है और नई मिलें स्थापित हो रही हैं।
प्रमुख जिले: गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, महाराजगंज, गोंडा, बस्ती
कुल मिलें: 20+
बुंदेलखंड क्षेत्र में गन्ना उत्पादन सीमित है, लेकिन कुछ मिलें यहाँ भी संचालित हैं।
प्रमुख जिले: झाँसी, बाँदा, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर
कुल मिलें: 5+
| मिल का नाम | स्थान | क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) | इथेनॉल (KLPD) |
|---|---|---|---|
| बजाज हिंदुस्तान | मुजफ्फरनगर | 15,000 | 200+ |
| बजाज हिंदुस्तान | सीतापुर | 12,000 | 150+ |
| बजाज हिंदुस्तान | लखीमपुर खीरी | 10,000 | 120+ |
| बजाज हिंदुस्तान | बिजनौर | 8,000 | 100+ |
कुल क्रशिंग कैपेसिटी: 45,000 TCD कुल इथेनॉल क्षमता: 570+ KLPD
| मिल का नाम | स्थान | क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) | इथेनॉल (KLPD) |
|---|---|---|---|
| बलरामपुर चीनी मिल | रियासत (सीतापुर) | 8,000 | 150+ |
| बलरामपुर चीनी मिल | महाराजगंज | 7,000 | 100+ |
| बलरामपुर चीनी मिल | गोंडा | 6,000 | 80+ |
कुल क्रशिंग कैपेसिटी: 21,000 TCD कुल इथेनॉल क्षमता: 330+ KLPD
| मिल का नाम | स्थान | क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) | इथेनॉल (KLPD) |
|---|---|---|---|
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग | अमरोहा | 8,000 | 100+ |
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग | मुजफ्फरनगर | 8,000 | 100+ |
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग | सीतापुर | 4,500 | 50+ |
कुल क्रशिंग कैपेसिटी: 20,500 TCD कुल इथेनॉल क्षमता: 250+ KLPD
| मिल का नाम | स्थान | क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) | इथेनॉल (KLPD) |
|---|---|---|---|
| डालमिया शुगर | मुजफ्फरनगर | 6,000 | 80+ |
| डालमिया शुगर | लखीमपुर खीरी | 5,000 | 60+ |
कुल क्रशिंग कैपेसिटी: 11,000 TCD कुल इथेनॉल क्षमता: 140+ KLPD
| मिल का नाम | स्थान | क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) | इथेनॉल (KLPD) |
|---|---|---|---|
| सिम्भावली शुगर मिल्स | बिजनौर | 11,000 | 100+ |
| समूह | कुल मिलें | कुल क्रशिंग कैपेसिटी (TCD) |
|---|---|---|
| केसर समूह | 2-3 | 10,000+ |
| राणा समूह | 1-2 | 7,500+ |
| डीसीएम श्रीराम | 2-3 | 12,000+ |
| स्थानीय/सहकारी | 60+ | 3,00,000+ |
| क्रम | मिल का नाम | स्थान | इथेनॉल कैपेसिटी (KLPD) |
|---|---|---|---|
| 1 | बजाज हिंदुस्तान | मुजफ्फरनगर | 200+ |
| 2 | बलरामपुर चीनी मिल | रियासत | 150+ |
| 3 | बजाज हिंदुस्तान | सीतापुर | 150+ |
| 4 | बजाज हिंदुस्तान | लखीमपुर खीरी | 120+ |
| 5 | त्रिवेणी इंजीनियरिंग | अमरोहा | 100+ |
| 6 | त्रिवेणी इंजीनियरिंग | मुजफ्फरनगर | 100+ |
| 7 | सिम्भावली शुगर मिल्स | बिजनौर | 100+ |
| 8 | बजाज हिंदुस्तान | बिजनौर | 100+ |
| 9 | बलरामपुर चीनी मिल | महाराजगंज | 100+ |
| 10 | राणा शुगर | बाराबंकी | 60+ |
भारत सरकार ने 2025-26 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए:
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| कुल गन्ना किसान | 45 लाख+ |
| छोटे किसान (2 हेक्टेयर से कम) | 65% |
| मध्यम किसान (2-5 हेक्टेयर) | 28% |
| बड़े किसान (5 हेक्टेयर से अधिक) | 7% |
| कुल गन्ना क्षेत्र | 25 लाख+ हेक्टेयर |
| औसत उपज | 55-70 टन/हेक्टेयर |
| वर्ष | कुल गन्ना मूल्य (₹ करोड़) | भुगतान स्थिति |
|---|---|---|
| 2023-24 | 35,000+ | 90%+ भुगतान |
| 2024-25 | 38,000+ | 85%+ भुगतान |
| 2025-26 | 40,000+ (अनुमानित) | चालू सीज़न |
⚠️ चेतावनी: गन्ना भुगतान में देरी होने पर गन्ना विकास परिषद और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
💡 प्रो टिप: CaneUp.xyz पर उत्तर प्रदेश की सभी शुगर मिल्स की गन्ना पर्ची और भुगतान स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
| योजना | लक्ष्य |
|---|---|
| कुल क्रशिंग कैपेसिटी | 8,00,000+ TCD |
| इथेनॉल उत्पादन | 5,000+ KLPD |
| बिजली उत्पादन | 4,000+ MW |
| 2G इथेनॉल प्लांट | 50+ |
| डिजिटलीकरण | 100% |
| जैविक खाद उत्पादन | 10 लाख टन/वर्ष |
उत्तर प्रदेश की सभी शुगर मिल्स की लिस्ट 2026 भारत के चीनी उद्योग का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है। 100 से अधिक चीनी मिलों, 45 लाख+ किसानों और 7,00,000+ TCD क्रशिंग कैपेसिटी के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है। 2026 में इथेनॉल उत्पादन और बायोएनर्जी के क्षेत्र में UP की चीनी मिलों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। बजाज, बलरामपुर, त्रिवेणी, डालमिया जैसे बड़े समूहों के साथ-साथ स्थानीय और सहकारी मिलें भी किसानों की सेवा कर रही हैं। भविष्य में डिजिटलीकरण, इथेनॉल उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में UP की चीनी मिलों का योगदान और भी बढ़ने वाला है।
उत्तर: उत्तर प्रदेश में 100 से अधिक शुगर मिलें संचालित हैं, जिनमें सरकारी, निजी और सहकारी मिलें शामिल हैं। कुल क्रशिंग कैपेसिटी 7,00,000+ TCD है।
उत्तर: बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल, मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शुगर मिल है जिसकी क्रशिंग कैपेसिटी 15,000 TCD है।
उत्तर: 2025-26 सीज़न में उत्तर प्रदेश का SAP ₹340-350 प्रति क्विंटल है। सामान्य गन्ने के लिए ₹340 और अगेती किस्म के लिए ₹350 प्रति क्विंटल है।
उत्तर: CaneUp.xyz पर जाकर अपना गन्ना पंजीकरण नंबर दर्ज करें। यहाँ आप पर्ची शेड्यूल, तौल विवरण और भुगतान स्थिति सब कुछ देख सकते हैं। यह सुविधा उत्तर प्रदेश की सभी शुगर मिल्स के लिए उपलब्ध है।
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