होम आर्टिकल्स यूपी चीनी मिल पेराई सत्र 2026-27: …

यूपी चीनी मिल पेराई सत्र 2026-27: पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश की 120 मिलें कब चलेंगी? बॉयलर पूजा तारीखें व पहला इंडेंट शेड्यूल

Aamir Raza Aamir Raza Sep 13, 2026 5 min read
यूपी चीनी मिल पेराई सत्र 2026-27: पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश की 120 मिलें कब चलेंगी? बॉयलर पूजा तारीखें व पहला इंडेंट शेड्यूल
अंतिम अपडेट: September 13, 2026 6:15 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए खेतों में लहलहाता गन्ना केवल एक फसल नहीं, बल्कि उनकी दीवाली, बच्चों की स्कूल फीस और रबी बुवाई (गेहूं) का एकमात्र आधार है। हर साल सितंबर आते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर) से लेकर अवध और पूर्वांचल तक एक ही सवाल हवा में तैरने लगता है — “हमारी चीनी मिल इस साल किस तारीख को चालू होगी?”

जल्दी मिल चलने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि किसान अपनी अगेती पेड़ी को काटकर खेत खाली कर लेते हैं और समय पर 15 से 25 नवंबर के बीच गेहूं की बुवाई कर लेते हैं। यदि मिल चलने में देरी हो जाए, तो गेहूं की पछेती बुवाई होती है जिससे गेहूं की पैदावार में 25% तक की गिरावट आ जाती है।

गन्ना आयुक्त लखनऊ द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों और मिल प्रबंधन द्वारा निर्धारित ‘बॉयलर पूजा एवं स्टीम ट्रायल’ (Boiler Puja & Trial Schedule) के अनुसार राज्यभर की चीनी मिलों का क्षेत्रवार संभावित पेराई कैलेंडर सामने आ चुका है।


🏭 क्षेत्रवार पेराई सत्र 2026-27 का शेड्यूल (Zonal Crushing Schedule)

उत्तर प्रदेश को भौगोलिक एवं जलवायु के आधार पर तीन प्रमुख गन्ना परिक्षेत्रों में बांटा गया है:

परिक्षेत्र (Region)प्रमुख जिलेबॉयलर पूजा अवधिपेराई शुरुआत (Crushing Start)
पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP)मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बिजनौर, सहारनपुर, बागपत, हापुड़, अमरोहा15 सितंबर – 30 सितंबर15 अक्टूबर – 28 अक्टूबर 2026
मध्य उत्तर प्रदेश (Central / Terai UP)लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं25 सितंबर – 10 अक्टूबर25 अक्टूबर – 05 नवंबर 2026
पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern UP / Purvanchal)देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, गोरखपुर, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या05 अक्टूबर – 20 अक्टूबर05 नवंबर – 15 नवंबर 2026

📋 पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख चीनी मिलों का संभावित टाइम-टेबल

पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश का सबसे सघन गन्ना उत्पादक क्षेत्र है, जहां मिलें सबसे पहले शुरू होती हैं:

चीनी मिल का नाम (Sugar Mill)जिलास्वामित्वसंभावित चलने की तारीख
खतौली (त्रिवेणी ग्रुप)मुजफ्फरनगरनिजी20 अक्टूबर 2026
मंसूरपुर (वेव इंडस्ट्रीज)मुजफ्फरनगरनिजी22 अक्टूबर 2026
टिकौला शुगर मिलमुजफ्फरनगरनिजी24 अक्टूबर 2026
दौराला शुगर मिल (DCM श्रीराम)मेरठनिजी20 अक्टूबर 2026
मवाना शुगर वर्क्समेरठनिजी22 अक्टूबर 2026
शामली शुगर मिल (अपर दोआब)शामलीनिजी25 अक्टूबर 2026
थानाभवन शुगर मिलशामलीनिजी24 अक्टूबर 2026
ऊन शुगर मिलशामलीनिजी26 अक्टूबर 2026
धामपुर शुगर मिल्सबिजनौरनिजी18 अक्टूबर 2026
स्योहारा शुगर मिल (अवध)बिजनौरनिजी20 अक्टूबर 2026
देवबंद शुगर मिल (त्रिवेणी)सहारनपुरनिजी22 अक्टूबर 2026
सिंभावली शुगर मिलहापुड़निजी26 अक्टूबर 2026
चंदनपुर शुगर मिलअमरोहानिजी22 अक्टूबर 2026

🎯 पहला इंडेंट (Indent) और पहली पर्ची किसे मिलेगी?

चीनी मिल शुरू होने से 48 घंटे पहले गन्ना समिति और मिल प्रबंधन द्वारा ‘पहला इंडेंट’ (Initial Indent) जारी किया जाता है। गन्ना आपूर्ति नीति 2026-27 के अनुसार पहली पर्चियों का आवंटन इन प्राथमिकताओं पर होता है:

  1. अगेती प्रजाति पेड़ी (Early Ratoon Priority): जिन किसानों के पास Co 0118, Co 15023 या अगेती प्रजाति की पेड़ी फसल खड़ी है, उन्हें पहली 5 पर्चियों में प्राथमिकता दी जाती है।
  2. गेहूं बुवाई वाले खेत (Wheat Sowing Plots): जिन किसानों को खेत खाली करके समय पर गेहूं बोना है, वे समिति में ‘अगेती मांग पत्र’ देकर अपना इंडेंट पहले सप्ताह में शिफ्ट करा सकते हैं।
  3. मिल गेट बनाम बाहरी क्रय केंद्र (Out-Centre): मिल गेट (Mill Gate) पर पेराई शुरू होने के 3 से 4 दिन बाद ही दूर-दराज के रोड सेंटरों (Purchase Centres) पर तौल शुरू की जाती है।

⚖️ ओवरहालिंग व घटतौली रोकने हेतु गन्ना आयुक्त के सख्त निर्देश

इस बार पेराई सत्र में किसानों के शोषण को रोकने के लिए गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने कड़े मानक लागू किए हैं:

  • 30 सितंबर तक ओवरहालिंग सर्टिफिकेट: प्रत्येक मिल को जिला गन्ना अधिकारी (DCO) को शपथ पत्र देना होगा कि मिल की रोलर मिलिंग, बॉयलर और टरबाइन पूरी तरह दुरुस्त हैं, ताकि बीच सीजन में मिल ब्रेकडाउन न हो।
  • 800 क्रय केंद्रों पर डिजिटल सीलिंग: पश्चिमी यूपी के सभी आउट-सेंटरों पर धर्मकांटों की डिजिटल जांच (Weight & Measures Inspection) होगी और तौल में 100 ग्राम की भी हेराफेरी पाए जाने पर तौल क्लर्क और मिल मालिक पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
  • सीसीटीवी व लाइव वेबकास्टिंग: सभी मिल गेटों और मुख्य क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें सीधे eGanna कंट्रोल रूम लखनऊ से मॉनिटर किया जाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्र.1: यदि मिल समय पर न चले तो किसान कहाँ शिकायत करें?

उत्तर: यदि किसी मिल ने घोषित तारीख तक पेराई शुरू नहीं की, तो किसान सीधे अपने जिले के जिला गन्ना अधिकारी (DCO) कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं अथवा टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

प्र.2: क्या मिल चलने से पहले पर्ची का मैसेज आ जाता है?

उत्तर: हाँ, मिल में पेराई शुरू होने की निर्धारित तिथि से 3 दिन पहले ही eGanna App में पर्ची लाइव हो जाती है और किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेज दिया जाता है।

प्र.3: क्रय केंद्र (Purchase Centre) आवंटित होने की सूची कब तक आएगी?

उत्तर: गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा 25 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच ‘आरक्षण एवं आवंटन आदेश’ (Reservation Order) जारी किया जाता है, जिसके बाद पता चलता है कि किस गांव का गन्ना किस मिल या क्रय केंद्र पर जाएगा।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में