d टोल फ्री: 1800-121-3203

UP Bhulekh | उत्तर प्रदेश भूलेख

खसरा खतौनी नकल ऑनलाइन | Land Records Online

अपनी जमीन का खसरा, खतौनी, नक्शा और भूलेख की जानकारी ऑनलाइन देखें

upbhulekh.gov.in | भूमि रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश

UP Bhulekh Portal तुरंत एक्सेस करें

आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी भूमि की जानकारी देखें

खसरा खतौनी

अपनी जमीन का खसरा नंबर और खतौनी की पूरी जानकारी ऑनलाइन देखें

  • • भूमि का क्षेत्रफल
  • • मालिक का नाम
  • • फसल की जानकारी
  • • भूमि का प्रकार

भू नक्शा

अपनी जमीन का नक्शा ऑनलाइन देखें और डाउनलोड करें

  • • जमीन की सीमा
  • • आसपास की जमीन
  • • प्लॉट का आकार
  • • GPS निर्देशांक

राजस्व रिकॉर्ड

भूमि से संबंधित सभी राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी

  • • भू-राजस्व
  • • लगान की जानकारी
  • • तहसील रिकॉर्ड
  • • पटवारी रिकॉर्ड

UP Bhulekh कैसे चेक करें?

स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया:

  1. 1 upbhulekh.gov.in पर जाएं
  2. 2 "खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें" पर क्लिक करें
  3. 3 अपना जिला चुनें
  4. 4 तहसील और गांव का चयन करें
  5. 5 खसरा/खतौनी नंबर डालें
  6. 6 कैप्चा भरकर "उद्धरण देखें" पर क्लिक करें

आवश्यक जानकारी:

  • जिले का नाम
  • तहसील का नाम
  • गांव का नाम
  • खसरा/खतौनी नंबर

UP भूलेख क्या है?

"भूलेख" का मतलब होता है भूमि संबंधी दस्तावेज या रिकॉर्ड। UP भूलेख एक सरकारी ऑनलाइन पोर्टल है (https://upbhulekh.gov.in), जिससे उत्तर प्रदेश के सभी लोग अपनी जमीन (खेत, प्लॉट) का ऑनलाइन रिकॉर्ड देख सकते हैं। अब आपको खतौनी, खसरा, नक्शा आदि जानने के लिए तहसील के दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से सारी जानकारी पा सकते हैं।

महत्वपूर्ण: यह सेवा बिल्कुल मुफ्त है और 24x7 उपलब्ध है।

भूलेख के फायदे:

  • घर बैठे जानकारी: जमीन से जुड़ी सारी जानकारी अब अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर मिल जाएगी
  • समय की बचत: तहसील जाने की जरूरत नहीं, फौरन जानकारी मिलती है
  • झगड़ों में कमी: जमीन किसके नाम है, यह सबको साफ पता चल जाता है
  • जरूरी दस्तावेज: खेती के लिए लोन या सरकारी योजना पाने के काम में आता है
  • भ्रष्टाचार में कमी: रिकॉर्ड पारदर्शी होने से गड़बड़ी नहीं होती
  • कागजों और समय की बचत: ऑनलाइन रिकॉर्ड की छपाई

क्या-क्या जानकारी मिलती है?

खतौनी और खसरा
  • • खतौनी – यह बताती है कि खेत या जमीन किसके नाम से है
  • • खसरा नंबर – जमीन का नंबर जिससे पता चलता है कौन सा टुकड़ा किसका है
  • • भूमि का क्षेत्रफल (एकड़, बीघा, हेक्टेयर)
  • • भूमि का वर्गीकरण
भू नक्शा और रिकॉर्ड
  • • भू नक्शा – अपनी जमीन का नक्शा (मैप) भी देख सकते हैं
  • • नामांतरण (दाखिल-खारिज) – जब जमीन बिकती है या नाम बदलता है
  • • पिछला रिकॉर्ड – पहले किसके नाम जमीन थी, यह भी देख सकते हैं
  • • हिस्सेदारी का विवरण
मालिकाना हक और राजस्व
  • • खातेदार का नाम
  • • पिता/पति का नाम
  • • मालिकाना अधिकार
  • • भू-राजस्व और लगान की दर
  • • फसल का नाम
  • • बुआई का क्षेत्रफल

उत्तर प्रदेश भूलेख का इतिहास और आवश्यकता

भारत में भूमि रिकॉर्ड रखने की परंपरा दशकों पुरानी है, लेकिन पहले ये रिकॉर्ड हाथ से तैयार होते थे और हाथों-हाथ या फाइलों में रखे होते थे। इससे सूचना पाने में बहुत दिक्कत आती थी, भ्रष्टाचार का मौका बढ़ जाता था, और दस्तावेज खोने या फर्जी होने के मामले बढ़ जाते थे।

डिजिटल इंडिया के तहत 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार ने UP भूलेख पोर्टल शुरू किया, ताकि सारे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध हों। इस पहल से आम जनता को पारदर्शिता और भरोसेमंदी मिली तथा सरकारी काम में तेजी आई।

जानकारी: उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और यहाँ कृषि क्षेत्र की महत्ता अत्यधिक है। किसानों और ज़मींदारों के लिए अपनी जमीन का रिकॉर्ड जानना जरूरी होता है।

भूलेख के कुछ शब्दों का अर्थ:

महत्वपूर्ण शब्दावली
  • खतौनी (Khatoni): जमीन के मालिक का लेखा जोखा
  • खसरा (Khasra): जमीन का टुकड़ा या प्लॉट का नंबर
  • दाखिल-खारिज (Mutation): जमीन के मालिक के बदलने का रिकॉर्ड
  • रेजिस्टर 2: भूमि के कब्जे और मुआवजे से संबंधित रिकॉर्ड
UP भूलेख पोर्टल की मुख्य विशेषताएँ
  • • ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध: कंप्यूटर पर सुरक्षित रिकॉर्ड
  • • सार्वजनिक खुलापन: हर कोई इंटरनेट से देख सकता है
  • • संपत्ति विवादों में कमी: असली मालिक की पहचान आसान
  • • सरकारी योजनाओं में सहूलियत: जरूरी डाक्यूमेंट घर बैठे
  • • 24×7 सेवा: दिन-रात कभी भी उपलब्ध

UP भूलेख की सीमाएँ और सावधानियाँ

सीमाएँ:

  • इंटरनेट आवश्यकता: इंटरनेट न होने की वजह से कुछ ग्रामीणों को दिक्कत होती है।
  • टेक्निकल ज्ञान: सभी ग्रामीण लोग वेबसाइट इस्तेमाल करना नहीं जानते।
  • रिकॉर्ड अपडेट में देरी: दाखिल-खारिज अपडेट होने में समय लग सकता है।
  • प्रमाणित कॉपी: ऑनलाइन रिकॉर्ड को सरकारी काम में इस्तेमाल करने के लिए तहसील से प्रमाणित करवाना पड़ता है।

सावधानियाँ:

महत्वपूर्ण सावधानी: अपनी जमीन की जानकारी सुरक्षित रखें, अन्य लोग भी ऑनलाइन देख सकते हैं।

  • सही जानकारी डालें, गलत जानकारी से खोज में परेशानी हो सकती है।
  • सरकारी कार्यों के लिए प्रमाणित प्रति प्राप्त करें।
  • अगर जानकारी गलत दिखे तो तुरंत लेखपाल या तहसील में संपर्क करें।
  • सार्वजनिक कंप्यूटर पर लॉगिन करने के बाद लॉगआउट करना न भूलें।

UP भूलेख से जुड़ी सरकारी योजनाएं और भविष्य की दिशा

उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटलीकरण को बढ़ावा दे रही है जिससे छोटे-छोटे गाँव तक गरीब किसानों को भी भूलेख की जानकारी आसानी से मिले। मोबाइल ऐप्स, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), और आधार से लिंकिंग जैसे कदम लिए जा रहे हैं।

सरकार आगे बढ़कर भूमि रिकॉर्ड को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और आसान बनाने के लिए नए फीचर्स जोड़ रही है ताकि झगड़ों में कमी आए और किसानों को सही लाभ मिले।

भविष्य की योजना: भविष्य में मोबाइल ऐप्स और आधार लिंकिंग से भूलेख सेवाएं और भी सरल होंगी।

भूलेख से जुड़ी सरकारी योजनाएं:

प्रमुख योजनाएं
  • डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि - भूलेख के आधार पर लाभ
  • फसल बीमा योजना - भूमि रिकॉर्ड के आधार पर
  • किसान क्रेडिट कार्ड - भूमि स्वामित्व के प्रमाण के लिए
भविष्य के विकास
  • • मोबाइल ऐप्लिकेशन विकास
  • • आधार से लिंकिंग
  • • ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग
  • • सैटेलाइट मैपिंग इंटीग्रेशन
  • • वन-क्लिक सर्विसेज

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP Bhulekh क्या है?

UP Bhulekh उत्तर प्रदेश सरकार का भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है जहाँ आप अपनी जमीन की सभी जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे आपको तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

खसरा खतौनी कैसे देखें?

upbhulekh.gov.in पर जाएं, "खसरा/खतौनी देखें" ऑप्शन चुनें, अपना जिला, तहसील, गाँव चुनें, जमीन मालिक का नाम या खाता/खसरा नंबर डालें और "देखें" या "सर्च" बटन दबाएं।

क्या यह सेवा निःशुल्क है?

हाँ, इसे देखने के लिए इंटरनेट चार्ज के अलावा कोई सरकारी फीस नहीं है। यह सेवा 24 घंटे, 7 दिन उपलब्ध है।

भू-नक्शा कैसे डाउनलोड करें?

नक्शा देखने के लिए अलग साइट - https://upbhunaksha.gov.in पर जाकर अपना जिला, तहसील, गांव चुनें और फिर अपने प्लॉट का नक्शा डाउनलोड कर सकते हैं।

क्या साइट से निकाली गई कॉपी मान्य है?

जानकारी के लिए मान्य है, लेकिन अगर सरकारी काम में लगे तो दफ्तर से प्रमाणित कॉपी ले लें।

अगर जानकारी गलत दिखे तो क्या करें?

अगर कोई जानकारी गलत दिखे तो गांव के लेखपाल या तहसील में संपर्क करें।

जमीन का खाता या खसरा नंबर ना पता हो तो क्या करें?

आप मालिक का नाम, गाँव, और तहसील डालकर जानकारी देख सकते हैं। यह विकल्प भी पोर्टल पर उपलब्ध है।

UP भूलेख की ऑनलाइन नोटिस सरकारी काम में मान्य होती है?

ऑनलाइन रिकॉर्ड जानकारी के लिए मान्य होती है, लेकिन यदि ज़रूरी हो तो तहसील कार्यालय से प्रमाणित प्रति लेना आवश्यक है।

क्या मैं किसी और की जमीन का रिकॉर्ड देख सकता हूँ?

हाँ, UP भूलेख पोर्टल पर किसी भी जमीन का रिकॉर्ड देखा जा सकता है। यह एक सार्वजनिक रिकॉर्ड है।