📅 Oct 21, 2026
कर्नाटक सीएम ने PM मोदी को चिट्ठी लिखी। इन 5 मांगों से यूपी के किसानों पर क्या असर पड़ेगा? आगे पढ़ें।
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चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 12 फरवरी 2019 से ₹31/किलो पर जमा है। इसी अवधि में गन्ने का FRP ₹2,750 से बढ़कर ₹3,650 प्रति टन हो चुका है — अब इस भाव को संशोधित करने की मांग है।
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मांग है कि घरेलू इस्तेमाल और बड़ी कंपनियों को बिकने वाली चीनी के लिए अलग-अलग न्यूनतम भाव हो — उपभोक्ता सुरक्षित रहें और मिलों को थोक खरीद से ज्यादा कमाई हो।
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16 अक्टूबर के करीब 11 अरब लीटर के एथनॉल टेंडर में गन्ने के रस, सिरप और बी-हैवी शीरे से बने एथनॉल की कोई बोली नहीं मांगी गई। चिट्ठी में इस फैसले की समीक्षा मांगी गई है।
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गन्ना-आधारित एथनॉल की कीमत 2022-23 से नहीं बढ़ी है। मांग है कि इसे गन्ने की लागत के हिसाब से संशोधित किया जाए। साथ ही FRP बेस रिकवरी 9.5% बहाल करने की भी मांग है।
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14 अक्टूबर को रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति बनी है, लेकिन CM का कहना है कि MSP संशोधन जैसे फैसले तुरंत भी लिए जा सकते हैं। यूपी का FRP 2026-27 ₹365/क्विंटल तय है, मगर SAP की घोषणा अभी बाकी है।
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