Cane UP 2025-26: राम-राम किसान भाइयों! कैसे हैं आप सब? उम्मीद है इस बार गन्ने की फसल लहलहा रही होगी। जैसा कि आप जानते हैं, यूपी में चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो चुका है और चारों तरफ गन्ने की कटाई का जोर है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी क्या आती है? यही न कि—”हमारी पर्ची कब आएगी?”, “कैलेंडर में हमारा सट्टा कितना है?”, या “अगला नंबर किस कॉलम में है?”
अब आपको इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने सब कुछ डिजिटल कर दिया है। नीचे दिए गए फॉर्म में अपना नाम और जिला भरें, सिस्टम 20 सेकंड में आपका डेटा खोजकर आपको कैलेंडर दिखा देगा।
Caneup.in पोर्टल क्या है और यह हमारे किस काम का है?
भाइयों, Caneup.in उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विभाग का असली और सरकारी दरवाजा है। इसे ‘गन्ना किसान सेवा पोर्टल’ भी कहते हैं। इस पोर्टल को बनाने का मुख्य मकसद यही था कि किसानों को बिचौलियों और दलालों से बचाया जा सके। पहले के समय में क्या होता था? पर्ची आती थी और उसे कोई और दबा लेता था, या फिर कैलेंडर में आपकी पर्ची को पीछे कर दिया जाता था। अब ऐसा नहीं हो सकता।
जब आप इस पोर्टल पर जाते हैं, तो आपको अपना पूरा “कच्चा-चिट्ठा” दिखाई देता है। यहाँ आपकी जमीन का सर्वे, गन्ने की वैरायटी (जैसे 0238 या कोई नई वैरायटी), आपके सट्टे की सीमा और आपकी बेसिक जानकारी (बैंक खाता और आधार नंबर) सब कुछ दर्ज होता है। अगर यहाँ कोई गलती है, तो आपकी पर्ची आने में दिक्कत हो सकती है।
यूपी की सभी चीनी मिलों की लिस्ट (District Wise Sugar Mills List UP)
किसान भाइयों, अक्सर हमें अपनी मिल का कोड पता करने में दिक्कत होती है। आपकी सुविधा के लिए, हमने उत्तर प्रदेश की सभी सहकारी (Cooperative), निगम और निजी (Private) चीनी मिलों की लिस्ट यहाँ तैयार की है। आप अपने जिले के हिसाब से अपनी मिल का नाम देख सकते हैं:
1. पश्चिम यूपी (Western UP) की प्रमुख मिलें
पश्चिम यूपी को गन्ने का कटोरा कहा जाता है। यहाँ की मिलें सबसे ज्यादा पेराई करती हैं:
- मेरठ: किनौनी (Bajaj), दौराला, मवाना, मोहिउद्दीनपुर, सकौती टांडा।
- मुजफ्फरनगर: खतौली (Triveni), मंसूरपुर, टिकौला, भैसाना, मोरना।
- सहारनपुर: गागलहेड़ी, नानौता, सरसावा, देवबंद (Triveni), शेरमऊ।
- शामली: शामली मिल (Shamli Sugar), ऊन, थानाभवन।
- बिजनौर: धामपुर, स्योहारा, बहादरपुर, बरकतपुर, बिजनौर, नजीबाबाद, चांदपुर।
- बुलंदशहर: अनूपशहर, साबितगढ़, अगौता।
- बागपत: रमाला, बागपत, मलकपुर।
- हापुड़: सिंभावली, ब्रजनाथपुर।
2. मध्य यूपी (Central UP) की मिलें
मध्य यूपी में भी गन्ने का रकबा तेजी से बढ़ा है। यहाँ की प्रमुख मिलें इस प्रकार हैं:
- लखीमपुर खीरी: गोला गोकर्णनाथ (Bajaj), पलिया, खंभारखेड़ा, गुलरिया, ऐरा, अजबापुर।
- सीतापुर: हरगांव, बिसवां, जवाहरपुर, महोली, रामगढ़।
- बरेली: फरीदपुर, बहेड़ी, मीरगंज, नवाबगंज।
- पीलीभीत: एलएच शुगर (LH Sugar), पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा।
- शाहजहांपुर: रोजा, पुवायां, निगोही, तिलहर।
- हरदोई: हरियावां, लोनी, रूपापुर, बघौली।
3. पूर्वांचल (Eastern UP) की मिलें
पूर्वांचल में भी चीनी मिलें अब अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। यहाँ की लिस्ट देखें:
- बस्ती: मुंडेरवा (नई मिल), बभनान, रुधौली।
- संत कबीर नगर: खलीलाबाद (बंद/चालू स्थिति चेक करें)।
- गोंडा: कुंदुरखी, मनकापुर, बभनान (Balrampur Group)।
- बलरामपुर: बलरामपुर चीनी मिल (BCML), तुलसीपुर, उतरौला।
- गोरखपुर: पिपराइच (नई मिल)।
- कुशीनगर: खड्डा, कप्तानगंज, ढाढा (Hata), सेवरही।
- देवरिया: प्रतापपुर।
- अयोध्या (फैजाबाद): रौजागांव।
- सुल्तानपुर: सुल्तानपुर चीनी मिल।
नोट: अगर आपकी मिल का नाम इस लिस्ट में नहीं है, तो Caneup.in पर ‘Factory’ वाले ऑप्शन में पूरी लिस्ट देख सकते हैं।
गन्ना पर्ची कैलेंडर ऑनलाइन चेक करने का विस्तृत तरीका
हमारे बहुत से किसान भाई पहली बार स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे होते हैं, उन्हें ऑनलाइन चेक करने में डर लगता है। भाइयों, डरने की कोई बात नहीं है, यह बहुत ही आसान काम है। बस इन स्टेप्स को ध्यान से पढ़िए:
1. सरकारी वेबसाइट का चुनाव: सबसे पहले गूगल खोलें और टाइप करें Caneup.in। ध्यान रहे कि आप केवल सरकारी साइट पर ही जाएं।
2. आंकड़े देखें (View Data): जैसे ही वेबसाइट खुलेगी, आपको दाईं तरफ एक बड़ा बटन दिखेगा ‘आंकड़े देखें’। इस पर क्लिक करें। यहाँ आपसे एक ‘कैप्चा कोड’ भरने को कहा जाएगा। यह 5-6 अक्षर का कोड होता है जिसे आपको नीचे वाले खाली बॉक्स में भरना होता है।
3. अपनी पहचान चुनें: अब आपको चार चीजें चुननी होंगी—अपना जिला, अपनी चीनी मिल, अपना गांव और अंत में अपना नाम। जैसे ही आप अपना नाम चुनेंगे, आपकी पूरी प्रोफाइल आपके सामने खुल जाएगी।
4. कैलेंडर देखें: प्रोफाइल खुलने के बाद नीचे कई विकल्प मिलेंगे जैसे—सर्वे डेटा, प्री-कैलेंडर, गन्ना कैलेंडर। आपको ‘गन्ना कैलेंडर’ पर क्लिक करना है। वहाँ आपको दिखेगा कि आपकी कुल कितनी पर्चियां हैं और वो किस-किस पक्ष (Fortnight) में लगी हैं।
e-Ganna App: एक ऐप, अनेक समाधान
भाइयों, अगर आप बार-बार वेबसाइट पर नहीं जाना चाहते, तो सरकार ने e-Ganna App बनाया है। इसे आप गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके फायदे ये हैं:
- इंस्टेंट नोटिफिकेशन: जैसे ही मिल से आपकी पर्ची कटेगी, आपके फोन पर घंटी बज जाएगी।
- पेमेंट हिस्ट्री: आपने पिछले साल कितना गन्ना डाला और उसका कितना पैसा मिला, इसका पूरा हिसाब यहाँ रहता है।
- सप्लाई टिकट: आप अपनी पर्ची का नंबर और उसका वजन यहीं से देख सकते हैं।
- शिकायत दर्ज करें: अगर तौल में गड़बड़ी हो रही है या पर्ची नहीं मिल रही, तो आप सीधे इसी ऐप से शिकायत कर सकते हैं।
गन्ना सट्टा और कैलेंडर की पेचीदगियां (Semantic SEO Keywords)
जब आप अपना कैलेंडर देखते हैं, तो उसमें ‘पक्ष’ (Fortnight) और ‘कॉलम’ (Column) लिखा होता है। बहुत से किसान इसमें उलझ जाते हैं। देखिए, गन्ना पेराई सत्र को 12 पक्षों में बांटा जाता है। हर पक्ष 15 दिन का होता है। यानी अगर आपकी पर्ची तीसरे पक्ष के पांचवें कॉलम में है, तो इसका मतलब है कि सीजन शुरू होने के लगभग डेढ़ महीने बाद आपकी पर्ची आएगी।
इसके अलावा, अतिरिक्त सट्टा (Additional Satta) भी बहुत जरूरी है। अगर आपकी फसल सर्वे से ज्यादा है, तो आपने अतिरिक्त सट्टे के लिए फॉर्म भरा होगा। वह आपके मुख्य कैलेंडर के साथ जुड़कर ही आता है। बेसिक कोटा (Basic Quota) वह मात्रा है जो आपने पिछले सालों में मिल को दी है, इसी के आधार पर आपकी पर्चियां बनती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ Section)
प्रश्न 1: मेरी पर्ची कैलेंडर में दिख रही है पर मैसेज नहीं आया, क्या करूँ?
उत्तर: कभी-कभी नेटवर्क की वजह से मैसेज नहीं आता। आप ई-गन्ना ऐप में देखें, अगर वहाँ पर्ची जेनरेट हो गई है, तो उसका नंबर लेकर आप तौल करवा सकते हैं।
प्रश्न 2: बैंक खाता गलत होने पर क्या करें?
उत्तर: अगर पोर्टल पर आपका खाता गलत दिख रहा है, तो तुरंत अपनी गन्ना समिति के सचिव को प्रार्थना पत्र दें और सही बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जमा करें।
प्रश्न 3: क्या मैं दूसरे की पर्ची अपने सट्टे पर डलवा सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, यह गैर-कानूनी है। इसे ‘गन्ना माफिया’ या बिचौलिया गिरी माना जाता है। पकड़े जाने पर आपका सट्टा बंद हो सकता है।
प्रश्न 4: गन्ने का इस बार का भाव क्या है?
उत्तर: यूपी में अगेती किस्म के लिए भाव ₹370 प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के लिए ₹360 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
महत्वपूर्ण लिंक्स (Farmer Quick Links)
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लेखक: Aamir Raza
आमिर रज़ा CaneUp.xyz के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। वे पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के अधिकारों के लिए लिख रहे हैं।
