
उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए खेतों में लहलहाता गन्ना केवल एक फसल नहीं, बल्कि उनकी दीवाली, बच्चों की स्कूल फीस और रबी बुवाई (गेहूं) का एकमात्र आधार है। हर साल सितंबर आते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर) से लेकर अवध और पूर्वांचल तक एक ही सवाल हवा में तैरने लगता है — “हमारी चीनी मिल इस साल किस तारीख को चालू होगी?”
जल्दी मिल चलने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि किसान अपनी अगेती पेड़ी को काटकर खेत खाली कर लेते हैं और समय पर 15 से 25 नवंबर के बीच गेहूं की बुवाई कर लेते हैं। यदि मिल चलने में देरी हो जाए, तो गेहूं की पछेती बुवाई होती है जिससे गेहूं की पैदावार में 25% तक की गिरावट आ जाती है।
गन्ना आयुक्त लखनऊ द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों और मिल प्रबंधन द्वारा निर्धारित ‘बॉयलर पूजा एवं स्टीम ट्रायल’ (Boiler Puja & Trial Schedule) के अनुसार राज्यभर की चीनी मिलों का क्षेत्रवार संभावित पेराई कैलेंडर सामने आ चुका है।
🏭 क्षेत्रवार पेराई सत्र 2026-27 का शेड्यूल (Zonal Crushing Schedule)
उत्तर प्रदेश को भौगोलिक एवं जलवायु के आधार पर तीन प्रमुख गन्ना परिक्षेत्रों में बांटा गया है:
| परिक्षेत्र (Region) | प्रमुख जिले | बॉयलर पूजा अवधि | पेराई शुरुआत (Crushing Start) |
|---|---|---|---|
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) | मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बिजनौर, सहारनपुर, बागपत, हापुड़, अमरोहा | 15 सितंबर – 30 सितंबर | 15 अक्टूबर – 28 अक्टूबर 2026 |
| मध्य उत्तर प्रदेश (Central / Terai UP) | लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं | 25 सितंबर – 10 अक्टूबर | 25 अक्टूबर – 05 नवंबर 2026 |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern UP / Purvanchal) | देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, गोरखपुर, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या | 05 अक्टूबर – 20 अक्टूबर | 05 नवंबर – 15 नवंबर 2026 |
📋 पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख चीनी मिलों का संभावित टाइम-टेबल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश का सबसे सघन गन्ना उत्पादक क्षेत्र है, जहां मिलें सबसे पहले शुरू होती हैं:
| चीनी मिल का नाम (Sugar Mill) | जिला | स्वामित्व | संभावित चलने की तारीख |
|---|---|---|---|
| खतौली (त्रिवेणी ग्रुप) | मुजफ्फरनगर | निजी | 20 अक्टूबर 2026 |
| मंसूरपुर (वेव इंडस्ट्रीज) | मुजफ्फरनगर | निजी | 22 अक्टूबर 2026 |
| टिकौला शुगर मिल | मुजफ्फरनगर | निजी | 24 अक्टूबर 2026 |
| दौराला शुगर मिल (DCM श्रीराम) | मेरठ | निजी | 20 अक्टूबर 2026 |
| मवाना शुगर वर्क्स | मेरठ | निजी | 22 अक्टूबर 2026 |
| शामली शुगर मिल (अपर दोआब) | शामली | निजी | 25 अक्टूबर 2026 |
| थानाभवन शुगर मिल | शामली | निजी | 24 अक्टूबर 2026 |
| ऊन शुगर मिल | शामली | निजी | 26 अक्टूबर 2026 |
| धामपुर शुगर मिल्स | बिजनौर | निजी | 18 अक्टूबर 2026 |
| स्योहारा शुगर मिल (अवध) | बिजनौर | निजी | 20 अक्टूबर 2026 |
| देवबंद शुगर मिल (त्रिवेणी) | सहारनपुर | निजी | 22 अक्टूबर 2026 |
| सिंभावली शुगर मिल | हापुड़ | निजी | 26 अक्टूबर 2026 |
| चंदनपुर शुगर मिल | अमरोहा | निजी | 22 अक्टूबर 2026 |
🎯 पहला इंडेंट (Indent) और पहली पर्ची किसे मिलेगी?
चीनी मिल शुरू होने से 48 घंटे पहले गन्ना समिति और मिल प्रबंधन द्वारा ‘पहला इंडेंट’ (Initial Indent) जारी किया जाता है। गन्ना आपूर्ति नीति 2026-27 के अनुसार पहली पर्चियों का आवंटन इन प्राथमिकताओं पर होता है:
- अगेती प्रजाति पेड़ी (Early Ratoon Priority): जिन किसानों के पास Co 0118, Co 15023 या अगेती प्रजाति की पेड़ी फसल खड़ी है, उन्हें पहली 5 पर्चियों में प्राथमिकता दी जाती है।
- गेहूं बुवाई वाले खेत (Wheat Sowing Plots): जिन किसानों को खेत खाली करके समय पर गेहूं बोना है, वे समिति में ‘अगेती मांग पत्र’ देकर अपना इंडेंट पहले सप्ताह में शिफ्ट करा सकते हैं।
- मिल गेट बनाम बाहरी क्रय केंद्र (Out-Centre): मिल गेट (Mill Gate) पर पेराई शुरू होने के 3 से 4 दिन बाद ही दूर-दराज के रोड सेंटरों (Purchase Centres) पर तौल शुरू की जाती है।
⚖️ ओवरहालिंग व घटतौली रोकने हेतु गन्ना आयुक्त के सख्त निर्देश
इस बार पेराई सत्र में किसानों के शोषण को रोकने के लिए गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने कड़े मानक लागू किए हैं:
- 30 सितंबर तक ओवरहालिंग सर्टिफिकेट: प्रत्येक मिल को जिला गन्ना अधिकारी (DCO) को शपथ पत्र देना होगा कि मिल की रोलर मिलिंग, बॉयलर और टरबाइन पूरी तरह दुरुस्त हैं, ताकि बीच सीजन में मिल ब्रेकडाउन न हो।
- 800 क्रय केंद्रों पर डिजिटल सीलिंग: पश्चिमी यूपी के सभी आउट-सेंटरों पर धर्मकांटों की डिजिटल जांच (Weight & Measures Inspection) होगी और तौल में 100 ग्राम की भी हेराफेरी पाए जाने पर तौल क्लर्क और मिल मालिक पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
- सीसीटीवी व लाइव वेबकास्टिंग: सभी मिल गेटों और मुख्य क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें सीधे eGanna कंट्रोल रूम लखनऊ से मॉनिटर किया जाएगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्र.1: यदि मिल समय पर न चले तो किसान कहाँ शिकायत करें?
उत्तर: यदि किसी मिल ने घोषित तारीख तक पेराई शुरू नहीं की, तो किसान सीधे अपने जिले के जिला गन्ना अधिकारी (DCO) कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं अथवा टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्र.2: क्या मिल चलने से पहले पर्ची का मैसेज आ जाता है?
उत्तर: हाँ, मिल में पेराई शुरू होने की निर्धारित तिथि से 3 दिन पहले ही eGanna App में पर्ची लाइव हो जाती है और किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेज दिया जाता है।
प्र.3: क्रय केंद्र (Purchase Centre) आवंटित होने की सूची कब तक आएगी?
उत्तर: गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा 25 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच ‘आरक्षण एवं आवंटन आदेश’ (Reservation Order) जारी किया जाता है, जिसके बाद पता चलता है कि किस गांव का गन्ना किस मिल या क्रय केंद्र पर जाएगा।
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