📅 Oct 8, 2026
डीएम-एडीएम खुद खेत उतरेंगे — लेकिन राहत सिर्फ उसी किसान को मिलेगी जिसका नुकसान सर्वे में दर्ज होगा। डेडलाइन नजदीक है।
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6 अक्टूबर को लखनऊ में समीक्षा बैठक में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने कहा — क्षति का आकलन सिर्फ लेखपाल-कानूनगो की रिपोर्ट पर नहीं होगा, जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी खुद क्षेत्र में जाकर सर्वे की गुणवत्ता जांचेंगे।
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राहत पोर्टल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के अनुसार फसल क्षति की फीडिंग 12 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी। जिलों में प्रगति रोजाना गूगल शीट और पोर्टल पर दर्ज होगी — देरी या अनुमानित आंकड़ों का खेल नहीं चलेगा।
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आईएमडी और एडब्ल्यूएस-एआरजी मौसम स्टेशनों के वास्तविक वर्षा आंकड़ों से डिजिटल सर्वे को मिलाकर ही नुकसान तय होगा। यानी जहां वाकई भारी बारिश या बाढ़ आई, वहीं का नुकसान मान्य होगा।
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आजमगढ़ में आंधी-ओलावृष्टि से गन्ना खेत में गिर गया; बाराबंकी, प्रतापगढ़, देवरिया, सुल्तानपुर में ओलों से गन्ने को नुकसान। फर्रुखाबाद के रजलामई में राजस्व निरीक्षक खुद पानी में घुसकर फसल देख रहे हैं।
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सर्वे के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि मिलेगी — भुगतान बैंक खाते में सीधे। खाता सक्रिय और आधार से जुड़ा रखें; नुकसान की फोटो-वीडियो अपने मोबाइल में सहेजें। राहत शिकायत: टोल-फ्री 1800-121-3203।
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