उत्तर प्रदेश: एफपीओ की मदद से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, प्रदेश में स्थापित होंगे 825 नए एफपीओ 

एफपीओ के माध्यम से सामूहिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बाजार आसानी से उपलब्ध होगा।

सही दाम दिलाने और बिचौलियों से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन पर खास जोर दे रही है।

फसल उत्पादन का सही दाम दिलाने और बिचौलियों से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन पर खास जोर दे रही है।

एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन (किसान उत्पादक कंपनी) किसानों का एक समूह है, जो कृषि उत्पादन करता हो और खेती-किसानी से जड़ी व्यावसायिक गतिविधियां भी चलाएगा।

एफपीओ के तहत संगठित रूप से खेती करने के लिए सरकार सहायता भी उपलब्ध कराएगी

जिससे एक साथ खाद, बीज, दवाइयां और कृषि उपकरण खरीदने में आसान होगी।

इसके अलावा प्रासेसिंग यूनिट और स्टोरेज की व्यवस्था की जा सकती है और फसल की अच्छी कीमत प्राप्त की जा सकती है।

अगर किसान अकेले अपनी फसल को बेचने जाता है तो उसका फायदा बिचौलिया उठाता है।

एफपीओ व्यवस्था में बिचौलिये नहीं होंगे, इसलिए किसानों को उनके उत्पाद की अच्छी कीमत मिलेगी। इससे किसानों की शक्ति भी बढ़ेगी।

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